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Chandigarh: नाबालिग से दुष्कर्म की कोशिश के दोषी को आधी उम्रकैद की सजा, बच्ची की हिम्मत ने दिलाई सजा
Tue, 01 Nov 2022 02:15 AM IST
पंचकुला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, चंडीगढ़
संवाद न्यूज एजेंसी, चंडीगढ़
Published by: पंचकुला ब्यूरो
Updated Tue, 01 Nov 2022 02:15 AM IST
सार
जज ने अपने फैसले में कहा कि नाबालिग बच्चों से इस तरह का अपराध उनके मौलिक अधिकारों का हनन है। दोषी ने केवल उस बच्ची के साथ ही नहीं बल्कि समाज के साथ भी अपराध किया है। ऐसे में वह रहम के काबिल नहीं।
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- फोटो : istock
विस्तार
15 वर्षीय नाबालिग किशोरी से छेड़छाड़ और दुष्कर्म की कोशिश करने के मामले में जिला अदालत ने सोमवार को दोषी को आधी उम्रकैद की सजा सुनाई। साथ ही दोषी 41 वर्षीय सत्यनारायण पर 30 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया।
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केस के मुताबिक, दोषी ने नाबालिग के घर में घुसकर जबरदस्ती की थी। जज ने अपने फैसले में कहा कि नाबालिग बच्चों से इस तरह का अपराध उनके मौलिक अधिकारों का हनन है। दोषी ने केवल उस बच्ची के साथ ही नहीं बल्कि समाज के साथ भी अपराध किया है। ऐसे में वह रहम के काबिल नहीं। नाबालिग की मां ने बताया कि वह चाय बेचने का काम करती है और उसका पति एक टेंट हाउस में काम करता है। दोषी भी उसी टेंट हाउस में काम करता था।
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नाबालिग के पिता ने दोषी को किसी काम से अपने घर भेजा था। जब वह घर पहुंचा तो नाबालिग को घर पर अकेले देख उसके साथ छेड़छाड़ शुरू कर दी और दुष्कर्म करने की कोशिश की। पीड़िता के शोर मचाने पर वह भाग निकला। इसके बाद पीड़िता ने घटना की जानकारी मां को दी। मां ने तुरंत पुलिस को जानकारी दी। मां की शिकायत पर पुलिस ने सत्यनारायण के खिलाफ केस दर्ज कर उसे गिरफ्तार कर लिया।
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लड़की की हिम्मत ने दोषी को पहुंचाया सलाखों के पीछे
आधी उम्रकैद के मुताबिक दोषी को कम से कम 10 साल जेल में बिताने पड़ेंगे। वहीं बचाव पक्ष के वकील ने बहस के दौरान कहा कि सत्यनारायण को फंसाया गया है जबकि पीड़िता के पिता ने भी अदालत में कह दिया था कि उसकी बेटी के साथ ऐसा कुछ नहीं हुआ लेकिन पीड़ित बच्ची अपने बयानों पर कायम रही। इसके चलते अदालत ने दोषी को सजा सुनाई।