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विधानसभा बजट सत्र: छाया रहेगा एसवाईएल और जाट आरक्षण का मुद्दा

Sun, 26 Feb 2017 09:16 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़ Updated Sun, 26 Feb 2017 09:16 AM IST
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Haryana Assembly budget session, issue of SYL and Jat reservation
- फोटो : File Photo
हरियाणा विधानसभा के बजट सत्र में इस बार इनेलो पूरी तैयारी के साथ सरकार को घेरेगी। कांग्रेस ने भी सरकार को घेरने की तैयारी कर ली है। एसवाईएल और जाट आरक्षण का मुद्दा तो रहेगा ही।
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साथ ही सरकार को विपक्ष के तीखे सवालों का जवाब देना होगा। खास बात यह होगी कि अभी तक हजकां की तरफ से हमला बोलने वाले कुलदीप बिश्नोई और उनकी पत्नी रेणुका इस बार कांग्रेस की तरफ से विधानसभा में तैयारी के साथ पहुंचेंगे। पूर्व सीएम भूपेंद्र सिंह हुड्डा और कांग्रेस विधायक दल की नेता किरण चौधरी ने भी सरकार को घेरने की रणनीति बना ली है।
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इंडियन नेशनल लोकदल ने अनेक ध्यानाकर्षण प्रस्ताव व 400 से ज्यादा प्रश्न विधानसभा सचिवालय को सौंप दिए हैं। एसवाईएल और जाट आरक्षण आंदोलन को भी इनेलो प्रमुखता से सदन में उठाएगी। भाजपा द्वारा किए गए चुनावी वायदे पूरे करने की सदन में मांग करेगी और कर्मचारियों को पंजाब समान वेतनमान व पक्के करने और स्वामीनाथन आयोग रिपोर्ट लागू करने की करेगी मांग करेगी।
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इनेलो ने 400 से ज्यादा प्रश्न विधानसभा सचिवालय को सौंपे

Haryana Assembly budget session, issue of SYL and Jat reservation
Haryana Assembly - फोटो : File Photo
जींद से इनेलो विधायक डॉ. हरिचंद मिड्ढा व सिरसा के विधायक मक्खन लाल सिंगला ने बताया कि इनेलो विधायकों ने बताया कि पिछले चुनाव के समय भाजपा ने लोगों के साथ अनेक वायदे किए थे, लेकिन वे वायदे अभी तक भी लागू नहीं किए गए। इनमें बुढ़ापा सम्मान पेंशन 2000 रुपये महीना दिए जाने, युवाओं को छह हजार व नौ हजार रुपये महीना बेरोजगारी भत्ता देने जैसे अन्य मुद्दे शामिल हैं।

उधर, वरिष्ठ कांग्रेस नेता एवं विधायक कुलदीप बिश्नोई ने कहा कि बजट सत्र में कांग्रेस जनहित से जुड़े मुद्दों को लेकर प्रदेश सरकार को विधानसभा में घेरेगी। सवा दो साल के कार्यकाल में भाजपा ने प्रदेश के किसान, व्यापारी, कर्मचारी से लेकर हर वर्ग के हितों पर कुठाराघात किया है।

यही कारण है कि आज राज्य में किसान से लेकर कर्मचारी वर्ग तक अपनी मांगों को लेकर धरना, प्रदर्शन करने पर मजबूर है। मौसम की मार से बर्बाद हुई किसानों की फसलों के मुआवजे, मुख्यमंत्री द्वारा प्रदेश भर में की गई 3500 घोषणाओं में से कितनी शुरू हुई और कितनी घोषणाओं पर अभी तक कार्य शुरू हुआ, इसका जवाब भी कांग्रेस सत्र के दौरान भाजपा से लेगी। 
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