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हरियाणा विस चुनावः पाला बदल चुके विधायकों को सता रही टिकट की चिंता, जानिए कौन-कहां गया
Sat, 28 Sep 2019 01:03 PM IST
खुशबू गोयल
यशपाल शर्मा, अमर उजाला, चंडीगढ़
यशपाल शर्मा, अमर उजाला, चंडीगढ़
Published by: खुशबू गोयल
Updated Sat, 28 Sep 2019 01:03 PM IST
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बीजेपी, कांग्रेस
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हरियाणा में भाजपा टिकट पर विधानसभा चुनाव लड़ने के लिए होड़ लगी हुई है। हर कोई भाजपा का दामन थामकर विधायक बनने के लिए लालायित है। यही कारण है कि 16 विधायक भाजपा में शामिल होकर अब पूर्व विधायक बन चुके हैं। इनमें से 15 विधायकों ने भाजपा का बढ़ता क्रेज देखकर चुनाव की घोषणा होने से पहले ही भगवा धारण कर लिया था। जबकि, शिरोमणि अकाली दल के विधायक बलकौर सिंह वीरवार को भाजपाई बने हैं। भाजपा का दामन थामने वालों में दस विधायक इनेलो के, चार निर्दलीय व एक बसपा विधायक शामिल हैं।
इनेलो टूटने के बाद पार्टी विधायकों ने भाजपा तो ज्वाइन कर ली, अब इनमें से कुछ को टिकट की चिंता सता रही है। निर्दलीयों के लिए भी टिकट का संकट पैदा हो सकता है। फतेहाबाद में टिकटार्थियों की लंबी लाइन है। इनेलो के पूर्व विधायक बलवान सिंह दौलतपुरिया भी टिकट की चाह में भाजपा में आए हैं तो भजन लाल परिवार से ताल्लुक रखने वाले पूर्व सीपीएस दूड़ा राम ने भी हाल ही में टिकट के आश्वासन पर ही भगवा धारण किया है।
बीते चुनाव में फतेहाबाद में दौलतपुरिया व दूड़ा राम के बीच ही मुकाबला हुआ था। दूड़ा राम हजकां टिकट पर चुनाव लड़े थे और 3505 वोटों से हार का सामना करना पड़ा था। यहां से भाजपा के पुराने नेता व कार्यकर्ता भी टिकट के लिए जोर लगा रहे हैं।
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इनेलो टूटने के बाद पार्टी विधायकों ने भाजपा तो ज्वाइन कर ली, अब इनमें से कुछ को टिकट की चिंता सता रही है। निर्दलीयों के लिए भी टिकट का संकट पैदा हो सकता है। फतेहाबाद में टिकटार्थियों की लंबी लाइन है। इनेलो के पूर्व विधायक बलवान सिंह दौलतपुरिया भी टिकट की चाह में भाजपा में आए हैं तो भजन लाल परिवार से ताल्लुक रखने वाले पूर्व सीपीएस दूड़ा राम ने भी हाल ही में टिकट के आश्वासन पर ही भगवा धारण किया है।
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बीते चुनाव में फतेहाबाद में दौलतपुरिया व दूड़ा राम के बीच ही मुकाबला हुआ था। दूड़ा राम हजकां टिकट पर चुनाव लड़े थे और 3505 वोटों से हार का सामना करना पड़ा था। यहां से भाजपा के पुराने नेता व कार्यकर्ता भी टिकट के लिए जोर लगा रहे हैं।
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सिरसा से पूर्व इनेलो विधायक मक्खन लाल सिंगला भी टिकट के आश्वासन पर ही भाजपा में आए हैं। यहां से भाजपा टिकट की दावेदार सुनीता सेतिया भी हैं। यहां से हलोपा सुप्रीमो गोपाल कांडा भी मैदान में उतरेंगे। चुनाव में सिंगला से कांडा 2938 वोट से हार गए थे। हथीन में भाजपा नेता हर्ष कुमार, पूर्व इनेलो विधायक केहर सिंह व अन्य नेता भाजपा टिकट के लिए लाइन में हैं।
बीते चुनाव में हर्ष व केहर के बीच ही मुकाबला हुआ था। हर्ष 6372 वोटों से केहर से हारे थे। फरीदाबाद एनआईटी से नगेंद्र भड़ाना, यशवीर डागर, नीरा तोमर व वीर सिंह भी भाजपा टिकट के लिए जोर आजमाइश कर रहे हैं। पृथला में टेक चंद शर्मा, सोहनपाल छोकर, सुरेंद्र तेवतिया, नयनपाल रावत भाजपा टिकट के लिए जोर लगाए हुए हैं।
सफीदों में पिछली बार जसबीर देसवाल और पूर्व विदेश मंत्री सुषमा स्वराज की बहन डॉ. वंदना शर्मा के बीच करीबी मुकाबला हुआ था। भाजपा की वंदना शर्मा मात्र 1422 वोट से हार गई थीं। जसबीर अब भाजपा में आ चुके हैं, और टिकट की उम्मीद लगाए हुए हैं। उधर, भाजपा में दूसरे दलों से आए पूर्व विधायकों की टिकट की दावेदारी का अंदरखाने विरोध हो रहा है। अब यह भाजपा की सूची आने पर ही साफ हो पाएगा कि किसकी लॉटरी लगती है और किसका पत्ता कटता है।
बीते चुनाव में हर्ष व केहर के बीच ही मुकाबला हुआ था। हर्ष 6372 वोटों से केहर से हारे थे। फरीदाबाद एनआईटी से नगेंद्र भड़ाना, यशवीर डागर, नीरा तोमर व वीर सिंह भी भाजपा टिकट के लिए जोर आजमाइश कर रहे हैं। पृथला में टेक चंद शर्मा, सोहनपाल छोकर, सुरेंद्र तेवतिया, नयनपाल रावत भाजपा टिकट के लिए जोर लगाए हुए हैं।
सफीदों में पिछली बार जसबीर देसवाल और पूर्व विदेश मंत्री सुषमा स्वराज की बहन डॉ. वंदना शर्मा के बीच करीबी मुकाबला हुआ था। भाजपा की वंदना शर्मा मात्र 1422 वोट से हार गई थीं। जसबीर अब भाजपा में आ चुके हैं, और टिकट की उम्मीद लगाए हुए हैं। उधर, भाजपा में दूसरे दलों से आए पूर्व विधायकों की टिकट की दावेदारी का अंदरखाने विरोध हो रहा है। अब यह भाजपा की सूची आने पर ही साफ हो पाएगा कि किसकी लॉटरी लगती है और किसका पत्ता कटता है।
पाला बदलने वाले विधायक
सीट नाम
फिरोजपुर झिरका नसीम अहमद
नूह जाकिर हुसैन
पुन्हाना रहीश खान
हथीन केहर सिंह रावत
जुलाना परमिंद्र ढुल
रतिया प्रो. रविंद्र बलियाला
फरीदाबाद एनआईटी नगेंद्र भड़ाना
कालांवाली बलकौर सिंह
नलवा रणवीर गंगवा
पुंडरी दिनेश कौशिक
रानिया रामचंद कंबोज
सफीदों जसबीर देसवाल
समालखा रविंद्र मछरौली
सिरसा मक्खन लाल सिंगला
फतेहाबाद बलवान सिंह दौलतपुरिया
पृथला टेक चंद शर्मा
फिरोजपुर झिरका नसीम अहमद
नूह जाकिर हुसैन
पुन्हाना रहीश खान
हथीन केहर सिंह रावत
जुलाना परमिंद्र ढुल
रतिया प्रो. रविंद्र बलियाला
फरीदाबाद एनआईटी नगेंद्र भड़ाना
कालांवाली बलकौर सिंह
नलवा रणवीर गंगवा
पुंडरी दिनेश कौशिक
रानिया रामचंद कंबोज
सफीदों जसबीर देसवाल
समालखा रविंद्र मछरौली
सिरसा मक्खन लाल सिंगला
फतेहाबाद बलवान सिंह दौलतपुरिया
पृथला टेक चंद शर्मा
टिकट की आस में ये भी बने भाजपाई
कलायत से पूर्व सीपीएस रामपाल माजरा, कुरुक्षेत्र से पूर्व सांसद कैलाशो सैनी, पहलवान योगेश्वर दत्त, हॉकी खिलाड़ी संदीप सिंह, पहलवान बबीता फौगाट, महाबीर फौगाट, पैरा ओलंपियन दीपा मलिक, कोसली से पूर्व मंत्री जगदीश यादव, पूर्व सीपीएस दूड़ा राम, सुमित्रा चौहान।
पूर्व विधायकों, पूर्व मंत्रियों व खिलाड़ियों की चमकेगी किस्मत
भाजपा में दूसरे दलों से आए पूर्व विधायकों व पूर्व मंत्रियों की किस्मत चमक सकती है। इसके अलावा अनेक खिलाड़ी भी विधानसभा में दिख सकते हैं। कलायत से पूर्व सीपीएस रामपाल काफी आश्वासनों के बाद भाजपा में शामिल हुए हैं। पूर्व सांसद कैलाशो सैनी भी टिकट की उम्मीद में ही भाजपा में आई हैं।
योगेश्वर दत्त ने भी चुनाव लडऩे के लिए ही डीएसपी की नौकरी छोड़कर भाजपा ज्वाइन की है। कोसली में बिक्त्रस्म यादव के साथ ही जगदीश यादव व अन्य भी टिकट के मजबूत दावेदार हैं। हॉकी खिलाड़ी संदीप सिंह भी भाजपा टिकट की चाह रखते हैं।
पूर्व विधायकों, पूर्व मंत्रियों व खिलाड़ियों की चमकेगी किस्मत
भाजपा में दूसरे दलों से आए पूर्व विधायकों व पूर्व मंत्रियों की किस्मत चमक सकती है। इसके अलावा अनेक खिलाड़ी भी विधानसभा में दिख सकते हैं। कलायत से पूर्व सीपीएस रामपाल काफी आश्वासनों के बाद भाजपा में शामिल हुए हैं। पूर्व सांसद कैलाशो सैनी भी टिकट की उम्मीद में ही भाजपा में आई हैं।
योगेश्वर दत्त ने भी चुनाव लडऩे के लिए ही डीएसपी की नौकरी छोड़कर भाजपा ज्वाइन की है। कोसली में बिक्त्रस्म यादव के साथ ही जगदीश यादव व अन्य भी टिकट के मजबूत दावेदार हैं। हॉकी खिलाड़ी संदीप सिंह भी भाजपा टिकट की चाह रखते हैं।
कांग्रेस में भी शामिल हुए हैं टिकट के चाहवान
भाजपा के साथ ही कांग्रेस में भी टिकट के चाहवानों ने एंट्री मारी है। पूर्व परिवहन मंत्री व पूर्व इनेलो प्रदेशाध्यक्ष अशोक अरोड़ा ने पार्टी छोड़ने से पहले लंबा मंथन किया। उनके भाजपा में जाने की अटकलें भी काफी दिन तक जोरों पर रहीं। आखिर में उन्होंने पूर्व सीएम भूपेंद्र हुड्डा से नजदीकियों के चलते बीते दिनों कांग्रेस ज्वाइन कर ली।
अरोड़ा का पंजाबी समाज का अच्छा जनाधार माना जाता है। वह थानेसर से कांग्रेस टिकट के दावेदारों में शामिल हैं। उनके अलावा निर्दलीय विधायक जयप्रकाश जेपी ने कांग्रेस में वापसी की है। रणदीप सुरजेवाला के साथ संबंध मधुर होने के बाद ही वह कांग्रेस में लौटे हैं। बीते चुनाव में कलायत से टिकट न मिलने पर उन्होंने कांग्रेस छोड़कर आजाद चुनाव लड़ा था।
उस समय सुरजेवाला व जेपी में छत्तीस का आंकड़ा था। हांसी से सुभाष गोयल, पिहोवा से गगनजीत सिंह, कालका से प्रदीप चौधरी भी टिकट की आस में ही कांग्रेस में शामिल हुए हैं। कालका से प्रदीप चौधरी मजबूत दावेदार हैं। यहां से पूर्व डिप्टी सीएम चंद्रमोहन खुद व बेटे के लिए टिकट मांग रहे हैं। पूर्व चेयरमैन विजय बंसल भी दौड़ में हैं।
सुभाष गोयल भी हिसार जिले से टिकट की दौड़ में हैं। पिहोवा सीट से पूर्व मंत्री जसविंद्र संधू के बेटे गगनजीत भी टिकट मांग रहे हैं। यहां से पूर्व वित्त मंत्री हरमोहिंदर सिंह चट्ठा और अन्य भी टिकट के दावेदार हैं।
अरोड़ा का पंजाबी समाज का अच्छा जनाधार माना जाता है। वह थानेसर से कांग्रेस टिकट के दावेदारों में शामिल हैं। उनके अलावा निर्दलीय विधायक जयप्रकाश जेपी ने कांग्रेस में वापसी की है। रणदीप सुरजेवाला के साथ संबंध मधुर होने के बाद ही वह कांग्रेस में लौटे हैं। बीते चुनाव में कलायत से टिकट न मिलने पर उन्होंने कांग्रेस छोड़कर आजाद चुनाव लड़ा था।
उस समय सुरजेवाला व जेपी में छत्तीस का आंकड़ा था। हांसी से सुभाष गोयल, पिहोवा से गगनजीत सिंह, कालका से प्रदीप चौधरी भी टिकट की आस में ही कांग्रेस में शामिल हुए हैं। कालका से प्रदीप चौधरी मजबूत दावेदार हैं। यहां से पूर्व डिप्टी सीएम चंद्रमोहन खुद व बेटे के लिए टिकट मांग रहे हैं। पूर्व चेयरमैन विजय बंसल भी दौड़ में हैं।
सुभाष गोयल भी हिसार जिले से टिकट की दौड़ में हैं। पिहोवा सीट से पूर्व मंत्री जसविंद्र संधू के बेटे गगनजीत भी टिकट मांग रहे हैं। यहां से पूर्व वित्त मंत्री हरमोहिंदर सिंह चट्ठा और अन्य भी टिकट के दावेदार हैं।