हरियाणा की 16 हॉट सीटों पर रहेगी नजर
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
हरियाणा विधानसभा चुनाव की मतगणना के बाद राजनीति में होने वाले बदलाव और प्रदेश के दिग्गजों की हॉट सीटों पर सभी की नजर होगी। सट्टा बाजार ने भी हॉट सीटों पर बहुत बड़ा दांव खेला है।
उचाना कलां
विधानसभा चुनाव में सबसे ज्यादा हॉट सीट उचाना कलां मानी जा रही है। इसी सीट पर सट्टा बाजार में सबसे बड़ा दांव खेला गया है। इनेलो ने उचाना से दुष्यंत चौटाला को उतार कर अपनी विरासत बचाने का दांव खेला है।
वहीं, कांग्रेस छोड़कर भाजपा में गए चौधरी बीरेंद्र सिंह की पत्नी प्रेमलता उचाना से भाजपा के टिकट पर चुनाव लड़ रही हैं। कांग्रेस ने भाग सिंह और हजकां ने रणधीर सिंह पनिहार को मैदान में उतारा है। जींद जिले की उचाना सीट राजनीतिक दृष्टि से काफी अहमियत रखती है। यहां से इनेलो और भाजपा की प्रतिष्ठा की लड़ाई लड़ रही।
हुड्डा का गढ़
गढ़ी सांपला किलोई हलका मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा का गढ़ कहा जाता है। यहां से उनके मुकाबले भाजपा के धर्मवीर हुड्डा, इनेलो से सतीश नांदल और हजकां से बिजेंद्र शर्मा मैदान में हैं। जिला रोहतक की इस जाटलैंड को सीट पर मुख्यमंत्री हुड्डा का काफी बड़ा जनाधार है।
कैथल
कैथल से कांग्रेस प्रत्याशी लोकनिर्माण मंत्री रणदीप सिंह सुरजेवाला मैदान में हैं। वे पिछले दो चुनाव यहां से जीत चुके हैं, लेकिन इस बार मुकाबला काफी टक्कर का है। इस सीट पर भाजपा से राव सुरेंद्र सिंह और इनेलो से कैलाश भगत ने चुनाव लड़ा है। यहां से रणदीप सिंह सुरजेवाला और भाजपा से राव सुरेंद्र सिंह मैदान में हैं।
आदमपुर, महेंद्रगढ़
आदमपुर
आदमपुर विधानसभा सीट हजकां के अध्यक्ष कुलदीप बिश्नोई के कारण हॉट बनी हुई है। यहां कांग्रेस से सत्येंद्र सिंह, भाजपा से करण सिंह रानौलिया और इनेलो से कुलबीर बेनीवाल मैदान में हैं। हिसार जिले की आदमपुर सीट पूर्व मुख्यमंत्री भजनलाल के गढ़ के रूप में जानी जाती है। बीते लोकसभा चुनाव में कुलदीप बिशभनोई की हार के बाद आदमपुर के गढ़ को बचाने का दारोमदार कुलदीप पर ही है।
महेंद्रगढ़
अहीरवाल की महेंद्रगढ़ विधानसभा सीट इस चुनाव में खास महत्व वाली बन गई है। भाजपा के मुख्यमंत्री पद के दावेदार रामबिलास शर्मा यहां से मैदान में हैं। शर्मा के लिए यह चुनाव जीतना सबसे ज्यादा अहम है। कांग्रेस ने यहां से राव दान सिंह को मैदान में उतारा है, जबकि इनेलो ने अपना प्रत्याशी बदल कर राजपूत प्रत्याशी को मैदान में उतारा है।
रेवाड़ी, अंबाला छावनी
रेवाड़ी
अहीरवाल की इस सीट को किसी मायने में कम नहीं आंका जा सकता। कैप्टन अजय सिंह यादव लगातार कई चुनाव यहां से लड़ चुके हैं। उनका नाम कांग्रेस के दिग्गज नेताओं में है। भाजपा ने यहां से रणधीर कापड़ी वास और इनेलो ने सतीश यादव को मैदान में उतारा है। कैप्टन अजय सिंह यादव ने मतदान के बाद मुख्यमंत्री भूपेंद्र हुड्डा के खिलाफ ही मोर्चा खोल रखा है।
अंबाला छावनी
अंबाला छावनी विधानसभा सीट पिछले कई चुनाव में अनिल विज जीतते रहे हैं। विज भाजपा के कद्दावर नेता हैं। विज भाजपा में मुख्यमंत्री पद के भी दावेदार हैं और उनका एरिया में अपना राजनीतिक रसूख भी है। परिसीमन के बाद नग्गल विधानसभा क्षेत्र अंबाला छावनी में शामिल हो गया है। उनके मुकाबले कांग्रेस ने मजबूत उम्मीदवार के तौर पर निर्मल सिंह को उतारा है, जबकि इनेलो से सूरजप्रकाश जिंदल भी चुनाव लड़ रहे हैं।
अंबाला शहर, यमुनानगर व सिरसा
अंबाला शहर
इस सीट पर हजपा के अध्यक्ष विनोद शर्मा चुनाव लड़ रहे हैं। उनके मुकाबले में कांग्रेस के हिम्मत सिंह, भाजपा के असीम गोयल चुनाव लड़ रहे हैं, जबकि इनेलो ने यह सीट शिरोमणि अकाली दल (शिअद) को दी है। अकाली दल की ओर से यहां से बलविंदर सिंह पुनिया ने चुनाव लड़ा है।
यमुनानगर
यमुनानगर सीट से बसपा के मुख्यमंत्री पद के उम्मीदवार अरविंद शर्मा चुनाव लड़ रहे हैं। पूर्व सांसद अरविंद शर्मा इससे पहले कांग्रेस के सीनियर नेता रह चुके हैं। कांग्रेस ने यहां से कृष्णा पंडित को उतारा है, जबकि हरियाणा जनचेतना पार्टी ने भी ब्राह्मण प्रत्याशी के तौर पर पूर्व मुख्यमंत्री भगवत दयाल शर्मा की पुत्रवधू विनय शर्मा को टिकट दिया है। वहीं, भाजपा से घनश्याम दास और इनेलो से दिलबाग सिंह ने चुनाव लड़ा है।
सिरसा
पंजाब की सीमा से सटे सिरसा को इनेलो का गढ़ माना जाता है। सिरसा शहर सीट पर पंजाबी समाज का कब्जा रहा है। यहां से कांग्रेस के दिग्गज नेता रहे लक्ष्मण दास अरोड़ा की पुत्री सुनीता सेतिया भाजपा की टिकट पर मैदान में हैं। इस सीट से हरियाणा लोकहित पार्टी के अध्यक्ष गोपाल कांडा मौजूदा विधायक है। कांडा के खिलाफ आपराधिक मामला भी दर्ज है। वहीं, कांग्रेस से नवीन और इनेलो से रामचंद्र कंबोज चुनाव लड़ रहे हैं।
ऐलनाबाद, डबवाली व हिसार
ऐलनाबाद
सिरसा जिले की ऐलनाबाद विधानसभा सीट से इनेलो के वर्तमान विधायक व वरिष्ठ नेता अभय सिंह चौटाला इस बार फिर से दावेदार हैं। इनेलो की ओर से अभय चौटाला ही सीएम पद के प्रत्याशी भी माने जा रहे हैं। इस सीट पर इनेलो का खासा प्रभाव रहा है। कांग्रेस ने यहां से रमेश भादू और भाजपा से पवन बैनीवाल को मैदान में उतारा है।
डबवाली
सिरसा जिले की डबवाली सीट चौटाला परिवार की वजह से अहम रही है। इस सीट से इनेलो के वरिष्ठ नेता अजय सिंह चौटाला विधायक हैं। पिछले चुनाव में कांग्रेस की टिकट पर देवीलाल परिवार के ही नजदीकी डॉ. केवी सिंह ने इनेलो को कड़ी टक्कर दी थी। इस बार भी वह मुकाबले में है, जबकि अजय चौटाला की पत्नी नैना चौटाला अपने पति की विरासत को बचाए रखने को मैदान में उतरीं हैं। वहीं, भाजपा ने देव कुमार शर्मा को मैदान में उतारा है।
हिसार
जिंदल ग्रुप की चेयरपर्सन सावित्री जिंदल पिछले दो चुनावों से हिसार सीट का प्रतिनिधित्व कर रही है। इस सीट पर जिंदल परिवार का लंबे समय से कब्जा है। जिंदल परिवार के मुखिया ओपी जिंदल यहां से विधायक और मंत्री बने थे। उनके निधन के बाद से सावित्री जिंदल कांग्रेस की टिकट के लिए इस बार भी प्रबल दावेदार हैं, जबकि भाजपा से कमल गुप्ता और इनेलो से भीम महाजन मैदान में है।
नारनौंद, तोशाम व करनाल
नारनौंद
हिसार जिले की नारनौंद सीट से भाजपा के वरिष्ठ नेता कैप्टन अभिमन्यु मैदान में है। कैप्टन भाजपा में मुख्यमंत्री पद के दावेदार भी हैं। कैप्टन को घेरने के लिए इनेलो से राज सिंह मोर, कांग्रेस से राजबीर सिंह के अलावा हजकां ने जमकर प्रचार किया है।
तोशाम
भिवानी जिले की तोशाम सीट पर कांग्रेस से किरण चौधरी चुनाव लड़ रही है। बंसीलाल परिवार की बिरासत को बरकरार रखना इस बार किरण के लिए चुनौती है। भाजपा से यहां पर गुनपाल सिंह और इनेलो से कमला देवी ने चुनाव लड़ा है।
करनाल
जीटी रोड बेल्ट की पंजाबी बाहुल्य इस सीट पर खास नजरें है। करनाल से भाजपा की टिकट पर पार्टी के संगठन मंत्री मनोहरलाल खट्टर मैदान में हैं। खट्टर भाजपा में मुख्यमंत्री पद के भी उम्मीदवार हैं। संघ के स्वयंसेवक के तौर पर कैरियर शुरू करने वाले खट्टर की हाईकमान में खासी पैठ है। उनके मुकाबले में कांग्रेस से सुरेंद्र नरवाल और इनेलो के मनोज वधवा मैदान में है।