जेटली से मिलीं हरसिमरत, कम होगी खटास
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हरियाणा विधानसभा चुनाव में अकाली-भाजपा नेताओं के बीच परस्पर विरोधी तीखी बयानबाजी के बाद दोनों दलों के बीच तल्ख हुए रिश्तों में सुधार के कुछ संकेत मिले हैं।
देश के वित्त मंत्री अरुण जेटली के साथ केंद्रीय फूड प्रोसेसिंग मंत्री हरसिमरत कौर बादल की बुधवार को दिल्ली में हुई बैठक के बाद रिश्तों में सुधार की शुरुआत होती दिखाई पड़ी।
सूत्रों के मुताबिक इसके बाद जेटली ने पंजाब के मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल से फोन पर बात की और दोनों दलों के दशकों पुराने संबंधों का हवाला देते हुए, इसके आगे भी जारी रखने पर सहमति जताई।
जेटली ने पहले शाह से किया संपर्क
विश्वसनीय सूत्रों के अनुसार, बादल से बात करने से पहले जेटली ने भाजपा अध्यक्ष अमित शाह से भी संपर्क साधा। इस दौरान चर्चा हुई कि महाराष्ट्र एवं हरियाणा की तरह ही पंजाब में भी भाजपा की ओर से अपने गठबंधन सहयोगी से रिश्ता खत्म करने की बातें प्रदेश में तेजी से हो रही हैं।
इसका ग्रासरूट लेवल पर बहुत प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है। इस पर शाह ने उन्हें अवगत करवाया कि पंजाब में भाजपा का शिअद से नाता न केवल राजनीतिक बल्कि भावनात्मक भी है। इसलिए यह खत्म नहीं होगा। इसके बाद ही जेटली ने गठबंधन के कायम रहने संबंधी मुख्यमंत्री बादल से बात की।
नवजोत सिद्धू ने किया था बादल पर वार
ध्यान रहे कि हरियाणा में विधानसभा चुनाव में शिअद का इनेलो के साथ गठबंधन था। भाजपा अकेले मैदान में थी। इस दौरान दोनों पक्षों के नेताओं के बीच परस्पर विरोधी बयानबाजी भी हुई।
भाजपा के वरिष्ठ नेता नवजोत सिद्धू ने तो सीधे-सीधे बादल पिता-पुत्र पर ही वार कर दिए। उन्होंने कहा कि पंजाब में अकालियों ने लूट मचा रखी है।
इसके बाद पंजाब पुलिस की ओर से उन्हें दी गई सुरक्षा भी वापस ले ली गई, जो बुधवार को बहाल हुई है। माना जा रहा है कि सुरक्षा बहाली संबंध निर्णय जेटली की बादल के साथ हुई बातचीत के बाद ही लिया गया। बहरहाल मामला कुछ शांत हुआ दिखाई पड़ रहा है।