Indian Grand Prix-5: चोट से उबरकर ट्रैक पर उतरीं हरमिलन बैंस, एशियन गेम्स के लिए किया क्वालीफाई
हरमिलन बैंस ने उनके माता-पिता दोनों ही अंतरराष्ट्रीय स्तर के एथलीट रहे हैं। मां माधुरी अर्जुन अवार्डी हैं और 800 मीटर की एशियन गेम्स की रजत पदक विजेता हैं और पिता अमनदीप सिंह बैंस दक्षिण एशियन गेम्स के 1500 मीटर के कांस्य पदक विजेता हैं।
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होशियापुर की रहने वाली एथलीट हरमिलन बैंस ने सोमवार को इंडियन ग्रां प्री में 1500 मीटर और 800 मीटर दौड़ में शानदार प्रदर्शन कर चीन में होने वाली एशियन गेम्स के लिए क्वालीफाई कर लिया है। जीत के बाद हरमिलन ने कहा कि चोट (इंजरी) से उबरने के बाद ट्रैक पर वापसी करना काफी सुखद रहा। वर्ष 2022 में घुटने की इंजरी के बाद लगभग एक साल बाद ट्रैक पर वापसी की है और इस बात की खुशी है कि मैंने एशियन गेम्स के लिए क्वालीफाई कर लिया है। अब चीन में मेडल जीतकर देश का नाम रोशन करूंगी।
हरमिलन ने बताया कि इंजरी से उबरने के बाद वह ट्रेनिंग के लिए इंग्लैंड चली गईं और वहां पर कड़ा अभ्यास किया। पहले उन्होंने 50 मीटर दौड़ना शुरू किया। बाद में धीरे-धीरे दौड़ने का समय बढ़ाया है। हरमिलन बैंस ने उनके माता-पिता दोनों ही अंतरराष्ट्रीय स्तर के एथलीट रहे हैं। मां माधुरी अर्जुन अवार्डी हैं और 800 मीटर की एशियन गेम्स की रजत पदक विजेता हैं और पिता अमनदीप सिंह बैंस दक्षिण एशियन गेम्स के 1500 मीटर के कांस्य पदक विजेता हैं। मुझे अपने माता-पिता के सपने को पूरा करना था इसलिए मैंने 800 मीटर और 1500 मीटर दौड़ को चुना। हरमिलन बैंस ने बताया मेरा लक्ष्य एशियन गेम्स में बेहतरीन प्रदर्शन कर ओलंपिक के लिए दावेदारी पेश करना है।
हरमिलन की उपलब्धि
हरमिलन ने 60वीं राष्ट्रीय ओपन एथलेटिक्स चैंपियनशिप-2021 प्रतियोगिता में महिलाओं की 1500 मीटर में नया राष्ट्रीय रिकॉर्ड बनाया था। उन्होंने 4:05.39 सेकेंड में अपनी दौड़ पूरी की थी। इस रिकॉर्ड के साथ 21 साल की हरमिलन ने सुनीता रानी (4:06.03 सेकेंड) के 19 साल पुराने रिकॉर्ड को तोड़ा था, जो उन्होंने 2002 एशियाई खेलों में बनाया था।