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Chandigarh News: लाल बादशाह में गद्दी के लिए सूफी गायक हंसराज हंस व इलाकावासियों में ठनी

Thu, 18 Jul 2024 07:27 PM IST
Chandigarh Bureau चंडीगढ़ ब्यूरो
Updated Thu, 18 Jul 2024 07:27 PM IST
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Hansraj Hans and Lal Badshah
-10 साल पहले हंस ने तोड़ा था लाल बादशाह से नाता, अब दोबारा गद्दी के लिए जंग
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जालंधर। नकोदर स्थित डेरा बाबा लाल बादशाह में गद्दी को लेकर तनाव बढ़ गया है। विवाद बढ़ता देख सरकार ने रिसीवर नियुक्त कर दिया गया है, लेकिन डेरे में वर्चस्व की जंग तेज हो गई है। जालंधर देहात के एसपी मनप्रीत सिंह ढिल्लों व डीएसपी कुलविंदर सिंह विर्क ने डेरा लाल बादशाह के भीतर अस्थायी पुलिस कैंप बना लिया है। सारा विवाद गद्दी को लेकर है। पंजाब के सूफी गायक हंसराज हंस ने 10 साल पहले नकोदर स्थित बापू अलमस्त लाल बादशाह से सीधे तौर पर अपने संबंध तोड़ लिया था। वह उस समय डेरे में गद्दीनशीन संत थे। इस डेरे की गद्दी 16 साल पहले हंसराज हंस को सौंपी गई थी। अब वह फिर से इस गद्दी को पाना चाहते हैं।
उनके समर्थन में आप विधायक इंद्रजीत कौर मान व पवन गिल का गुट खड़ा हो गया है। वहीं, दूसरी तरफ इलाके के लोग हैं, जिन्होंने साफ कह दिया है कि हंसराज हंस को गद्दी पर नहीं बैठने देंगे। मामला पुलिस के गले की फांस बन चुका है। स्थिति तनावपूर्ण होती देखकर भारी पुलिस बल तैनात कर दिया गया है। डेरा लाल बादशाह से अलग होने के बाद हंस ने कहा था कि अब उनकी जिंदगी का आगे का सफर गांव गोहीरां में डेरापंज पीर में रहेगा। वहां पर वे सूफी सेंटर का निर्माण करवाएंगे। वहीं पर वे सूफी गायकी की तालीम आने वाली पीढ़ी को देंगे, लेकिन इस बीच हंस का झुकाव राजनीति की तरफ हो गया। वह शिरोमणि अकाली दल की टिकट पर चुनाव लड़े, लेकिन हार गए। बाद में 2019 में दिल्ली जाकर भाजपा की टिकट पर सांसद बन गए और वह दिल्ली में ही रहने लगे। अब 2024 के लोकसभा चुनाव में फरीदकोट से हारने के बाद वापस जालंधर आ गए हैं।
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हंसराज हंस ने करवाए थे कई विकास कार्य
बापू अलमस्त लाल बादशाह देश का प्रसिद्ध स्थान है, जिसके प्रति देश व विदेश में बसे लोगों के मन में काफी आस्था है। डेरे के गद्दीनशीन संत बनने के बाद सूफी गायक हंसराज हंस ने इसके विकास को लेकर दिन रात एक कर दिया और इसमें काफी बदलाव लाया। उन्होंने इसे अत्याधुनिक ढंग से तैयार करवाया। हंस ने कहा था कि वे डेरे की गद्दी पर हैं और एक सेवादार की तरह बने रहेंगे, लेकिन वे वहां पर विकास, पैसे के खर्च में दखलंदाजी नहीं करेंगे। यह सब काम डेरा बापू लाल बादशाह की प्रबंधक कमेटी ही करेगी। अब हंस के पीछे से कमेटी काफी शक्तिशाली हो गई है और वहां काफी विकास हो चुका है। हंस अपने गुट के साथ दोबारा गद्दी संभालना चाहते हैं। उनके गुट में पार्षद पवन गिल व इलाका विधायक इंद्रजीत कौर मान है, जिस कारण स्थानीय प्रशासन पर खासा प्रेशर है। वहीं, दूसरा गुट इलाके के लोगों का है, जिसमें पुरुषोत्तम बिट्टू, लवली साईं व अन्य लोग शामिल हैं।
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डेरा बाबा लाल बादशाह का मेला शुरू, पुलिस तैनात
डेरे के भीतर स्थिति को संभालने वाले एसपी मनप्रीत सिंह का कहना है कि मेला वीरवार से शुरू हो गया है। सरकार का रिसीवर नियुक्त हो चुका है। डेरे में तनाव जरूर है, लेकिन स्थिति कंट्रोल में है। भारी संख्या में लोग श्रद्धा के साथ आ रहे हैं। बड़ी संख्या में पुलिस तैनात की गई है।
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