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Haryana Assembly Elections 2024 : सियासी मैदान में जवान दिखा रहे दम, इस बार छह पूर्व सैनिक चुनावी जंग में

Fri, 27 Sep 2024 06:19 AM IST
दुष्यंत शर्मा सुमित मलिक, चंडीगढ़
सुमित मलिक, चंडीगढ़ Published by: दुष्यंत शर्मा Updated Fri, 27 Sep 2024 06:19 AM IST
सार

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह अपनी पहली रैली में ही वन रैंक वन पेंशन व अग्निवीर जैसे मुद्दों पर स्पष्टीकरण दे चुके हैं। वहीं, विपक्ष इन मुद्दों पर लगातार हमलावर है।

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haryana assembly election 2024: Young men are showing strength in the political field
हरियाणा चुनाव - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

हरियाणा की चुनावी जंग में सरहद और इसकी रखवाली करने वालों के मुद्दे छाए हुए हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह अपनी पहली रैली में ही वन रैंक वन पेंशन व अग्निवीर जैसे मुद्दों पर स्पष्टीकरण दे चुके हैं। वहीं, विपक्ष इन मुद्दों पर लगातार हमलावर है। अलग से अहीर रेजीमेंट का मुद्दा छह दशक बाद भी कायम है। आरोप-प्रत्यारोप के बीच अधिकतर पार्टियों ने भूतपूर्व सैनिकों और रक्षा क्षेत्र से जुड़े जवानों के लिए मैदान भी तैयार करके दिया है। इस बार छह पूर्व सैनिक चुनाव मैदान में हैं, जो लंबे समय तक सरहदों पर देश की रक्षा कर चुके हैं। इनमें सैनिक से लेकर कैप्टन, कर्नल व लेफ्टिनेंट कर्नल तक शामिल हैं। 

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भाजपा ने सबसे ज्यादा तीन, आम आदमी पार्टी ने दो भूतपूर्व सैनिकों को टिकट दिया है, जबकि जजपा ने भी लेफ्टिनेंट जनरल पर भरोसा जताया है। इनेलो-बसपा गठबंधन व कांग्रेस ने किसी पूर्व सैनिक को टिकट नहीं दिया। हालांकि, फरीदाबाद के बल्लभगढ़ से कांग्रेस उम्मीदवार पराग शर्मा का सैन्य पृष्ठभूमि से नाता जरूर है। उनके पति भारतीय सेना में मेजर हैं। यह प्रत्याशी न केवल सैनिकों से जुड़े मुद्दों पर बात करते हैं, बल्कि आर्मी कैप व कंधे पर मेडल लगाकर लोगों के बीच भी जा रहे हैं। फर्क सिर्फ इतना है कि यहां बारूद के बजाय भाषणों व आरोप-प्रत्यारोप की गोलाबारी हो रही है। आप के प्रत्याशी अग्निवीर और वन रैंक वन पेंशन में सुधार पर मुखर हैं, तो जजपा प्रत्याशी का मानना है कि दोनों ही मुद्दों पर आम राय व सुधार की आवश्यकता है।
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सैनिकों के दो बड़े मुद्दे

  • अग्निवीर की अग्निपरीक्षा : लोकसभा चुनाव की तरह विधानसभा चुनाव में भी अग्निवीर का मुद्दा खूब छाया हुआ है। हालांकि नायब सिंह सैनी सरकार अग्निवीरों को आरक्षण देने का एलान कर चुकी है, लेकिन पूर्व सैनिक अब भी इस योजना से संतुष्ट नहीं हैं। हैट्रिक की राह खोज रही भाजपा के लिए अग्निवीर योजना को इसी बेल्ट में अग्निपरीक्षा देनी होगी।
  • अहीर रेजीमेंट : अहीरवाल बेल्ट में इस मुद्दे पर लोग एकजुट हैं। कांग्रेस सांसद दीपेंद्र हुड्डा तो दावा कर चुके हैं कि अहीर रेजीमेंट के गठन का प्रस्ताव विधानसभा से पारित कर केंद्र सरकार को भेजेंगे। सरकार बनने के बाद पहली कैबिनेट में ही इस पर मंथन होगा। मामला केंद्र सरकार के स्तर पर विचाराधीन है।


मैदान में पूर्व सैनिक...बाढड़ा में नेवी अफसर व लेफ्टिनेंट कर्नल में टक्कर
पूर्व सैनिकों की राजनीति का केंद्र रहे भिवानी के बाढड़ा सीट पर दो सैन्य अधिकारी आमने-सामने हैं। नौसेना के पूर्व सैनिक उमेद पातुवास भाजपा से तो युवा लेफ्टिनेंट कर्नल यशवीर श्योराण जजपा के टिकट पर मैदान में हैं। यशवीर का पहला चुनाव है, जबकि पातुवास 2014 में निर्दलीय उतर चुके हैं। इसी सीट पर 2009 में पूर्व कर्नल रघुबीर सिंह इनेलो के टिकट पर विधायक रह चुके हैं।

जनवरी, 1990  से जनवरी, 2004 तक नौसेना में रहे उमेद पातुवास का कहना है कि अग्निवीर मुद्दे पर विपक्ष लोगों को गुमराह कर रहा है। एक भी अग्निवीर रिटायर होने के बाद घर पर बेरोजगार नहीं बैठेगा। वन रैंक, वन पेंशन पर कहते हैं कि पीएम मोदी के एलान से पहले उन्हें करीब 8 हजार पेंशन मिलती थी, अब चार गुना ज्यादा मिलती है। यह बहुत अच्छी योजना है। उमेद 2014 में बाढड़ा से निर्दलीय मैदान में उतरे थे और करीब 25,000 वोट पाकर चौथे स्थान पर रहे थे।


- उमेद पातुवास, भाजपा

2000 से 2024 तक सेना की द गार्ड्स रेजिमेंट, असम राइफल्स, एनएसजी और विशेष बलों के साथ काम कर चुके लेफ्टिनेंट कर्नल यशवीर ऑपरेशन पराक्रम का भी हिस्सा रहे। जनरल जेजे सिंह से प्रभावित होकर राजनीति में आए हैं। कहते हैं समाज ने जो कुछ दिया है, कुछ बेहतर करके उसे लौटना चाहते हैं। पूर्व सैनिकों की सुविधाओं से लेकर मुफ्त शिक्षा व स्वास्थ्य प्रणाली में सुधार चाहते हैं।
-यशवीर श्योराण, जजपा

पवन फौजी : अन्ना आंदोलन से प्रभावित होकर राजनीति में आए
1999 से 2015 तक सेना में रहे। ग्रेनेडियर रेजिमेंट का हिस्सा थे। अन्ना आंदोलन के समय दिल्ली में तैनाती थी। आंदोलन से प्रभावित होकर सेवानिवृत्ति लेकर आम आदमी पार्टी में शामिल हुए। कहते हैं कि सत्ता परिवर्तन नहीं, व्यवस्था परिवर्तन के लिए राजनीति में आया हूं। आप ने हॉट सीटों में शुमार उचाना कलां से मैदान में उतारा है। उनका मुकाबला पूर्व उप मुख्यमंत्री दुष्यंत चौटाला व कांग्रेस से पूर्व सांसद बृजेंद्र सिंह से है।

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