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Haryana News: हरियाणा सरकार बनाएगी भूमि बैंक, कैबिनेट बैठक में लैंड पूलिंग नीति को दी मंजूरी

Fri, 29 Jul 2022 04:07 PM IST
निवेदिता वर्मा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़ Published by: निवेदिता वर्मा Updated Fri, 29 Jul 2022 04:07 PM IST
सार

हरियाणा सरकार ने वाहन मालिकों को बड़ी राहत दी है। विभिन्न श्रेणियों के मोटर वाहनों पर लगाए जाने वाले कर की जुर्माना दरों को युक्तिसंगत बनाने के लिए संशोधित किया गया है। संशोधित दरों के प्रस्ताव को मंत्रिमंडल ने मंजूरी दे दी।

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Haryana cabinet approves Haryana Land Pooling Policy-2022
हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल। - फोटो : एएनआई

विस्तार

हरियाणा सरकार शहरीकरण और औद्योगीकरण को बढ़ावा देने के लिए भूमि बैंक बनाने जा रही है। शुक्रवार को चंडीगढ़ में मुख्यमंत्री मनोहर लाल की अध्यक्षता में हुई मंत्रिमंडल की बैठक में हरियाणा लैंड पूलिंग पॉलिसी-2022 को मंजूरी दे दी गई। भूमि मालिक विकास प्रक्रिया में भागीदार होंगे। नीति का मुख्य उद्देश्य भूमि आवंटन को खाली जमीन (रॉ लैंड) की लागत से जोड़कर किसानों को अधिकतम लाभ देना है। 

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नीति के विभिन्न चरणों की समय सीमा निर्धारित की गई है। इससे भूमि मालिकों के हितों को सुरक्षित रखकर समयबद्ध तरीके से भूमि विकास किया जाएगा। विकास में भागीदार बनने के इच्छुक किसानों की स्वेच्छा से जमीन खरीदी जाएगी। भूमि मिलने पर हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण (एचएसवीपी) प्रकाशित विकास योजना में शहरी क्षेत्र के भीतर स्थित आवासीय, वाणिज्यिक, संस्थागत और बुनियादी ढांचे का विकास करेगा। इसके अलावा हरियाणा राज्य औद्योगिक एवं अवसंरचना विकास निगम लिमिटेड (एचएसआईआईडीसी) भी हरियाणा में औद्योगिक, बुनियादी ढांचे या संस्थागत उद्देश्यों के लिए विकास कार्य सिरे चढ़ाएगा।
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सरकार विभाग, बोर्ड, निगम या अपने स्वामित्व, नियंत्रण वाले किसी अन्य संगठन को विकास कार्यों के लिए अधिकृत कर सकती है। यह बेहद जरूरी होने पर ही किया जाएगा। यह नीति भूमि की पेशकश करने वाले किसानों और भूमि बैंक बनाने वालों पर ही लागू होगी। भूमालिकों को भूमि अधिकार प्रमाण पत्र जारी किया जाएगा।
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ये रहेगी आवेदन करने की प्रक्रिया
नीति के तहत कोई भी भूमि मालिक सीधे या एग्रीगेटर के माध्यम से आवेदन मांगने के 60 दिनों के भीतर परियोजना के लिए भूमि की पेशकश कर सकेंगे। इस अवधि को आवश्यकता अनुसार बढ़ाया भी जा सकता है, जो 30 दिनों से अधिक नहीं होगी। आवेदन के लिए कोई शुल्क नहीं होगा। भूमि मालिक परियोजना के लिए प्रस्तावित भूमि के विवरण के साथ विकास संगठन की वेबसाइट पर अपना आवेदन ऑनलाइन जमा करेंगे। मैनुअल रूप से जमा किसी भी आवेदन पर विचार नहीं किया जाएगा, ऐसे आवेदन खारिज कर दिए जाएंगे।

आवंटन मानदंड

  • भूमालिक भूमि के बदले विकसित भूमि भी ले सकते हैं। यह परियोजना की कुल लागत में भूमि मालिकों की दी गई अविकसित भूमि के बाजार मूल्य पर आधारित होगी।
  • विकास परियोजना के लिए योगदान करने वाले प्रत्येक भूमालिक को वार्षिक अंतरिम वित्तीय सहायता प्रदान की जाएगी, जिसे परियोजना की कुल लागत में शामिल किया जाएगा।
  • यदि एग्रीगेटर के माध्यम से भूमि की पेशकश की जाती है तो एग्रीगेटर पारिश्रमिक प्राप्त करने का पात्र होगा। बशर्ते कि पारिश्रमिक 0.5 प्रतिशत से कम न हो।


वाहन मालिकों को बकाया पर प्रति माह तीन प्रतिशत जुर्माना
हरियाणा सरकार ने वाहन मालिकों को बड़ी राहत दी है। विभिन्न श्रेणियों के मोटर वाहनों पर लगाए जाने वाले कर की जुर्माना दरों को युक्तिसंगत बनाने के लिए संशोधित किया गया है। संशोधित दरों के प्रस्ताव को मंत्रिमंडल ने मंजूरी दे दी। निर्धारित समय में मोटर वाहन के देय कर का भुगतान नहीं करने पर अब तीन प्रतिशत प्रति माह की दर से जुर्माना लगेगा। बकाया राशि जमा न करने पर अभी 0.5 प्रतिशत प्रतिदिन की दर से जुर्माना लगाया जाता था।

यह प्रतिमाह 15 प्रतिशत बनता था। इसके अलावा जुर्माने पर एक प्रतिशत प्रतिमाह की दर से साधारण ब्याज अलग से लगता है। सरकार ने कर प्रशासन को तर्कसंगत, सरल और कुशल बनाने के लिए दरें संशोधित की हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि जुर्माने की दर अधिक थी, जिससे वाहन मालिकों पर बोझ पड़ रहा था। 

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