हरियाणाः ग्राम सभा को मिला शराब ठेका बंद करने का अधिकार, पढ़ें नई कैबिनेट के अहम फैसले
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हरियाणा की नई भाजपा-जजपा सरकार ने अपने वादों को हकीकत में बदलने का काम शुरू कर दिया है। सोमवार को मंत्रिमंडल बैठक में भाजपा-जजपा ने अपने संकल्प और जनसेवा पत्र के एक और वादे पर मुहर लगा दी। गांवों में शराब ठेके बंद करने का अधिकार सरकार ने ग्राम सभा को दे दिया है। अभी तक ठेके बंद करने के लिए हर साल पंचायतें आबकारी एवं कराधान विभाग को प्रस्ताव भेजती थी।
मुख्यमंत्री मनोहर लाल की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक ने इसमें संशोधन कर दिया है। अब ठेके बंद करने का निर्णय ग्राम सभा में होगा। ठेका बंद करने के लिए कोरम में पंचायत के कुल पंजीकृत मतदाताओं में से दस फीसदी मतदाताओं का प्रस्ताव पास करना जरूरी है। इसके लिए हरियाणा पंचायती राज अधिनियम, 1994 की धारा 31 में संशोधन विधेयक लाने का कैबिनेट में सैद्धांतिक निर्णय लिया गया।
26 नवंबर को विधानसभा के विशेष सत्र में संशोधन विधेयक को मंजूरी मिलते ही ग्राम पंचायत के स्थानीय क्षेत्र में शराब पर प्रतिबंध लगाने की शक्तियां ग्राम सभा को सौंप दी जाएंगी। इसके अलावा बैठक में संविधान को अपनाने की 70वीं वर्षगांठ पर 26 नवंबर को विधानसभा का एक दिवसीय विशेष सत्र बुलाने का निर्णय लिया गया है।
सरकार ने मंत्रियों का मकान किराया भत्ता भी बढ़ा दिया है। मंत्रियों को अब मकान किराया 50 हजार की जगह 80 हजार व बिजली-पानी के किराए के लिए बीस हजार रुपये अलग से मिलेंगे। प्रदेश में विदेश सहयोग विभाग भी स्थापित किया जाएगा।
पहली अप्रैल से 31 दिसंबर तक भेज सकेंगे ठेके बंद करने का प्रस्ताव
शराब ठेकों पर प्रतिबंध लगाने के लिए अगले वर्ष से पहली अप्रैल से 30 सितंबर की बजाय 31 दिसंबर तक ग्राम सभा अपना प्रस्ताव पारित कर आबकारी एवं कराधान विभाग को भेज सकती हैं। मंत्रिमंडल ने यह भी निर्णय लिया है कि इस बार ग्राम सभा अपना प्रस्ताव 31 अक्टूबर की बजाय 15 जनवरी 2020 तक आबकारी और कराधान विभाग के कार्यालय में भेज सकेंगी। जिनके आधार पर गांवों में ठेके बंद कर दिए जाएंगे।
विशेष सत्र में संविधान पर होगी चर्चा: मनोहर लाल
मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने कैबिनेट बैठक के बाद पत्रकार वार्ता में कहा कि 26 नवंबर 2019 को संविधान दिवस के अवसर पर हरियाणा विधानसभा के एक दिवसीय विशेष सत्र में संविधान पर विशेष चर्चा होगी। इसी दिन गांव की सीमा से बाहर शराब के ठेके खोलने के लिए ग्राम पंचायत की बजाय ग्राम सभा में कुल पंजीकृत मतदाताओं में से 10 प्रतिशत मतदाताओं के प्रस्ताव को मंजूरी देने के लिए बिल भी लाया जाएगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार के अलावा निजी क्षेत्र के लोग भी नशा मुक्ति केंद्र चला रहे हैं। मादक पदार्थों की तस्करी करने वालों के खिलाफ धरपकड़ के लिए राज्य टॉस्क फोर्स पहले ही गठित की जा चुकी है और अब जिला स्तर पर टॉस्क फोर्स का गठन किया जाएगा। नशे की सप्लाई चैन को तोड़ना ही हमारा उद्देश्य है। नशे के खिलाफ शिक्षा, खेल एवं युवा मामले विभाग समय-समय पर जागरूकता अभियान चला रहा है। स्वास्थ्य विभाग नशा मुक्ति केंद्रों में नशे की प्रवृत्ति वाले युवाओं का इलाज करवाता है।
30 नवंबर तक पोर्टल पर दें रबी फसलों की जानकारी
मुख्यमंत्री ने कहा कि 30 नवंबर 2019 तक किसान अपनी रबी फसलों की जानकारी ‘मेरा फसल-मेरा ब्योरा’ पोटर्ल पर दे सकते हैं। इसके बाद कृषि एवं किसान कल्याण, राजस्व विभाग आंकड़ों को सत्यापित करेगा। उन्होंने बताया कि हरियाणा में पांच प्रकार के उद्योग ऊर्जा उत्पादन या अन्य उद्देश्यों के लिए पराली की खरीद करते हैं। भारतीय तेल निगम पानीपत में इथेनॉल का बड़ा उद्योग लगा रहा है।
मंत्रियों के किराया, बिजली, पानी भत्ता बढ़ा
हरियाणा सरकार ने मंत्रियों के मकान किराया भत्ते को संशोधित करने का निर्णय लिया है। जिसके तहत मंत्रियों को बिजली और पानी के शुल्क को शामिल करते हुए 50 हजार रुपये से लेकर 80 हजार और साथ में 20 हजार रुपये अलग भत्ता दिया जाएगा, जोकि हरियाणा मंत्री भत्ते नियम, 1972 के नियम 10-एए के संशोधन के अनुसार कुल 1 लाख रुपये प्रतिमाह होगी।
कैबिनेट मीटिंग पर उक्त प्रस्ताव पर मुहर लग गई है। नए नियमों को हरियाणा मंत्री भत्ते (संशोधन) नियम, 2019 कहा जाएगा। मंत्रियों के लिए स्वीकार्य सभी भत्तों को सरकार ने अप्रैल 2016 से या उसके बाद मकान किराया भत्ते को छोड़कर संशोधित किया था, जिसे पिछली बार जून 2011 में संशोधित किया गया था।
जीएसटी मामलों के लिए सीएम प्राधिकृत
मंत्रिमंडल की बैठक के दौरान राज्य में माल एवं सेवा कर के कार्यान्वयन से संबंधित सभी मामलों के लिए मुख्यमंत्री को छह महीने की अवधि के लिए प्राधिकृत किया गया है, जिसमें नये नियमों के निर्धारण और कर की दर, संशोधन और अधिनियम के तहत अधिसूचना जारी करने जैसे कार्य शामिल हैं।
कैबिनेट में इन बिंदुओं पर भी चर्चा
- धान की खरीद हो चुकी है, 55 लाख मीट्रिक टन के टारगेट से ज्यादा 63 लाख मीट्रिक टन की खरीद हुई। राइस मिल्स की अव्यवस्था दूर करने के लिए खाद्य आपूर्ति विभाग रखेगा नजर।
- प्राइवेट सेक्टर की नौकरियों में 75 फीसदी आरक्षण का नियम पहले से है, लेकिन कोई मैकेनिज्म नहीं है, रोजगार का डाटा मगंवाया गया है, उसके हिसाब से आगे बढ़ेंगे।
- पराली जलाने पर रोक लगे इसके लिए 1000 हजार रुपये प्रति क्विंटल उन किसानों को देंगे जो गांठ बनाएंगे। जो किसान पराली जलाएंगे उनको मुआवजा नहीं।
- पराली पर सरकार गंभीर है। रविवार को पराली जलाने पर 45 एफआईआर दर्ज की गईं। सभी को गिरफ्तार किया गया है।
विदेशी मिशनों से जुड़ेगा हरियाणा, अंतर्राष्ट्रीय विजन भी बढ़ेगा
इस उद्देश्य हरियाणा सरकार ने निवेश को बढ़ावा देने, हरियाणा के युवाओं के लिए रोजगार और अप्रवासी भारतीय (एनआरआई)/ भारतीय मूल के व्यक्ति (पीआईओ) के लिए राज्य सरकार द्वारा की गई विभिन्न पहलों को सुव्यवस्थित करना है। यह विभाग विदेशों के प्रांतों के साथ अंतर्राष्ट्रीय सहयोग बढ़ाने और जुड़े हुए प्रांतों के शहरों के साथ जुड़ाव और भारत सरकार के विदेश मंत्रालय के ट्विनसिटीज के कार्यक्रमों के लिए भी काम करेगा।
नया विभाग सार्वजनिक और निजी क्षेत्र के संगठन में सहयोग को शामिल करने के साथ-साथ निवेश को बढ़ावा देने, राज्य में रोजगार, शिक्षा और कौशल विकास और हरियाणवी संस्कृति के संवर्धन और हरियाणवी प्रवासी लोगों के कल्याण, द्विपक्षीय और बहुपक्षीय मंचों पर भागीदारी को बढ़ावा देने का काम करेगा। इसके अलावा, विदेश मंत्रालय के परामर्श से विदेशी व्यापार और निवेश के क्षेत्र में विदेशों में राज्य के हित को बढ़ावा देने के लिए विभाग द्विपक्षीय कार्य समूहों में भागीदारी भी करेगा।
विभाग निवेश, रोजगार, शिक्षा, कौशल विकास, और संस्कृति और एनआरआई, पीआईओ के मामलों के संबंध में हरियाणा से संबंधित मामलों पर नई दिल्ली में भारतीय मिशनों, विदेश मंत्रालय, विदेशी मिशनों के साथ संपर्क बनाए रखेगा। इसके अलावा, यह वैश्विक देश के विपणन और संचार रणनीतियों के विकास के लिए भी काम करेगा ताकि हरियाणवी प्रवासी के साथ मजबूत संबंध सुनिश्चित किए जा सकें। उल्लेखनीय है कि हरियाणवी प्रवासी की यूके, यूएसए, कनाडा, ऑस्ट्रेलिया और न्यूजीलैंड जैसे देशों में एक मजबूत उपस्थिति है।