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Hindi News ›   Chandigarh ›   Haryana Budget: Big blow to The players from Haryana budget 2020

Haryana Budget: खिलाड़ियों को प्रदेश के बजट से मायूसी, खुराक भत्ता भी समय पर नहीं मिलता

Sat, 29 Feb 2020 12:25 AM IST
ajay kumar अंकित चौहान, अमर उजाला, सोनीपत (हरियाणा)
अंकित चौहान, अमर उजाला, सोनीपत (हरियाणा) Published by: ajay kumar Updated Sat, 29 Feb 2020 12:25 AM IST
सार

  • उच्च प्रदर्शन प्रशिक्षण केंद्र तैयार होने के बाद ही खिलाड़ियों को सुविधा बढ़ने की उम्मीद।
  • व्यायामशाला की हालत लगातार बिगड़ती जा रही, वेलनेस सेंटर कैसे शुरू किए जा सकेंगे।

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Haryana Budget: Big blow to The players from Haryana budget 2020
हरियाणा बजट। - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

केंद्र सरकार के बजट से खिलाड़ियों को कुछ नहीं मिलने के बाद अब उन्हें अपने प्रदेश के बजट से भी मायूसी मिली है। विधानसभा में शुक्रवार को पेश बजट में खिलाड़ियों का खुराक भत्ता भले ही बढ़ाया गया हो लेकिन उससे चंद खिलाड़ियों को फायदा मिलेगा। बजट में खिलाड़ियों की सुविधा के लिए कोई नई योजना की घोषणा भी नहीं हो सकी है। हालांकि उच्च प्रदर्शन प्रशिक्षण केंद्र जमीनी स्तर पर तैयार होने के बाद खिलाड़ियों के लिए कुछ सुविधाएं बढ़ सकती हैं। 

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सरकार की ओर से जहां 2019-20 में खेल विभाग के लिए 351.17 करोड़ रुपये के बजट की घोषणा की गई थी, वहीं इस बार बजट को बढ़ाकर 399.09 करोड़ रुपये कर दिया गया है। खिलाड़ियों का खुराक भत्ता भले ही 150 से बढ़ाकर 250 रुपये प्रतिदिन कर दिया गया हो लेकिन इससे नर्सरी के चंद खिलाड़ियों को ही फायदा मिलेगा। वह फायदा भी उस हालात में मिलेगा, जब उनको समय पर रुपया दिया जाएगा। फिलहाल स्थिति यह है कि खिलाड़ियों को इस खुराक भत्ते के लिए कई-कई महीने तक इंतजार करना पड़ता है।
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पिछले कई सालों में ऐसा भी हुआ है कि वित्तीय वर्ष बदलने पर यह भत्ता दिया गया। उच्च प्रदर्शन प्रशिक्षण केंद्र जमीनी स्तर पर सरकार जल्द तैयार कर देती है तो उसका जरूर कुछ फायदा खिलाड़ियों को मिल सकता है। खेल विभाग के लिए जारी होने वाले बजट में अधिकतर अधिकारियों व कर्मियों के वेतन पर खर्च हो जाता है और उसके बाद इंफ्रास्ट्रक्चर को बेहतर करने के लिए काफी कम बजट रहता है। इसके बाद खेल विभाग को अन्य विभागों का मुंह ताकना पड़ता है। 

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व्यायामशालाओं की हालत खराब, वेलनेस सेंटर कैसे शुरू होंगे

सीएम मनोहर लाल के ड्रीम प्रोजेक्ट में शामिल हर गांव में व्यायामशाला खुली जरूर लेकिन उसके बाद उनको लावारिस हाल में छोड़ दिया गया है। देखरेख के अभाव में उनकी हालत खराब हो रही है और वह घूमने के लायक तक नहीं है। किसी जगह से सोलर लाइट चोरी हो गई है तो किसी जगह शौचालय के गेट व टंकी तक तोड़ दी गई है। किसी भी व्यायामशाला में सफाई नहीं हो रही है तो ऐसे में वेलनेस सेंटर खोलना एक सपने की तरह लग रहा है। 

सरकार ने बजट में सामान्य बढ़ोतरी की है, जिसमें अधिकतर अफसरों व कर्मियों के वेतन के साथ ही स्टेडियम व कार्यालय के रखरखाव में खर्च हो जाएगा। उसमें इंफ्रास्ट्रक्चर बेहतर करने के लिए कुछ नहीं है तो खिलाड़ियों के लिए नया ऐसा कुछ नहीं किया गया है, जिससे उनको प्रोत्साहन मिल सके। दैनिक खुराक भत्ता बढ़ाने का फायदा भी तभी होगा, जब खिलाड़ियों को वह समय पर दिया जाए।  - कुलदीप मलिक, अंतरराष्ट्रीय कोच

सरकार भले ही बजट में कुछ भी प्रावधान कर दें, लेकिन वह खिलाड़ियों के लिए बेहतर इंफ्रास्ट्रक्चर के लिए कुछ नहीं सोच रही है। इस बजट के अंदर भी इंफ्रास्ट्रक्चर के लिए कुछ नहीं दिया गया है। प्रदेश में एक भी शूटिंग रेंज नहीं है और इस कारण शूटरों को दूसरे प्रदेशों में जाना पड़ता है। अन्य खेलों के लिए भी सरकार इंफ्रास्ट्रक्चर बेहतर करे तो उसका फायदा खिलाड़ियों को मिल सकता है और उसे सरकार का बेहतर बजट कहा जाएगा। - अशोक मित्तल, महासचिव हरियाणा राइफल एसोसिएशन

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