यमुनानगर, कैथल और सिरसा में बनेंगे मेडिकल कॉलेज, दिल और कैंसर पीड़ितों का ख्याल रखेगी सरकार
- दिल की तकलीफ जान न ले, इसलिए सार्वजनिक स्थानों पर रखी जाएगी ‘सोरबिट्रेट’ की गोली।
- जिला अस्पतालों में कैंसर पीड़ितों के लिए कीमोथैरेपी की सुविधा शुरू होगी।
- सभी जिलों में कैथ लैब, एमआरआई, सिटी स्कैन व डायलसिस सुविधा देने का दावा।
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आपके दिल का ख्याल अब हरियाणा सरकार की जिम्मेदारी होगी। दिल की कोई भी बीमारी जानलेवा न बने। इसके लिए बजट में सरकार ने कई तरह की नई योजनाएं लागू करने की घोषणा की है। जिसके तहत सार्वजनिक स्थानों पर ‘सोरबिट्रेट’ की गोलियां उपलब्ध करवाना और सभी जिलों में कैथ लैब खोले जाने का एलान किया गया है।
इस साल स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण क्षेत्र के लिए वर्ष 2020-21 में 6533.75 करोड़ रुपये आवंटित करने का प्रस्ताव किया है। प्रस्तावित परिव्यय में स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण के लिए 4201.16 करोड़ रुपये, चिकित्सा शिक्षा एवं अनुसंधान के लिए 1701.50 करोड़ रुपये, आयुष के लिए 353.29 करोड़ रुपये, कर्मचारी राज्य बीमा स्वास्थ्य देखभाल के लिए 237.85 करोड़ रुपये और खाद्य एवं औषध प्रशासन के लिए 39.94 करोड़ रुपये शामिल हैं।
सरकार ने दावा किया है कि एमआरआई, सीटी स्कैन, कैथ लैब और डायलिसिस की सुविधा के साथ-साथ वर्ष 2020-21 में ही सभी जिला अस्पतालों में कैंसर के इलाज के लिए कीमोथरेपी का प्रावधान भी किया जाएगा।‘सोरबिट्रेट’ की गोली प्रथम सहायता के रूप में रेलवे स्टेशनों, बस स्टैंडों, अनाज मंडी इत्यादि प्रमुख सार्वजनिक स्थानों पर मुफ्त रखी जाएगी, ताकि किसी भी नागरिक को अचानक दिल से संबंधित तकलीफ जानलेवा न हो जाए।
जिला यमुनानगर, कैथल तथा सिरसा में तीन नए सरकारी मेडिकल कॉलेज भी बनाने का निर्णय लिया है। इसके अलावा, जिला भिवानी, जींद, महेंद्रगढ़ तथा गुरुग्राम में चार और सरकारी मेडिकल कॉलेज खोले जा रहे हैं, जिनके लगभग दो से तीन वर्षों में शुरू होने की संभावना है। इसके अतिरिक्त कुटेल, करनाल में पंडित दीनदयाल उपाध्याय यूनिवर्सिटी ऑफ हेल्थ सांइसेस तथा नल्हड़, मेवात सरकारी मेडिकल कॉलेज में एक सरकारी डेंटल कॉलेज भी खोला जा रहा है।
राज्य में गंभीर बीमारियों से ग्रस्त मरीजों की सुविधा के लिए प्रदेश के सरकारी मेडिकल कॉलेजों मे वेंटीलेटर की संख्या 190 से बढ़ाकर 400 कर दी जाएगी। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य विभाग की 27 नई एएलएस एंबुलेंस को वर्तमान में चल रही 21 एंबुलेंसों के साथ जोड़ने की योजना है। सभी जिला अस्पताल व सब-डिवीजन अस्पताल कवर हो सकेंगे।
इसके अतिरिक्त, 47 अतिरिक्त मोबाइल मेडिकल यूनिट प्रस्तावित हैं ताकि एक मोबाइल मेडिकल यूनिट कम से कम दो सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों को कवर कर सके। यह मोबाइल मेडिकल यूनिट गांव-गांव जाकर ग्राम स्तर पर स्वास्थ्य जांच कराएगी।