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Chandigarh News: चुनाव शुरू होने के एक घंटे बाद अचानक सदन पहुंचे हरदीप सिंह, भाजपा को दिया वोट
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चंडीगढ़। शिरोमणि अकाली दल (शिअद) के पार्षद हरदीप सिंह ने इस बार भी सीनियर डिप्टी मेयर और डिप्टी मेयर के चुनाव में भाजपा को वोट दिया। इसकी वजह से दोनों पदों पर हुई वोटिंग में भाजपा को कुल 19 वोट मिले। चुनाव के शुरू होने के एक घंटे बाद तक हरदीप सिंह सदन में मौजूद नहीं थे। चर्चा थी कि वह इस बार बहिष्कार करेंगे लेकिन जैसे ही वोट डालने के लिए उनका नंबर आया वह पहुंच गए और वोट डाला। इस पर आम आदमी पार्टी और कांग्रेस ने सवाल खड़े किए हैं।
हरदीप सिंह ने पिछली बार भी भारतीय जनता पार्टी को वोट किया था लेकिन इस बार माना जा रहा था और हरदीप सिंह की तरफ से कई बार संकेत भी दिए गए थे कि वह इस बार चुनाव का बहिष्कार कर सकते हैं। सुबह 10 बजे जब सभी पार्षद सदन पहुंचे तो उस समय हरदीप सिंह नजर नहीं आए। करीब एक घंटे तक हरदीप सिंह सदन से गायब रहे लेकिन जैसे ही सचिव शंभू राठी ने वोट डालने के लिए वार्ड नंबर-30 के पार्षद हरदीप सिंह का नाम लिया तो वह अचानक सदन में आ गए और सीधे मेयर के पास गए। उनसे बैलेट पेपर लिया और वोट दिया। वोटों की गिनती के बाद पता चला कि हरदीप सिंह ने भाजपा को ही वोट दिया है क्योंकि सीनियर डिप्टी मेयर और डिप्टी मेयर दोनों की गिनती में भाजपा को कुल 19 वोट मिले। इस पर आम आदमी पार्टी और कांग्रेस ने हरदीप सिंह पर सवाल उठाए हैं।
कांग्रेस-आप ने हरदीप सिंह पर बोला हमला
कांग्रेस के प्रदेश प्रवक्ता राजीव शर्मा ने कहा कि भाजपा को वोट देकर हरदीप ने किसानों व खेत मजदूरों की पीठ में छुरा घोंपने का काम किया है। उन्होंने नोटा के प्रावधान की मांग की थी क्योंकि वे भाजपा का समर्थन नहीं करना चाहते थे लेकिन लगता है कि बाद में उन्हें कोई लालच दिया गया, जिसके कारण उन्होंने दोनों बार भाजपा को वोट दिया। आप की पार्षद प्रेमलता ने कहा कि हरदीप सिंह ने सिर्फ चंडीगढ़ ही नहीं, पूरे पंजाब की गर्दन नीची की है। जब भाजपा-अकाली का गठबंधन टूट चुका है तो वह भाजपा को लगातार क्यों वोट दे रहे हैं। कहा कि एक तरफ वे नोटा की मांग करते हैं। फिर झूठी खबर छपवाते हैं कि वे चुनाव में भी भाग नहीं लेंगे और फिर आखिर में भाजपा को वोट डालने आ जाते हैं। यह चंडीगढ़ की जनता के साथ गद्दारी है। उन्हें भाजपा ज्वाइन कर लेना चाहिए।
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किसानों की बात उठाता रहा हूं, उठाता रहूंगाः हरदीप सिंह
हरदीप सिंह ने कहा कि जिस कांग्रेस ने पहले किसान आंदोलन के बाद उनके लिए विधानसभा में शोक मता तक पास नहीं किया, वह मुझे किसान विरोधी होने का सर्टिफिकेट बांट रही है। ये कैसा गठबंधन है कि पंजाब विधानसभा में सोमवार को ही भगवंत मान और प्रताप सिंह बाजवा के बीच तीखी बहस हुई है। भगवंत मान ने उन्हें किसान विरोधी बताया और इधर दोनों गठबंधन कर उन्हें सर्टिफिकेट बांट रहे हैं। हरदीप ने कहा कि वह किसानों की बात उठाते रहे हैं और आगे भी उठाते रहेंगे। गठबंधन को पहले यह पता करने की जरूरत है कि उनके किस पार्षद ने एक वोट जानबूझकर खराब किया है।
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हरदीप सिंह ने पिछली बार भी भारतीय जनता पार्टी को वोट किया था लेकिन इस बार माना जा रहा था और हरदीप सिंह की तरफ से कई बार संकेत भी दिए गए थे कि वह इस बार चुनाव का बहिष्कार कर सकते हैं। सुबह 10 बजे जब सभी पार्षद सदन पहुंचे तो उस समय हरदीप सिंह नजर नहीं आए। करीब एक घंटे तक हरदीप सिंह सदन से गायब रहे लेकिन जैसे ही सचिव शंभू राठी ने वोट डालने के लिए वार्ड नंबर-30 के पार्षद हरदीप सिंह का नाम लिया तो वह अचानक सदन में आ गए और सीधे मेयर के पास गए। उनसे बैलेट पेपर लिया और वोट दिया। वोटों की गिनती के बाद पता चला कि हरदीप सिंह ने भाजपा को ही वोट दिया है क्योंकि सीनियर डिप्टी मेयर और डिप्टी मेयर दोनों की गिनती में भाजपा को कुल 19 वोट मिले। इस पर आम आदमी पार्टी और कांग्रेस ने हरदीप सिंह पर सवाल उठाए हैं।
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कांग्रेस-आप ने हरदीप सिंह पर बोला हमला
कांग्रेस के प्रदेश प्रवक्ता राजीव शर्मा ने कहा कि भाजपा को वोट देकर हरदीप ने किसानों व खेत मजदूरों की पीठ में छुरा घोंपने का काम किया है। उन्होंने नोटा के प्रावधान की मांग की थी क्योंकि वे भाजपा का समर्थन नहीं करना चाहते थे लेकिन लगता है कि बाद में उन्हें कोई लालच दिया गया, जिसके कारण उन्होंने दोनों बार भाजपा को वोट दिया। आप की पार्षद प्रेमलता ने कहा कि हरदीप सिंह ने सिर्फ चंडीगढ़ ही नहीं, पूरे पंजाब की गर्दन नीची की है। जब भाजपा-अकाली का गठबंधन टूट चुका है तो वह भाजपा को लगातार क्यों वोट दे रहे हैं। कहा कि एक तरफ वे नोटा की मांग करते हैं। फिर झूठी खबर छपवाते हैं कि वे चुनाव में भी भाग नहीं लेंगे और फिर आखिर में भाजपा को वोट डालने आ जाते हैं। यह चंडीगढ़ की जनता के साथ गद्दारी है। उन्हें भाजपा ज्वाइन कर लेना चाहिए।
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किसानों की बात उठाता रहा हूं, उठाता रहूंगाः हरदीप सिंह
हरदीप सिंह ने कहा कि जिस कांग्रेस ने पहले किसान आंदोलन के बाद उनके लिए विधानसभा में शोक मता तक पास नहीं किया, वह मुझे किसान विरोधी होने का सर्टिफिकेट बांट रही है। ये कैसा गठबंधन है कि पंजाब विधानसभा में सोमवार को ही भगवंत मान और प्रताप सिंह बाजवा के बीच तीखी बहस हुई है। भगवंत मान ने उन्हें किसान विरोधी बताया और इधर दोनों गठबंधन कर उन्हें सर्टिफिकेट बांट रहे हैं। हरदीप ने कहा कि वह किसानों की बात उठाते रहे हैं और आगे भी उठाते रहेंगे। गठबंधन को पहले यह पता करने की जरूरत है कि उनके किस पार्षद ने एक वोट जानबूझकर खराब किया है।