चुनाव आयोग के समक्ष दलों की शिकायतें, गांवों में चाहिए अतिरिक्त फौज, जातिवाद को दी जा रही हवा
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हरियाणा के चुनाव में राजनीतिक दलों को डर है कि ग्रामीण इलाकों में चुनाव के दौरान गड़बड़ी हो सकती है। इतना ही नहीं उनकी यह भी शिकायत है कि कई जगहों पर जातिवाद भी फैलाने की कोशिश की जा रही है, जिसे तुरंत रोकना होगा। कई जगहों पर जाति के नाम पर वोट मांगने का प्रयास भी हो रहा है। इसलिए इस पर चुनाव आयोग तुरंत कार्रवाई करे।
इस तरह की कई शिकायतें विभिन्न राजनीतिक दलों की ओर से मुख्य निर्वाचन आयुक्त सुनील अरोड़ा की अध्यक्षता में हुई बैठक में उठाई गई। आयुक्त ने भी दलों को आश्वस्त किया चुनाव के दौरान कोई गड़बड़ी नहीं होगी। जातिवाद के मामले में आयुक्त ने कहा कि ऐसी शिकायतों पर भी तुरंत जांच करवाई जाएगी। बैठक में विभिन्न राजनीतिक दलों ने चुनावों में, विशेष रूप से कमजोर वर्गों की अधिक आबादी वाले इलाकों में मतदान सुनिश्चित करने के लिए पर्याप्त संख्या में अर्धसैनिक बलों की तैनाती की मांग भी की।
साथ ही उन्होंने यह भी शिकायत की कि प्रदेश में आदर्श आचार संहिता के बावजूद कई जगहों पर निर्माण कार्य चल रहे हैं। इस पर चुनाव आयुक्त सुनील अरोड़ा ने कहा कि आयोग यह सार्वजनिक नहीं सकता कि प्रदेश में सुरक्षा के लिए कितनी कंपनियां तैनात की गई है।
मगर यह जरूर सुनिश्चित कर सकता है कि प्रदेश में चुनाव के दौरान कोई गड़बड़ी नहीं होने दी जाएगी। उन्होंने कहा कि जो विकास कार्य चल रहे हैं, वे तो जारी रहेंगे, मगर जो विकास कार्य शुरू ही नहीं हुए हैं, उन पर पाबंदी रहेगी। उनके अनुसार कुछ शिकायतें ऐसी मिली है, इसकी जांच करवाई जा रही है।
मेलों, त्योहारों में प्रत्याशियों को जाने से नहीं रोक सकते
कई शिकायतें ऐसी भी हुई कि दशहरे के दिन कई प्रत्याशी अपने इलाकों में मेलों में शामिल हुए और उन्होंने वहां भीड़ को संबोधित भी किया। इस पर मुख्य निर्वाचन आयुक्त सुनील अरोड़ा ने कहा कि आयोग किसी को भी मेलों व त्योहारों के दौरान पब्लिक के बीच जाने से नहीं रोक सकता।
हम प्रत्याशियों को कमरे में बंद करके नहीं रख सकते। हां, इन सार्वजनिक स्थलों पर यदि आचार संहिता की धज्जियां उड़ाने का मामला सामने आता है तो आयोग उस पर जरूर कार्रवाई करेगा।
हमने खत्म नहीं किया अनुच्छेद 370, बयानबाजी कैसे रोकें
कुछ दलों के प्रतिनिधियों को इस बात से भी ऐतराज है कि राजनीतिक पार्टियां कश्मीर में अनुच्छेद 370 व 35-ए के खत्म होने को सियासी मुद्दा बनाए हुए हैं और इसकी बात खुले मंचों से की जा रही है। इस पर चुनाव आयुक्त ने साफ कहा कि अनुच्छेद 370 व 35 ए हमने तो खत्म नहीं किया, यह फैसला तो लोकसभा में हुआ है। बताइए, आयोग इस पर हो रही बयानबाजी को कैसे रोक सकता है?
6 डीआईपीआरओ और 4 एआईपीआरओ का तबादला
हरियाणा में मुख्य निर्वाचन आयुक्त के आदेश पर विभिन्न जिलों के दस जन संपर्क अफसरों का तुरंत तबादला करने के भी आदेश दिए गए हैं। आम आदमी पार्टी ने आयोग को शिकायत दी थी कि प्रदेश में कुछ जन सूचना अधिकारी ऐसे हैं, जो प्रत्याशियों के प्रचार में मदद कर रहे हैं। इस पर तुरंत संज्ञान लेते हुए आयुक्त ने इन्हें बदलने के आदेश दिए हैं। इनमें छह डीआईपीआरओ और 4 एआईपीआरओ शमिल हैं।
कोई मतभेद नहीं हम साथ-साथ हैं
भारतीय निर्वाचन आयोग के चंडीगढ़ दौरे के दौरान आयोग के कुछ अफसरों से जब यह सवाल पूछा गया कि क्या आयोग के अफसरों के बीच कोई मतभेद चल रहा है, क्या विभिन्न मुद्दों पर आयोग के अफसरों की राय एक होती है। तो इस पर मुख्य निर्वाचन आयुक्त ने अपने साथ बैठक निर्वाचन आयुक्त अशोक लवासा और सुशील चंद्रा के हाथ उठाकर स्पष्ट कहा कि निर्वाचन आयोग के किसी अधिकारी में न तो कोई मतभेद है, न मनभेद।
सोशल मीडिया पर भी पैनी नजर
चुनाव के दौरान सोशल मीडिया के दुरुपयोग के सवाल पर निर्वाचन आयुक्त ने कहा कि विशेष टीमें इस पर नजर रखने के लिए गठित की गई हैं। जबकि मिनिस्ट्री ऑफ टेलीकम्युनिकेशन से भी इस संदर्भ में मदद मांगी गई है। ऐसी शिकायतें आयेाग में की जा सकती है। उस पर भी कार्यवाही होगी।
खर्च सीमा 28 लाख ही रहेगी
निर्वाचन आयुक्त ने यह भी साफ कर दिया है कि चुनाव खर्च सीमा 28 लाख रुपये ही रहेगी। उन्होंने कहा कि महाराष्ट्र में कई दल कहते हैं कि इस खर्च सीमा को बढ़ाया जाए और हरियाणा के कुछ दल कहते हैं कि इस सीमा को कम किया जाए। मगर सभी पहलुओं को ध्यान में रखते हुए इसे तय किया गया है और इसमें कोई बदलाव नहीं होगा।
चुनाव में नशे का खेल रुके, पंजाब को नाके बढ़ाने के आदेश
हरियाणा में चल रहे विधानसभा चुनाव के मद्देनजर पंजाब के विभिन्न इलाकों से नशा तस्करी पूरी तरह से बंद हो, इसे लेकर भारतीय निर्वाचन आयोग पूरी तरह से गंभीर है। भारतीय निर्वाचन आयोग की टीम मुख्य निर्वाचन आयुक्त सुनील अरोड़ा की अध्क्षता में चंडीगढ़ आई हुई थी। इस टीम ने प्रदेश के अफसरों और राजनीतिक दलों के नेताओं से कई दौर की बैठक की।
यह मुद्दा भी बैठक में उठाया गया, जिस पर आयोग ने गंभीरता से चर्चा करते हुए जरूरी निर्देश जारी किए। चूंकि हरियाणा पंजाब से सटा हुआ है, इसलिए नशे की खासी सप्लाई वहां से होती है। पिछले दिनों हरियाणा में चुनाव के दौरान भारी मात्रा में नशा भी पकड़ा गया था। चूंकि नशे का इस्तेमाल हरियाणा में चुनाव के दौरान मतदाताओं को प्रभावित करने में किया जा सकता है, इसलिए आयोग ने आदेश दिए हैं कि पंजाब भी उन क्षेत्रों में नाकाबंदी को बढ़ाए, जो हरियाणा से जुड़े हुए हैं।
मुख्य निर्वाचन आयुक्त सुनील अरोड़ा ने कहा कि दोनों प्रदेशों के अफसरों को आदेश दिए गए हैं कि वे हरियाणा और पंजाब इस संदर्भ में अपनी खुफिया जानकारियों को शेयर करें। खुफिया एजेंसियों के बीच समन्वय बढ़ने से निसंदेह इन मामलों में कमी आएगी। आयुक्त सुनील अरोड़ा ने कहा कि इस मामले में आयोग की ओर शुक्रवार को नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो के डायेरक्टर जनरल को भी तलब किया जाएगा।
उन्हें भी निर्देश दिए जांएगे कि हरियाणा और महाराष्ट्र में चुनाव के दौरान नशे के इस्तेमाल पर नकेल कसने में एनसीबी सहयोग करते हुए ऐसे मामलों पर पूरी निगरानी रखें। उन्होंने कहा कि विधानसभा चुनाव के मद्देनजर मतदान से 48 घंटे पहले हरियाणा में ड्राइ डे यानी शराबबंदी रहेगी। जबकि पंजाब ने भी आश्वस्त किया है कि वे भी एक दिन पहले पंजाब में ड्राइ डे रखेगा।