फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Chandigarh ›   haryana assembly elections result, jat people voting against jat leaders of bjp

हरियाणा विस चुनावः अनदेखी पड़ी भारी, बिरादरी ने भाजपा के जाट नेताओं को दिखाया आईना

Sat, 26 Oct 2019 04:13 PM IST
खुशबू गोयल यशपाल शर्मा, अमर उजाला, चंडीगढ़
यशपाल शर्मा, अमर उजाला, चंडीगढ़ Published by: खुशबू गोयल Updated Sat, 26 Oct 2019 04:13 PM IST
विज्ञापन
haryana assembly elections result, jat people voting against jat leaders of bjp
फाइल फोटो
हरियाणा विधानसभा चुनाव में भाजपा के जाट नेताओं को मुंह की खानी पड़ी है। जाट समुदाय ने चुनाव में भाजपा के विपरीत अपना जनादेश दिया है। जाटों ने प्रदेश सरकार के दिग्गज मंत्रियों तक को नहीं बख्शा। यहां तक कि पार्टी प्रदेशाध्यक्ष को भी लुढ़का दिया। प्रदेश में भाजपा के बड़े जाट नेता चौधरी बीरेंद्र सिंह को भी परिवार मोह भारी पड़ा। जाटों ने उचाना कलां में बीरेंद्र की निवर्तमान विधायक पत्नी के बजाए युवा जाट नेता दुष्यंत चौटाला को तवज्जो दी। हैवीवेट कैबिनेट मंत्री कैप्टन अभिमन्यु और ओमप्रकाश धनखड़ भी अपने समुदाय का चक्रव्यूह भेदने में नाकाम रहे।
विज्ञापन


कैप्टन ने अपने हलके नारनौंद और धनखड़ ने बादली में काफी काम कराए थे, लेकिन समुदाय की नाराजगी ले डूबी। सत्ता में भागीदार होना भी भारी पड़ गया। दोनों नेताओं की जनता खासकर जाटों से दूरी बन गई थी। कड़क स्वभाव का होना भी इनके खिलाफ गया। कैप्टन को नारनौंद में जजपा के ब्राह्मण प्रत्याशी रामकुमार गौतम के हाथों हार झेलनी पड़ी। जाट बहुल हलके में गौतम का जीतना कैप्टन के लिए चिंतनीय विषय है। यहां नॉन जाट के साथ ही जाट मतदाताओं ने भी दुष्यंत के नाम पर जजपा उम्मीदवार को वोट दिए। यही समीकरण लोकसभा चुनाव में भी हावी रहा था।
विज्ञापन


तब भी यहां से दुष्यंत चौटाला की लीड हुई थी। बावजूद इसके कैप्टन जमीनी विरोध और विपक्ष के जाट प्लस नॉन जाट केगठजोड़ को भांप नहीं पाए। यही कारण रहा कि जाटों ने नॉन जाट प्रत्याशी को वोट देकर कैप्टन को जमीन सुंघा दी। बादली में भी धनखड़ को जाट समुदाय का पूरा समर्थन नहीं मिल पाया। यहां से भी कांग्रेस के ब्राह्मण प्रत्याशी कुलदीप वत्स जीते हैं। वत्स को नॉन जाट के साथ ही जाट का भी खासा समर्थन मिला, जिसके चलते वह जीतने में कामयाब रहे। धनखड़ जनता की नब्ज पकड़ने में नाकाम रहे, जिसका खामियाजा हार के रूप में भुगतना पड़ा।
विज्ञापन
विज्ञापन


टोहाना में भाजपा प्रदेशाध्यक्ष सुभाष बराला को बड़ी हार का सामना करना पड़ा है। वह 52 हजार से अधिक मतों से जजपा प्रत्याशी देवेंद्र बबली से पराजित हुए हैं। बराला को बेटे विकास का वर्णिका प्रकरण भी भारी पड़ गया। साथ में जाट समुदाय ने उनको पूरा समर्थन नहीं दिया। बबली नॉन जाट के साथ ही जाट का वोट लेने में सफल रहे। उचाना कलां में बीरेंद्र चौधरी को परिवारवाद की मार पड़ी। खुद केंद्रीय मंत्री रह चुके बीरेंद्र के बेट बृजेंद्र हिसार संसदीय सीट से सांसद हैं। उन्होंने दुष्यंत चौटाला को हराकर ही लोकसभा चुनाव में जीत दर्ज की थी।

प्रेमलता उचाना कलां से पिछली बार विधायक बनी थी और बीरेंद्र ने इस बार भी टिकट दिलाया, लेकिन जाटों ने उनके बजाए दुष्यंत को समर्थन दिया। दुष्यंत ने इसके साथ ही बृजेंद्र के बजाए बीरेंद्र सिंह परिवार से भी हार का बदला चुकता कर लिया।

बार-बार जाट आंदोलन का मुद्दा उछालना भी पड़ा भारी

भाजपा व उसके नेताओं के लिए बार-बार जाट आंदोलन का मुद्दा उछालना भी भारी पड़ा है। जाट समुदाय ने भाजपा के जाट उम्मीदवारों को इसका भी सबक सिखाया। जाट बिरादरी बार-बार पुराने जख्म कुरेदने से नाराज थी। भाजपा नेता कांग्रेस पर इसका ठीकरा फोड़ते रहे, जबकि पूर्व सीएम हुड्डा व कांग्रेस पूर्व आईपीएस प्रकाश सिंह कमेटी की रिपोर्ट को सार्वजनिक करने की मांग करती रही। रिपोर्ट का सार्वजनिक न किया जाना भी खिलाफ गया।

ढुल, देवीलाल व फौगाट को भी नहीं चखाया हार का स्वाद
जाटों ने जींद के जुलाना में इनेलो से भाजपा में आए पूर्व विधायक परमिंद्र ढुल को भी अपना समर्थन नहीं दिया। उन्हें हार का सामना करना पड़ा है। इसी तरह देवीलाल परिवार के आदित्य देवीलाल भी डबवाली से विधानसभा का सफर तय नहीं कर पाए। उन्हें जनता ने हार का स्वाद चखा दिया। इसके साथ ही पहलवान बबीता फौगाट व टिकटॉक गर्ल सोनाली फौगाट को जाटों ने अपनी ताकत दिखा दी। बबीता के मुकाबले निर्दलीय जाट को जता दिया, लेकिन भाजपा के पक्ष में वोट नहीं किया।

भाजपा ने इन जाटों को दिया था टिकट
सुभाष बराला, कमलेश ढांडा, परमिंद्र ढुल, आदित्य देवीलाल, पवन बैनीवाल, महिपाल ढांडा, ओपी धनखड़, कैप्टन अभिमन्यु, प्रेम लता, तीर्थ सिंह, सुखविंद्र मांढी, सुरेंद्र पुनिया, जेपी दलाल, बबीता फौगाट, सतीश नांदल, विक्रम कादियान, प्रवीण डागर, सोनाली फौगाट, शमशेर खरकड़ा।

चार जाट ही बने भाजपा से विधायक

विधानसभा चुनाव में तीन जाट उम्मीदवारों को ही भाजपा टिकट पर विधायक बनने का मौका मिला है। इनमें कलायत से कमलेश ढांडा, लोहारू से जेपी दलाल व हथीन से प्रवीण डागर शामिल हैं। कलायत में कमलेश ने कांग्रेस के हैवीवेट प्रत्याशी व पूर्व सांसद जयप्रकाश जेपी को मात दी है।

हथीन में डागर ने कांग्रेस के मुस्लिम प्रत्याशी मोहम्मद इसराइल को हराया है। लोहारू में जेपी दलाल ने पूर्व सीएम बंसीलाल परिवार के सोमवीर सिंह को पराजित किया है। पानीपत ग्रामीण से महिपाल ढांडा ने जजपा उम्मीदवार देवेंद्र कादियान को हराकर जीत हासिल की है।

जजपा से ये जीते जाट
दुष्यंत चौटाला, नैना चौटाला, जोगी सिहाग, अमरजीत ढांडा इत्यादि।

कांग्रेस में हुड्डा, किरण सहित अनेक जीते
कांग्रेस में अनेक जाट उम्मीदवार जीते हैं। इनमें पूर्व सीएम भूपेंद्र सिंह हुड्डा, किरण चौधरी, जगबीर मलिक, रघुबीर कादियान, अमित सिहाग, श्रीकृष्ण हुड्डा, राजिंद्र सिंह जून, धर्म सिंह छोकर इत्यादि।

ये जाट नेता भी जीते
इनेलो नेता अभय चौटाला, आजाद रणजीत सिंह चौटाला, आजाद बलराज कुंडू इत्यादि। 
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed