{"_id":"5fdbc3438ebc3e3e7230343a","slug":"harmeet-singh-gets-bail-in-property-related-fraud-case-chandigarh-news-pkl3975646181","type":"story","status":"publish","title_hn":"प्रॉपर्टी से जुड़े धोखाधड़ी मामले में हरमीत सिंह को मिली जमानत","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
प्रॉपर्टी से जुड़े धोखाधड़ी मामले में हरमीत सिंह को मिली जमानत
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
चंडीगढ़। पूर्व डीएसपी आरसी मीणा से जुड़े धोखाधड़ी के एक मामले में आरोपी हमरीत सिंह चावला को सीबीआई की अदालत से अंतरिम जमानत मिल गई है। इससे पहले हमरीत के ससुर गुरचरण सिंह भट्टी को भी अंतरिम जमानत मिल चुकी है, जबकि जगजीत कौर चावला की याचिका अभी लंबित है। बीते 24 नवंबर को मामले में चार्जशीट दायर की गई थी। यह चार्जशीट आईपीसी की धारा 420, 468, 471 और 120 बी के तहत दायर की गई थी।
दरअसल 2015 में दीपा दुग्गल ने व्यापारी गुरकृपाल सिंह चावला की पत्नी जगजीत कौर, बेटे हरमीत सिंह चावला, गुरचरण सिंह भट्टी (हरमीत चावला के ससुर) और सरबजीत सिंह के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत में दीपा दुग्गल ने सभी पर आरोप लगाए थे कि सेक्टर-9 की एक प्रॉपर्टी पर बैंक से लोन लेने के लिए सभी ने फर्जी कागजात दिए हैं। पेट्रोल पंप के संचालक गुरकृपाल सिंह चावला भी आरोपी थे, लेकिन कुछ महीने पहले ही उन्होंने आत्महत्या कर ली थी।
यह है मामला
सेक्टर-17 थाने में गुरकृपाल और उनके परिवार के खिलाफ दीपा दुग्गल ने शिकायत दी थी। दीपा ने उन पर सेक्टर-9 की जमीन को हासिल करने के लिए फर्जी दस्तावेज देने के आरोप लगाए थे जबकि गुरकृपाल चावला ने सेक्टर-3 थाने में दीपा के खिलाफ उसी जमीन को धोखे से बेचने के आरोप लगाए थे। पुलिस ने दोनों पक्षों के खिलाफ केस दर्ज कर लिया था। लेकिन कुछ समय बाद मामला सीबीआई के पास ट्रांसफर कर दिया गया।
विज्ञापन
बता दें कि इसी मामले में सीबीआई ने ईओडब्ल्यू में तैनात तत्कालीन डीएसपी रामचंद्र मीणा, सब इंस्पेक्टर सुरेंद्र, बर्कले हुंडई के मालिक संजय दहूजा और सेक्टर-43 स्थित केएलजी होटल के संचालक अमन ग्रोवर को रिश्वत लेने में बिचौलिए की भूमिका निभाने के आरोप में गिरफ्तार किया था। गुरकृपाल चावला की बेटी गुनीत कौर ने सीबीआई को शिकायत दी थी कि पुलिस उनके पिता और परिवार के अन्य सदस्यों को गिरफ्तार न करने के एवज में 40 लाख रुपये की रिश्वत मांग रही है। इसके बाद सीबीआई ने ट्रैप लगाकर सभी आरोपियों को गिरफ्तार किया था।
विज्ञापन
दरअसल 2015 में दीपा दुग्गल ने व्यापारी गुरकृपाल सिंह चावला की पत्नी जगजीत कौर, बेटे हरमीत सिंह चावला, गुरचरण सिंह भट्टी (हरमीत चावला के ससुर) और सरबजीत सिंह के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत में दीपा दुग्गल ने सभी पर आरोप लगाए थे कि सेक्टर-9 की एक प्रॉपर्टी पर बैंक से लोन लेने के लिए सभी ने फर्जी कागजात दिए हैं। पेट्रोल पंप के संचालक गुरकृपाल सिंह चावला भी आरोपी थे, लेकिन कुछ महीने पहले ही उन्होंने आत्महत्या कर ली थी।
विज्ञापन
यह है मामला
सेक्टर-17 थाने में गुरकृपाल और उनके परिवार के खिलाफ दीपा दुग्गल ने शिकायत दी थी। दीपा ने उन पर सेक्टर-9 की जमीन को हासिल करने के लिए फर्जी दस्तावेज देने के आरोप लगाए थे जबकि गुरकृपाल चावला ने सेक्टर-3 थाने में दीपा के खिलाफ उसी जमीन को धोखे से बेचने के आरोप लगाए थे। पुलिस ने दोनों पक्षों के खिलाफ केस दर्ज कर लिया था। लेकिन कुछ समय बाद मामला सीबीआई के पास ट्रांसफर कर दिया गया।
विज्ञापन
बता दें कि इसी मामले में सीबीआई ने ईओडब्ल्यू में तैनात तत्कालीन डीएसपी रामचंद्र मीणा, सब इंस्पेक्टर सुरेंद्र, बर्कले हुंडई के मालिक संजय दहूजा और सेक्टर-43 स्थित केएलजी होटल के संचालक अमन ग्रोवर को रिश्वत लेने में बिचौलिए की भूमिका निभाने के आरोप में गिरफ्तार किया था। गुरकृपाल चावला की बेटी गुनीत कौर ने सीबीआई को शिकायत दी थी कि पुलिस उनके पिता और परिवार के अन्य सदस्यों को गिरफ्तार न करने के एवज में 40 लाख रुपये की रिश्वत मांग रही है। इसके बाद सीबीआई ने ट्रैप लगाकर सभी आरोपियों को गिरफ्तार किया था।