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Haryana Cabinet Meeting: पट्टेदारों को मालिकाना हक, गांव-शहर में गरीबों को घर, युवाओं को नौकरी देगी सरकार
Fri, 12 Jul 2024 12:28 PM IST
निवेदिता वर्मा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
Published by: निवेदिता वर्मा
Updated Fri, 12 Jul 2024 12:28 PM IST
सार
मंत्रिमंडल की बैठक में हरियाणा ग्राम साझी भूमि (विनियमन) अधिनियम 1961 में और संशोधन करने के लिए अध्यादेश लाने को मंजूरी दी गई। इसके तहत पूर्वी पंजाब भूमि उपयोग अधिनियम 1949 के तहत 20 वर्ष की अवधि के लिए जिन लोगों को खेती के लिए पट्टे के आधार पर भूमि आवंटित की गई थी, उस भूमि को तत्काल प्रभाव से अब शामलात देह के दायरे से बाहर रखा जाएगा।
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हरियाणा कैबिनेट की मीटिंग
- फोटो : PTI
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विस्तार
सीएम नायब सिंह सैनी की अध्यक्षता में आयोजित हरियाणा मंत्रिमंडल की बैठक में राज्य सरकार ने कई राहतों को मंजूरी दी। बैठक में रोजगार की दिशा में कदम बढ़ाते हुए सरकार ने मिशन @60,000 को स्वीकृति दी। इस योजना के तहत पहले चरण में पांच हजार लोगों को रोजगार दिया जाएगा। वहीं, सरकार शहर और गांवों में गरीबों को घर मुहैया करवाएगी। शहर में आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों के एक लाख परिवारों को शहरों में किफायती आवास उपलब्ध करवाया जाएगा।
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गांवों में उन लोगों को आवास दिया जाएगा जिन्हें महात्मा गांधी ग्रामीण बस्ती योजना के तहत पिछले 15 वर्षों में आवासीय प्लाट का कब्जा नहीं मिला। इसके साथ ही 20 साल की अवधि के लिए पट्टे के आधार पर जिन लोगों को खेती के लिए भूमि दी गई थी, उस भूमि का मालिकाना हक उन्हें दिया जाएगा। साथ ही जिन लोगों ने घर बना लिया है, उन्हें बिक्री के हिसाब से मालिकाना हक दिया जाएगा। इससे पंचायतों को उन पुराने मामलों को नियमित करने में मदद मिलेगी, जिनमें निवासियों ने पंचायती जमीन पर मकान बनाए हैं। साथ ही जमीन की बिक्री से पंचायतों को आय भी होगी। इससे राज्य भर की विभिन्न अदालतों में लंबित कई मुकदमे भी खत्म हो जाएंगे।
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मिशन 60 हजार के तहत सरकार आईटी पृष्ठभूमि वाले युवाओं (स्नातक/स्नातकोत्तर) को तीन महीने की अवधि के लिए एक विशेष कोर्स करवाएगी और उसके बाद उन्हें विभागों/बोर्डों/निगमों/जिलों/पंजीकृत समितियों/एजेंसियों या निजी संस्थाओं में तैनात किया जाएगा। इस नीति के तहत आईटी सक्षम युवा को पहले छह महीने में 20,000 रुपये का मासिक वेतन दिया जाएगा। सातवें महीने से 25,000 रुपये मासिक दिया जाएगा। यदि किसी आईटी सक्षम युवा को तैनात नहीं किया जा सकेगा तो उस स्थिति में सरकार उसे 10,000 रुपये प्रतिमाह बेरोजगारी भत्ता देगी। सरकार इन प्रशिक्षित आईटी सक्षम युवाओं को रोजगार के अवसर प्रदान करने में सुविधा भी देगी।
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पट्टेदारों को मिलेगा मालिकाना हक
मंत्रिमंडल की बैठक में हरियाणा ग्राम साझी भूमि (विनियमन) अधिनियम 1961 में और संशोधन करने के लिए अध्यादेश लाने को मंजूरी दी गई। इसके तहत पूर्वी पंजाब भूमि उपयोग अधिनियम 1949 के तहत 20 वर्ष की अवधि के लिए जिन लोगों को खेती के लिए पट्टे के आधार पर भूमि आवंटित की गई थी, उस भूमि को तत्काल प्रभाव से अब शामलात देह के दायरे से बाहर रखा जाएगा। इस निर्णय से राज्य के हजारों किसानों को लाभ मिलेगा, जो दशकों से ऐसी जमीन पर खेती कर रहे हैं। इसके अलावा मूल पट्टेदार, हस्तान्तरित व्यक्ति या उनके कानूनी उत्तराधिकारी को स्वामित्व अधिकारों के ग्राम पंचायत को एक राशि का भुगतान करना होगा। किसान जब आवेदन करेंगे तो इसकी राशि सरकार की ओर से निर्धारित की जाएगी। इसके साथ ही ऐसी पंचायती भूमि का स्वामित्व गांव के उन निवासियों को बिक्री द्वारा हस्तांतरित किया जाएगा, जिन्होंने 31 मार्च 2004 तक अपने घर का निर्माण कर लिया है। मगर यह घर अधिकतम 500 वर्ग गज तक (खुली जगह सहित) होने चाहिए।
बिक्री दर बाजार शुल्क से कम नहीं होगी।
शहर में एक लाख लोगों को मिलेगा आवास मंत्रिमंडल ने मुख्यमंत्री शहरी आवास योजना के लिए नीति को मंजूरी दी। इस नीति के तहत राज्य के उन सभी गरीब परिवारों को आवास सुविधाएं प्रदान की जाएंगी, जिनके पास या तो शहरी क्षेत्रों में अपना घर नहीं है या वे वर्तमान समय में कच्चे घरों में रहते हैं। शुरुआत में इस योजना के तहत एक लाख आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों को आवास उपलब्ध कराना है। योजना का लाभ उन्हीं को मिलेगा जिनके पास परिवार पहचान पत्र (पीपीपी) हो या 1.80 लाख वार्षिक आय हो। इसके तहत प्रत्येक पात्र परिवार के लिए एक मरला (30 वर्ग गज) का प्लॉट देने का प्रावधान है, जिससे उन्हें अपना पक्का मकान बनाने की अनुमति मिलेगी। राज्य सरकार सभी के लिए आवास विभाग के माध्यम से आवश्यक भूमि उपलब्ध कराएगी। इसमें घुमंतू जाति, विधवाएं, अनुसूचित जाति और अन्य को लाभार्थियों को वरीयता दी जाएगी। इस योजना के तहत अब तक 2.89 लाख आवेदकों ने फ्लैट या प्लॉट की मांग दर्ज की, जिनमें से 1.51 लाख ने प्लॉट और 1.39 लाख ने फ्लैट के लिए आवेदन किया।
महात्मा गांधी योजना में जिन्हें घर नहीं मिला, उन्हें भी मिलेगा आवास
मंत्रिमंडल की बैठक में मुख्यमंत्री ग्रामीण आवास योजना को भी मंजूरी दी गई है। इसके तहत उन लोगों को आवास दिया जाएगा, जिन्हें महात्मा गांधी ग्रामीण बस्ती योजना के तहत पिछले 15 वर्षों में
आवासीय प्लाट का कब्जा नहीं मिला। ऐसे लाभार्थियों को सरकार अधिकतम एक लाख रुपये वित्तीय सहायता या 100 वर्ग गज तक के आवासीय प्लॉट की वास्तविक कीमत, जो भी कम हो मुहैया करवाएगी। यह योजना दो वर्ष के लिए लागू होगी। यह योजना ऐसे लाभार्थियों को लाभ सुनिश्चित करेगी, जिन्हें महात्मा गांधी ग्रामीण बस्ती योजना के तहत प्लॉट तो आवंटित हुए लेकिन पिछले 15 वर्षों में प्लॉट का कब्जा नहीं मिला। ग्रामीण विकास विभाग की तरफ से ऐसे चिन्हित लाभार्थियों की सूची जारी की जाएगी। इस सूची के आधार पर हाउसिंग फॉर ऑल विभाग लाभार्थियों को अधिकार पत्र जारी करेगा। यह अधिकार पत्र जारी होने की तिथि से एक वर्ष के लिए मान्य होगा। इन पत्रों पर क्यू आर कोड (विशिष्ट पहचान कोड) अंकित होगा।