हरियाणा विस सत्र: जानिए पहले दिन क्या-क्या हुआ?
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आमतौर पर विधानसभा की गैलरी में तैनात रहने वाले मार्शल को स्पीकर के आदेश पर सदन में उन परिस्थितियों में बुलाया जाता है जब कोई नेता अशोभनीय व्यवहार करे। हरियाणा विधानसभा में पहली बार मार्शल सदन में नेताओं की सीटों के पास खड़े नजर आए। सदन में सात मार्शल तैनात किए गए थे। लेकिन इस मुद्दे पर विपक्ष ने नाराजगी जताते हुए हंगामा खड़ा कर दिया।
विपक्षी नेताओं ने सदन के भीतर से तत्काल मार्शल हटाने के लिए स्पीकर से मांग की लेकिन उन्होंने इस मांग को अनसूना कर दिया। स्पीकर के सामने सचिव के साथ दो मार्शल, सीएम के पीछे एक, कांग्रेस विधायकों के बेंचों के पीछे दो और विपक्षी इनेलो विधायकों की बेंचों की तरफ दो मार्शल खड़े थे।
शून्यकाल के दौरान भाजपा के अनिल विज ने कहा कि विधानसभा के भीतर सीएम के आसपास मार्शल खड़े हैं। सीएम को किससे खतरा है? यह शर्म की बात है कि मार्शल सदन के भीतर हैं।
कुछ समय बाद जब बिजनेस एडवाइजरी कमेटी की रिपोर्ट पर बहस हो रही थी तब इनेलो के अशोक अरोड़ा ने कहा कि सदन के भीतर जनता के चुने हुए नुमाइंदे बैठे हैं। मार्शलों को सदन से बाहर किया जाए। अगर सरकार सदन के अंदर भी सुरक्षित नहीं है तो बाहर कैसे होगी। लेकिन स्पीकर ने विपक्ष की बात नहीं सुनी और मार्शलों को सदन से बाहर जाने को नहीं कहा।
राज्यपाल जगन्नाथ पहाड़िया का अभिभाषण
हरियाणा सरकार सतलुज यमुना लिंक कैनाल के कार्य को पूरा करवाने और बीएमएल हांसी बुटाना ब्रांच बहुउददेशीय लिंक चैनल को जोड़ने के लिए मुस्तैदी से पैरवी कर रही है। सरकार यह सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है कि हरियाणा को सभी अंतरराज्यीय नदी समझौतों से उसके हिस्से का पानी मिले।
हरियाणा विधानसभा के बजट सत्र में राज्यपाल जगन्नाथ पहाड़िया ने अपने अभिभाषण में यह बात कही। उन्होंने कहा कि सरकार ने न केवल चुनावी घोषणा पत्र बल्कि इस सदन में किए गए सभी वादों को पूरा किया है।
राज्य का कुल योजना परिव्यय 5500 करोड़ से बढ़ कर 18000 करोड़ अनुमानित है। उन्होंने कहा कि मेरी सरकार ने विधानसभा और अन्य संवैधानिक निकायों की गरिमा का भी सतत संरक्षण किया है। सरकार ने टकराव और प्रतिशोध की बजाय परामर्श, परिचर्चा और आम सहमति की राजनीतिक संस्कृति को प्रोत्साहित किया है।
हरियाणा में विश्वविद्यालयों की संख्या 39 हो गई है। जिसमें 17 निजी विश्वविद्यालय शामिल हैं। 65 हजार रिक्तियां भरने का एक सघन अभियान सरकार ने हाल ही में शुरू किया गया है। अभियान के तहत अनुसूचित जातियों और पिछड़े वर्गों के 15041 पदों का बैकलाग भरने के लिए एक विशेष भर्ती अभियान शुरू किया गया है।
राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा मिशन के तहत चालू वित्त वर्ष के दौरान 50 करोड़ की राशि आवंटित की गई है। फसल विविधिकरण के लिए 110 करोड़ का बजट है। राष्ट्रीय बागवानी मिशन के तहत मौजूदा सब्जी मंडियों में आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए कई परियोजनाएं चलाई गईं।
राज्यपाल ने कहा कि यमुना नदी पर भंडारण बांध बनाने की परियोजनाओं में प्रगति हो रही है। इस वर्ष यमुना में पानी अधिक होने के कारण बाढ़ का सामना करना पड़ा, लेकिन जीवन और संपत्ति की हानि नहीं हुई।
उन्होंने कहा कि बिजली वितरण तंत्र को मजबूत करने के लिए 3083 करोड़ के निवेश का प्रस्ताव है। प्रियदर्शनी आवास योजना के तहत 75 हजार से अधिक लाभपात्रों को पहली किस्त दी जा चुकी है। जबकि 33 हजार लाभपात्रों को दूसरी किस्त भी दी जा चुकी है। हरियाणा में मुख्यमंत्री मुफ्त इलाज योजना के तहत 261 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे।
मेडिकल कॉलेजों सहित यह स्कीम सभी स्वास्थ्य संस्थानों में लागू होगी। औषधियों, उपकरणों और विशेषज्ञ अस्पताल सेवाओं की खरीद में दक्षता लाने के लिए हरियाणा चिकित्सा सेवाएं निगम गठित किया जा रहा है। 2014-15 एक कैंसर एटलस और एक कैंसर रजिस्ट्री शूरू करने का प्रस्ताव है।
इंदिरा गांधी पेयजल स्कीम के तहत 10.16 लाख अनूसूचित जाति के लोगों को लाभ हो चुका है। राष्ट्री राजधानी क्षेत्र के 17 कस्बों में 913.84 करोड़ की लागत से पेयजल और सीवरेज सुविधाओं का विस्तार किया जा रहा है। एनसीआर क्षेत्र में आठ आरआरटीएस कारीडोर विकसित किए जा रहे हैं। जिसमें से तीन कारिडोर हरियाणा में हैं।
सड़कों के सुधार के लिए हरियाणा में 1823 करोड़ खर्च किए जा चुके हैं। पिछले नौ वर्ष के दौरान 1149 करोड़ की लागत से 42 रेलवे ओवरब्रिज का निर्माण किया गया है। सरकार की आईएमटी मानेसर में पर्यावरण प्रशिक्षण संस्थान स्थापित करने की योजना है।
विधानसभा सत्र की झलकियां
पूर्व डिप्टी सीएम चंद्रमोहन को नहीं बैठने दिया पहली पंक्ति में
पूर्व डिप्टी सीएम चंद्रमोहन को विधानसभा सत्र के पहले दिन स्पीकर गैलरी में पहली पंक्ति में नहीं बैठने दिया। वे दूसरी पंक्ति में बैठे। चंद्रमोहन ने बताया कि वे चार बार विधायक और डिप्टी सीएम रह चुके हैं। इसलिए उन्हें स्पीकर गैलरी में अगली सीट पर बैठने का अधिकार है मगर जब वे बैठने लगे तो उन्हें विधानसभा के कर्मचारियों ने रोक दिया।
जब उन्होंने सचिव से बात की तो उन्होंने कहा कि स्पीकर से आदेश हैं कि पहली पंक्ति में नहीं बैठेंगे। हालांकि बाद में अगली पंक्ति में मुख्यमंत्री के राजनीतिक सलाहकार प्रो. वीरेंद्र सिंह बैठे थे और कोई अन्य नेता नहीं बैठा था।
हमारे पास 9 सीडी हैं : अभय
सदन के भीतर जब डॉ. रघुवीर सिंह कादियान विशेषाधिकार हनन प्रस्ताव पर समय बढ़ाने की मांग कर रहे थे तभी सदन के भीतर ऑडिट और प्रशासकीय रिपोर्ट की सीडी विधायकों की मेज पर रखी जाने लगी।
सीडी देखकर किसी विधायक ने कुछ कह दिया तो अभय बोले सीडी सबकी है। सहकारिता मंत्री सतपाल सांगवान ने भी अभय की तरफ देखकर कुछ कहा तो अभय चौटाला ने कहा कि उनके पास नौ सीडी हैं।
धैर्य से सुना कि कितना झूठ बोल सकते हैं : अरोड़ा
जब राज्यपाल जगन्नाथ पहाड़िया अभिभाषण देकर चले गए तो सदन के भीतर बैठे इनेलो के अशोक अरोड़ा ने कांग्रेस विधायकों की तरफ देखते हुए बोले, हमने धैर्य से अभिभाषण सुना है कि आप कितना झूठ बोल सकते हैं।
कृष्ण पंवार ने सनसनी फैला दी
जैसे ही राज्यपाल जगन्नाथ पहाड़िया अभिभाषण पढ़ने के लिए तैयार हुए, तभी इनेलो के कृष्ण पंवार ने खड़े होकर राज्यपाल से मुखातिब होते हुए कहा कि पिछले सत्र में स्पीकर ने उन्हें धमकी दी थी।
उन्होंने पुलिस के पास शिकायत दी थी मगर पुलिस ने कार्रवाई नहीं की। उन्हें (राज्यपाल) भी ज्ञापन दिया था मगर कार्रवाई नहीं हुई। इनेलो के जगदीश नायर भी इसी तरह की बात की। तब राज्यपाल ने कहा कि जब सदन में बहस होगी तो आपको पूरा मौका मिलेगा।
विधानसभा में गूंजा फौजी का सीडी कांड
विधानसभा सत्र के पहले ही दिन सीपीएस रामकिशन फौजी का सीडा कांड गूंज गया। शून्यकाल के दौरान इनेलो के अशोक अरोड़ा ने मामला उठाते हुए कहा कि लोकायुक्त ने सिफारिश की हुई है, इसके बावजूद फौजी के खिलाफ भ्रष्टाचार निरोधक कानून के तहत एफआईआर दर्ज करने के मामले में सरकार ने अभी तक कुछ नहीं किया है।
शून्यकाल शुरू होते ही सबसे पहले भाजपा के अनिल विज ने कहा कि जंतर-मंतर पर गेस्ट टीचर आमरण अनशन पर बैठे हैं। उन्होंने ध्यानाकर्षण प्रस्ताव भी दे रखा है। वह 15 हजार परिवारों से जुड़ा मामला है।
इनेलो के रामपाल माजरा ने कहा कि स्वामीनाथन आयोग की रिपोर्ट लागू करवाने के लिए उचाना के पास किसान अनशन कर रहे हैं। रास्ता बंद है, प्रदेश सरकार किसानों की मांग केंद्र के पास भेजे।
इनेलो के अशोक अरोड़ा ने कहा कि विधानसभा के पिछले सत्र में फौजी के बारे में सीडी जारी की गई थी। सरकार ने उसकी जांच लोकायुक्त से करवाई। लोकायुक्त ने जांच कर फैसला सुनाया कि भ्रष्टाचार निरोधक कानून के तहत फौजी के खिलाफ मामला दर्ज किया जाए। आज पूरे देश में भ्रष्टाचार के खिलाफ लड़ाई लड़ी जा रही है, मगर लोकायुक्त की सिफारिश मानने के बजाय सरकार फौजी को बचा रही है। उसी समय कांग्रेस के नरेश शर्मा खड़े हो गए और अनिल विज के लिए जोर-जोर से बोलने लगे। नरेश शर्मा ने विज को चुनौती दी कि वे अंबाला के बजाय, जहां से मर्जी हो उनके मुकाबले में आ जाएं।
रामपाल माजरा ने नरेश शर्मा को टोकते हुए कहा कि उनके बेटे के स्थान पर कोई दूसरा युवक पेपर देते पकड़ा गया था तो सदन में हंसी का फव्वारा फूट गया और शर्मा झेंप कर बैठ गए। तभी रामकिशन फौजी खड़े होकर जोर-जोर से बोलने लगे। बाद में बिजनेस एडवाइजरी कमेटी की रिपोर्ट पर चर्चा के दौरान नरेश शर्मा फिर खड़े होकर बोलने लगे।
जब पूर्व मुख्यमंत्री ओमप्रकाश चौटाला के खिलाफ विशेषाधिकार हनन प्रस्ताव पर विशेषाधिकार कमेटी के अध्यक्ष डॉ. रघुवीर सिंह कादियान समय बढ़ाने के लिए सदन के भीतर अलग-अलग प्रस्ताव रख रहे थे, उसी दौरान समय इनेलो के अभय चौटाला, अशोक अरोड़ा, रामपाल माजरा मार्शलों को हटाने की मांग करते रहे।
बीच में आनंद सिंह डांगी ने चुटकी लेते हुए कहा कि जो जेल चला गया, उसके खिलाफ विशेषाधिकार हनन की क्या जरूरत है? उन्होंने कभी भी कमेटी के सामने तो आना नहीं। इसलिए यह प्रस्ताव समाप्त कर दिया जाए। स्पीकर ने उनकी बात पर तवज्जो नहीं दी और सदन ने समय बढ़ा दिया।
रामपाल माजरा ने कहा कि जो एसईजेड बनाए जाने थे, दो लाख को रोजगार मिलना था, कहां हैं वह एसईजेड? स्पीकर ने उनकी बात रिकॉर्ड न करने के निर्देश दिए। माजरा ने सदन के बाहर पत्रकारों से कहा कि एसईजेड की जमीन किसानों को वापस मिलनी चाहिए। लोगों को ग्लोबल सिटी का सपना दिखाया कर जमीन हड़पने की कोशिश की जा रही है।
विपक्ष ने उठाया गेस्ट अध्यापकों का मुद्दा
हरियाणा विधानसभा में गेस्ट अध्यापकों के मुददे को विपक्ष ने जोरदार ढंग से उठाया। शोक प्रस्ताव के तुरंत बाद अनिल विज ने विधानसभा अध्यक्ष कुलदीप शर्मा से इस मुद्दे पर चर्चा करने की मांग की।
उन्होंने कहा कि गेस्ट अध्यापक भूखे-प्यासे धरने पर बैठे हैं। लिहाजा इस मुद्दे पर बहस जरूरी है। इस दौरान हरियाणा की शिक्षा मंत्री गीता भुक्कल ने कहा कि अतिथि अध्यापकों को लेकर राज्य सरकार का रवैया सकारात्मक रहा है। सरकार कानून के तहत हर संभव मदद करने के लिए तैयार है।
शिक्षामंत्री ने कहा कि अपनी मांगों को लेकर कुछ अतिथि अध्यापक धरने पर बैठे हैं। राज्य सरकार ने कानून के दायरे में रहकर हर संभव सहायता करने का प्रयास किया है।
गेस्ट अध्यापकों का मुद्दा सबसे पहले भाजपा विधायक दल के नेता अनिल विज ने सदन में उठाया था। उन्होंने कहा कि मैंने इस संदर्भ में ध्यानाकर्षण प्रस्ताव भी रखा है। पहले इस मुद्दे पर चर्चा की जाए।
सदन की आगे की कार्यवाही बाद में बढ़ाई जाए। उनके तुरंत बाद में इनेलो के प्रदेश अध्यक्ष अशोक अरोड़ा ने गेस्ट टीचरों का मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि चार दिन में सदन में इस मुद्दे पर चर्चा नहीं हो पाएगी। लिहाजा इस मुद्दे पर चर्चा कराई जाए। अशोक अरोड़ा ने कहा कि अन्य भी महत्वपूर्ण मुद्दे हैं, जिन पर चर्चा होनी जरूरी है।
पहले ही दिन इनेलो, भाजपा का सदन से वॉकआउट
हरियाणा विधानसभा के बजट सत्र की अवधि न बढ़ाने के विरोध में समूचे विपक्ष इनेलो, भाजपा, हजकां, अकाली दल विधायकों ने वॉकआउट किया।
स्पीकर कुलदीप शर्मा ने संसदीय कार्य मंत्री रणदीप सिंह सुरजेवाला से बिजनेस एडवाइजरी कमेटी की रिपोर्ट सदन में पेश करवाई। इसमें स्पीकर ने जानकारी दी कि बजट सत्र 21 फरवरी को राज्यपाल के अभिभाषण के साथ शुरू हुआ। 22, 23, 24 की छुट्टी रहेगी। 25 को अभिभाषण पर चर्चा होगी और 26 को चर्चा पूरी होगी। 27 की छुट्टी रहेगी। 28 फरवरी को बजट पेश होगा। एक और दो मार्च की छुट्टी रहेगी। तीन मार्च को बजट पर बहस शुरू होगी और पूरी भ्ज्ञी हो जाएगी। चार मार्च को विधायी कार्य निपटाते ही सत्र समाप्त हो जाएगा।
इनेलो के अशोक अरोड़ा, रामपाल माजरा, भाजपा के अनिल विज ने एक-एक कर स्पीकर से आग्रह किया कि गेस्ट टीचर जंतर-मंतर पर आमरण अनशन पर बैठे हैं। किसान जींद में अनशन कर रहे हैं। सीएम उस कमेटी के अध्यक्ष थे, जिसने सरकार को कृषि पर रिपोर्ट दी थी। भ्रष्टाचार चरम सीमा पर है।
लोकायुक्त ने सीपीएस रामकिशन फौजी के खिलाफ भ्रष्टाचार निरोधक कानून में एफआईआर दर्ज करने की सिफारिश कर रखी है इसके बाद भी सरकार उन्हें बचा रही है। कर्मचारी तीन दिन तक हड़ताल पर रहे और लोग बिजली, पानी के लिए तरसते रहे, मगर सरकार कहीं दिखाई नहीं दी। इस सरकार का यह अंतिम बजट है। लोग उन्हें चुनकर भेजते हैं, लेकिन सत्र की अवधि इतनी कम है कि विधायक अपने क्षेत्र की भी बात नहीं कर पाते। हरियाणा विधानसभा के इतिहास में यह पहली बार होगा कि बजट सत्र सिर्फ छह दिन का है। इससे छोटा सत्र शायद नहीं हो सकता था।
पांच साल तक तो कुछ नहीं बोल पाए, कम से कम अब तो विधायक अपनी बात कह लें। उन्होंने मांग की कि सत्र की अवधि कम से कम 15 दिन की जाए। माजरा ने कहा कि 2012 में 19 विधेयक, 2011 में 10 विधेयक बिना चर्चा के पारित हो गए। वर्ष-2012 में बजट सत्र का बजट पर सात फीसदी, अभिभाषण पर 17 फीसदी, विधायकी कार्यों पर पांच फीसदी और अन्य मसलों पर 71 फीसदी समय खर्च हुआ।
वर्ष-2012 में 31 घंटे, 2013 में 37 घंटे सदन की कार्यवाही चली। इस साल सिर्फ छह दिन ही रखे हैं।
स्पीकर कुलदीप शर्मा ने जवाब देते हुए कहा कि मार्च, 2000 से 2004 तक विधानसभा की कुल 46 बैठकें हुईं, जबकि अब तक 81 बैठकें हो चुकी हैं। इतने में स्पीकर ने कमेटी की रिपोर्ट पास कराने के लिए विधायकों की सहमती पूछी। तभी इनेलो के अभय चौटाला, अशोक अरोड़ा, रामपाल माजरा, कृष्ण पंवार, प्रदीप चौधरी, बीएल सैनी, दिलबाग सिंह, लेफ्टिनेंट कर्नल रघुवीर सिंह, जगदीश नायर समेत अन्य मौजूद विधायक, अकाली दल के एक मात्र विधायक सदन से वॉकआउट कर गए। इसके साथ ही भाजपा के अनिल विज, कृष्ण पाल गुर्जर, कविता जैन, घनश्याम सर्राफ और हजकां की रेणुका विश्नोई भी वॅाकआउट कर गईं।