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हरियाणा विस चुनावः कांग्रेसियों के दुर्ग भेदने की फिराक में भाजपा, इनेलो-जजपा को भी चित करना है

Sat, 28 Sep 2019 01:27 PM IST
खुशबू गोयल न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़ Published by: खुशबू गोयल Updated Sat, 28 Sep 2019 01:27 PM IST
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haryana assembly elections 2019, BJP Strategy to Enter in Congress areas
फाइल फोटो
हरियाणा में विधानसभा चुनाव के लिए चुनावी रण सजने लगा है। मुख्य दलों भाजपा, कांग्रेस और क्षेत्रीय दलों इनेलो, जजपा के उम्मीदवारों के चेहरे साफ होने का इंतजार हो रहा है। भाजपा की पहली सूची 29 सितंबर को आएगी तो कांग्रेस की पहली सूची तीस सितंबर को अपने की संभावना है। इनेलो भी नवरात्र में ही अपने उम्मीदवार घोषित करेगी। जजपा की पहली सूची आ चुकी है और बाकी चेहरों से पर्दा नवरात्र में ही उठेगा। इस बार के विधानसभा चुनाव में भाजपा लोकसभा की तरह ही कांग्रेस दिग्गजों के गढ़ भेदने की फिराक में है।
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भाजपा का थिंक टैंक कांग्रेस के सभी बड़े नेताओं को उनके घर में ही घेरने की रणनीति के तहत काम कर रहा है। सत्तारूढ़ दल के निशाने पर मुख्य रूप से पूर्व सीएम भूपेंद्र सिंह हुड्डा, एआईसीसी मीडिया प्रभारी रणदीप सुरजेवाला, पूर्व सीएलपी लीडर किरण चौधरी, कांग्रेस विधायक कुलदीप बिश्नोई, विधायक करण दलाल, रघुबीर कादियान, कुलदीप शर्मा, आनंद सिंह दांगी व गीता भुक्कल हैं। चूंकि, विधानसभा में सत्ता पक्ष को घेरने में यह सबसे अधिक मुखर रहते हैं। भाजपा इन्हें वर्तमान चुनाव में हर हाल में शिकस्त देने का सपना देख रही है।
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जाट बहुल जिलों रोहतक, सोनीपत, झज्जर, जींद, कैथल, हिसार, सिरसा, फतेहाबाद व भिवानी के कुछ हिस्से में भाजपा का नॉन जाट मतदाताओं पर खास फोकस रहेगा। सूत्रों के अनुसार भाजपा की रणनीति यह है कि जाट वोट भाजपा, कांग्रेस, इनेलो, जजपा में बंटे और नॉन जाट मतदाता एकतरफा भाजपा के साथ आएं। जिससे कि प्रदेश की सत्ता पर दोबारा काबिज हुआ जा सके। कांग्रेस, इनेलो और जजपा को उनके गढ़ों में मात देकर भाजपा एक ही तीर से तीन निशाने करना चाह रही है। जिन-जिन सीटों पर विपक्षी दलों का जनाधार है, वहां भाजपा सशक्त उम्मीदवार उतारने के साथ ही संगठनात्मक दृष्टि से भी चुनाव जीतने के लिए पूरा जोर लगाएगी।
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हुड्डा को रोहतक, सोनीपत, झज्जर में घेरने की रणनीति

तीनों जिलों को पूर्व सीएम भूपेंद्र सिंह हुड्डा के गढ़ के तौर पर देखा जाता है। इन जिलों से ही वर्तमान में सबसे अधिक हुड्डा समर्थक विधायक हैं। भाजपा ने इन तीनों जिलों में मजबूत चेहरे उतारकर का निर्णय लेकर हुड्डा की घेराबंदी का प्लान बनाया है। भाजपा हाईकमान चाहता है कि हुड्डा यहां पर उलझे रहें। पार्टी की रणनीति लोकसभा चुनाव की तरह ही यहां कांग्रेस को मात देने की है।

अभय, दुष्यंत को कम सीटों पर समेटने की योजना
भाजपा की योजना विधानसभा चुनाव में इनेलो, जजपा को कम से कम सीटों पर समेटने की है, ताकि मुख्य मुकाबला कांग्रेस के साथ ही रहे। अभय चौटाला को भाजपा वैसे भी अधिकांश विधायक तोड़कर झटका दे चुकी है। जजपा को दुष्यंत चौटाला तीसरा विकल्प बनाना चाहते हैं, लेकिन भाजपा कुछ सीटों पर ही समेटकर आगे के लिए उनका मनोबल तोड़ने की रणनीति के तहत काम कर रही है।
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