हरियाणा विस चुनावः कैथल रैली में बोले गृहमंत्री अमित शाह- राफेल का पूजन किया तो हंगामा क्यों
हरियाणा के चुनावी दौरे पर गृहमंत्री अमित शाह ने प्रदेश के दो पूर्व मुख्यमंत्रियों ओमप्रकाश चौटाला और भूपेंद्र सिंह हुड्डा पर भी तीखे हमले किए। विधानसभा चुनाव के मद्देनजर सूबे में की गई अपनी तीनों रैलियों में ये दोनों पूर्व मुख्यमंत्री अमित शाह के निशाने पर रहे। इन पूर्व मुख्यमंत्रियों के कारनामों का जिक्र करते हुए शाह ने हरियाणा की जनता को पूर्व सरकारों और मनोहर सरकार में फर्क समझाने का प्रयास किया।
शाह पहले पूर्व मुख्यमंत्री ओमप्रकाश चौटाला पर हमलावर हुए। उन्होंने कहा कि चौटाला के कार्यकाल में प्रदेश में गुंडागर्दी पूरी तरह हावी थी। डंडे के बूते कई काम हुआ करते थे, लेकिन जनता देख रही है कि ऐसा करने वाले आज कहां है। शाह ने तंज सकते हुए कहा कि उस वक्त तो नौकरियां भी जातियां देखकर बांटी जाती थी।
प्रदेश में नौकरियों की खुली मंडियां लगती थी। जिस जाति के मुख्यमंत्री की सरकार होती थी, सिर्फ उस जाति के कल्याण के बारे में ही सोचा जाता था। लेकिन मनोहर सरकार ने हरियाणा की सभी छत्तीस बिरादरियां को एक नजर से देखते हुए उनके कल्याण के लिए काम किए हैं। शाह ने उसके बाद पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा को भ्रष्टाचार के मामलों पर घेरा।
शाह ने जनता को यह बताने की कोशिश की प्रदेश में एक वक्त ऐसा भी आया जब भ्रष्टाचार के मामले में कई रिकॉर्ड टूटे। लेकिन आज मनेाहर सरकार ने भ्रष्टाचार पर नकेल कसी है।
शाह ने इन रैलियों में आई भीड़ के समक्ष कुछ सवाल उछालते हुए उनसे पूछा कि हरियाणावासी बताएं कि क्या पिछले पांच साल में प्रदेश में भ्रष्टाचार कम हुआ है या नहीं, क्या मनोहर और मोदी सरकार के फैसले देश-प्रदेश के हित में है या नहीं, क्या बार-बार कांग्रेस का देशहित के फैसलों पर विरोध करना सही है या नहीं, क्या फिर से एक बार भाजपा सरकार को हरियाणा में मौका मिलना चाहिए या नहीं।
शाह ने प्रदेश के कुछ सियासी कुनबों का राजनीति में हावी परिवारवाद पर भी निशाना साधा। साथ ही उन्होंने अपने संबोधन में भारत माता के अपमान करने वालों को न बख्शने की चेतावनी देते हुए साफ कहा कि भारत माता को गाली देने वालों से सख्ती से निपटा जाएगा।
इस तरह से गृहमंत्री ने प्रदेश में की जनता को न केवल भाजपा की नीतियों की ओर आकर्षित करने का प्रयास किया, बल्कि विपक्ष को भी आइना दिखाने का काम किया। अपने संबोधन में उन्होंने कांग्रेस को निशाने पर लिया। अमित शाह ने कहा कि भारत में विजय दशमी के दिन शस्त्र पूजन करते हैं। ऐसे में अगर राफेल का भी पूजन किया गया तो इसमें हंगामा करने की क्या बात है। कांग्रेसी इसका विरोध कर रहे हैं, ऐसा करने से पहले एक बार सोचना चाहिए।
अमित शाह ने अपने भाषण में कश्मीर से धारा 370 हटाए जाने का जिक्र भी किया। शाह ने कहा कि कांग्रेस ने धारा 370 हटाने का विरोध किया। राहुल गांधी खुलकर सामने आएं और बताएं कि उनकी पार्टी ने आज तक कश्मीर के लिए क्या किया, जो वे अब इसका विरोध करने में जुटे हैं।
अमित शाह ने कहा कि कांग्रेस को विरोध करने से पहले सोच लेना चाहिए। विरोध करना चाहिए या नहीं, किसका विरोध करना चाहिए किसका नहीं, इस पर विचार कर लेना चाहिए। कांग्रेस सरकारें जम्मू-कश्मीर से अनुुच्छेद 370 नहीं हटा पाईं। पीएम मोदी ने दूसरी बार प्रधानमंत्री बनते ही इसे हटा दिया तो मिर्ची लग गई।
रणदीप सुरजेवाला को आड़े हाथों लिया
अमित शाह ने अपने संबोधन में कहा कि विधानसभा चुनाव अभी शुरू हुआ है और विरोधी कन्फयूज हो गए। उन्हें समझ ही नहीं आ रहा कि चुनाव अभियान कहां से शुरू करें। पूर्व से करें या पश्चिम से। अगर ऐसे हालात हैं तो चुनाव क्या खाक जीतेंगे। भाजपा इस बार फिर सरकार बनाने के लिए प्रतिबद्ध है।
अमित शाह ने अपने संबोधन में रणदीप सुरजेवाला को भी निशाने पर लिया। शाह ने कहा कि पीएम मोदी कुछ भी करते हैं तो सुरजेवाला के पेट में दर्द हो जाता है। पूरी कांग्रेस को मिर्ची लग जाती है। वे बताएं कि उन्होंने या उनकी पार्टी ने आज तक देश की और हरियाणा की जनता के लिए क्या किया।
अमित शाह ने अपने संबोधन में भाजपा सरकार की उपलब्धियों को भी गिनाया। शाह ने कहा कि मोदी सरकार ने सर्जिकल स्ट्राइक कराई। तीन तलाक बिल पास किया। भ्रष्टाचार के खिलाफ लड़ाई शुरू की। बेटी बचाओ का नारा दिया। जन-जन तक योजनाएं पहुंचाई, कांग्रेस ने आज तक कौन-सा काम किया।
अमित शाह ने कहा कि हरियाणा में मनोहर सरकार ने पांच साल राज किया और इस दौरान कई बड़े बदलाव हुए। मनोहर सरकार की कोई जाति नहीं है। चौटाला राज में गुंडागर्दी थी, हुड्डा राज में भ्रष्टाचार था। मनोहर राज में न गुंडाराज और न भ्रष्टाचार है। नौकरियों के लिए लगने वाला बाजार भी बीते जमाने की बात हो गई।
अमित शाह ने कहा कि हरियाणा की जनता ने भाजपा को सरकार बनाने का मौका दिया और भाजपा ने भी अपने वादों को पूरा किया। नौकरियों में भ्रष्टाचार खत्म किया। लिंग अनुपात सुधारने के लिए काम किया। अब जाति के आधार पर काम नहीं होते। भाजपा की सरकार आम आदमी की सरकार है।