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इस्तीफा दे दिया, अब बड़ा सवाल- कांग्रेस के दिल्ली दरबार जाएंगे या चंडीगढ़ कूच करेंगे अशोक अरोड़ा
Thu, 12 Sep 2019 01:11 PM IST
खुशबू गोयल
राजेश शांडिल्य, अमर उजाला, कुरुक्षेत्र(हरियाणा)
राजेश शांडिल्य, अमर उजाला, कुरुक्षेत्र(हरियाणा)
Published by: खुशबू गोयल
Updated Thu, 12 Sep 2019 01:11 PM IST
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अशोक अरोड़ा
- फोटो : फाइल फोटो
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इनेलो से इस्तीफा देने के बाद अशोक अरोड़ा के समर्थकों में ये कौतूहल मचा है कि उनके नेता अगले कुछ घंटों कांग्रेस के दिल्ली दरबार में पहुंगे या चंडीगढ़ की ओर कूच करेंगे? यहां रोचक पहलू यह भी है कि इन दोनों संभावनाओं के बीच अरोड़ा को एक नई संभावना भी दिल्ली मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल की ओर से दी गई है,जिसके अरोड़ा ने अस्वीकार करने की पुष्टि अमर उजाला से बातचीत में की है। जाहिर है कि अरोड़ा लोकसभा चुनाव के बाद करीब चार माह के अज्ञातवास के बाद मंगलवार को अपने समर्थकों के बीच आए थे, जहां रायशुमारी के बाद उन्होंने चुप्पी तोड़ी थी।
हरियाणा में थानेसर से करीब तीन दशक पहले पहली बार विधायक चुने गये अरोड़ा, 1990 के बाद 1996, 2000, 2009 में विधायक रह चुके हैं। ताऊ देवीलाल और चौटाला परिवार के बेहद करीब होने के कारण उन्हें 15 साल तक इनेलो के चेयरमैन बनाया गया, जबकि इस बीच वे चेयरमैन, विधानसभा और कैबिनेट मंत्री के पद पर भी रहे। प्रदेश में अरोड़ा की पहचान एक प्रखर नेता के साथ साथ पंजाबी समुदाय के बड़े नेता की भी रही है। हरियाणा कांग्रेस में कभी लक्ष्मण दास अरोड़ा,एसी चौधरी,सुभाष बतरा जैसे कुछेक बड़े नाम रहे हैं, लेकिन लक्ष्मण दास अरोड़ा के निधन और चौधरी व बतरा के हाशिये पर जाने के बाद यहां पंजाबी लीडरशिप लुप्त प्राय है।
ऐसे में पूर्व सीएम भूपेंद्र सिंह हुड्डा के निकटता होने के कारण अशोक अरोड़ा के जरिये कांग्रेस इस रिक्त स्थान को भरने की फिराक में है। माना जा रहा है कि उन्हें शुक्रवार तक कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी के समक्ष प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष कुमारी शैलजा व नेता प्रतिपक्ष भूपेंद्र सिंह हुड्डा तथा पार्टी प्रवक्ता रणदीप सिंह सुरजेवाला की मौजूदगी में शामिल कराया जाएगा। मगर भाजपा और संघ में भी अरोड़ा के कुछ चाहने वालों के चलते उन्हें भाजपा में लाये जाने की भी उम्मीद अभी बनी हुई है।
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हरियाणा में थानेसर से करीब तीन दशक पहले पहली बार विधायक चुने गये अरोड़ा, 1990 के बाद 1996, 2000, 2009 में विधायक रह चुके हैं। ताऊ देवीलाल और चौटाला परिवार के बेहद करीब होने के कारण उन्हें 15 साल तक इनेलो के चेयरमैन बनाया गया, जबकि इस बीच वे चेयरमैन, विधानसभा और कैबिनेट मंत्री के पद पर भी रहे। प्रदेश में अरोड़ा की पहचान एक प्रखर नेता के साथ साथ पंजाबी समुदाय के बड़े नेता की भी रही है। हरियाणा कांग्रेस में कभी लक्ष्मण दास अरोड़ा,एसी चौधरी,सुभाष बतरा जैसे कुछेक बड़े नाम रहे हैं, लेकिन लक्ष्मण दास अरोड़ा के निधन और चौधरी व बतरा के हाशिये पर जाने के बाद यहां पंजाबी लीडरशिप लुप्त प्राय है।
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ऐसे में पूर्व सीएम भूपेंद्र सिंह हुड्डा के निकटता होने के कारण अशोक अरोड़ा के जरिये कांग्रेस इस रिक्त स्थान को भरने की फिराक में है। माना जा रहा है कि उन्हें शुक्रवार तक कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी के समक्ष प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष कुमारी शैलजा व नेता प्रतिपक्ष भूपेंद्र सिंह हुड्डा तथा पार्टी प्रवक्ता रणदीप सिंह सुरजेवाला की मौजूदगी में शामिल कराया जाएगा। मगर भाजपा और संघ में भी अरोड़ा के कुछ चाहने वालों के चलते उन्हें भाजपा में लाये जाने की भी उम्मीद अभी बनी हुई है।
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चंडीगढ़ में सीएम से नहीं, दोस्तों से मिलने गया था
इनेलो के राष्ट्रीय वरिष्ठ उपाध्यक्ष पद से इस्तीफा देने के बाद हालांकि अरोड़ा चंडीगढ़ में कुछ दोस्तों से मिलने गये थे और आज सुबह ही वापिस लौटे हैं, मगर उनके चंडीगढ़ जाने की खबर के बाद इसे दूसरे चश्मे से देखा जा रहा है। अरोड़ा ने बातचीत में इसकी पुष्टि की है। उनका कहना था कि ताऊ देवीलाल की पार्टी से करीब चार दशक पुराना रिश्ता था,इस्तीफा देने की घोषणा के बाद उन्होंने शाम पांच बजे तक मोबाइल फोन बंद रखा। इसके बाद वह देर शाम को वह अपने कुछ दोस्तों से मिलने चंडीगढ़ चले गये थे,लेकिन मुख्यमंत्री या भाजपा के किसी दिग्गज नेता से कोई मुलाकात नहीं की।
आप से सीएम की आफर पर बोले अरोड़ा...
आम आदमी पार्टी में शामिल होने और हरियाणा में सीएम के चेहरे के रुप में प्रोजेक्ट करने का दिल्ली से ऑफर मिलने की बात पर अशोक अरोड़ा ने जो जवाब दिया उसमें उनका दर्द साफ झलका। अरोड़ा ने बताया कि यह आफर जब मिली तो उन्होंने बताया कि पहले ही एक को सीएम बनाने के चक्कर में इनेलो जैसी पार्टी का....।
स्कूल के गुरुजी सोनीपत से आए आशीर्वाद देने
स्कूल में नेशनल तक कबड्डी और स्टेट लेवल तक बास्केटबाल के खिलाड़ी रहे चुके अशोक अरोड़ा पार्टी छोड़ने के बाद उत्साह से लबरेज दिखे। दिनभर उनके आवास पर समर्थकों और मीडिया वालों का जमावड़ा लगा रहा। इन्हीं में सोनीपत से आए कुरुक्षेत्र के आर्य स्कूल के पूर्व खेल शिक्षक वयोवृद्ध नाहर सिंह भी अरोड़ा को आशीर्वाद देने पहुंचे। नाहर सिंह बोले उनका शिष्य एक जमाने में कबड्डी और बास्केटबाल का खिलाड़ी जरूर था, मगर अब वह हरियाणा की राजनीति का बड़ा चेहरा है।
आप से सीएम की आफर पर बोले अरोड़ा...
आम आदमी पार्टी में शामिल होने और हरियाणा में सीएम के चेहरे के रुप में प्रोजेक्ट करने का दिल्ली से ऑफर मिलने की बात पर अशोक अरोड़ा ने जो जवाब दिया उसमें उनका दर्द साफ झलका। अरोड़ा ने बताया कि यह आफर जब मिली तो उन्होंने बताया कि पहले ही एक को सीएम बनाने के चक्कर में इनेलो जैसी पार्टी का....।
स्कूल के गुरुजी सोनीपत से आए आशीर्वाद देने
स्कूल में नेशनल तक कबड्डी और स्टेट लेवल तक बास्केटबाल के खिलाड़ी रहे चुके अशोक अरोड़ा पार्टी छोड़ने के बाद उत्साह से लबरेज दिखे। दिनभर उनके आवास पर समर्थकों और मीडिया वालों का जमावड़ा लगा रहा। इन्हीं में सोनीपत से आए कुरुक्षेत्र के आर्य स्कूल के पूर्व खेल शिक्षक वयोवृद्ध नाहर सिंह भी अरोड़ा को आशीर्वाद देने पहुंचे। नाहर सिंह बोले उनका शिष्य एक जमाने में कबड्डी और बास्केटबाल का खिलाड़ी जरूर था, मगर अब वह हरियाणा की राजनीति का बड़ा चेहरा है।