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Chandigarh News: जीएमएसएच-16 में मरीज के ब्लैडर से निकली आधा किलो की पथरी
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चंडीगढ़। जीएमएसएच-16 के डॉक्टरों ने 45 वर्षीय मरीज के मूत्राशय से करीब 500 ग्राम वजनी और 11×8 सेंटीमीटर आकार की पथरी सफलतापूर्वक निकाल ली। मरीज लंबे समय से पेशाब करते समय दर्द और परेशानी के साथ बार-बार यूरिनरी ट्रैक्ट इंफेक्शन से जूझ रहा था। जांच में मूत्राशय में इतने बड़े आकार की पथरी का पता चला।
मरीज की स्थिति को देखते हुए सर्जरी से पहले जरूरी जांच और पूरी तैयारी की गई। इसके बाद यूरोलॉजी टीम ने सफल ऑपरेशन कर पथरी निकाल दी। सर्जरी डॉ. सरबजीत सिंह, डॉ. गगन और डॉ. बनमीत की टीम ने की। ऑपरेशन के दौरान मरीज को आवश्यक चिकित्सा सहायता दी गई।
चिकित्सकों के अनुसार ब्लैडर स्टोन सभी यूरिनरी स्टोन के करीब पांच प्रतिशत मामलों में पाए जाते हैं। सामान्य तौर पर चार सेंटीमीटर से बड़ी या 100 ग्राम से अधिक वजन वाली पथरी को जायंट ब्लैडर कैल्कुलस माना जाता है। इस मरीज में पथरी का आकार और वजन दोनों सामान्य मानक से कई गुना अधिक थे, इसलिए इसे दुर्लभ मामला माना जा रहा है। निदेशक स्वास्थ्य डॉ. सुमन सिंह ने सफल सर्जरी के लिए उपचार करने वाली टीम की सराहना की।
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मरीज की स्थिति को देखते हुए सर्जरी से पहले जरूरी जांच और पूरी तैयारी की गई। इसके बाद यूरोलॉजी टीम ने सफल ऑपरेशन कर पथरी निकाल दी। सर्जरी डॉ. सरबजीत सिंह, डॉ. गगन और डॉ. बनमीत की टीम ने की। ऑपरेशन के दौरान मरीज को आवश्यक चिकित्सा सहायता दी गई।
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चिकित्सकों के अनुसार ब्लैडर स्टोन सभी यूरिनरी स्टोन के करीब पांच प्रतिशत मामलों में पाए जाते हैं। सामान्य तौर पर चार सेंटीमीटर से बड़ी या 100 ग्राम से अधिक वजन वाली पथरी को जायंट ब्लैडर कैल्कुलस माना जाता है। इस मरीज में पथरी का आकार और वजन दोनों सामान्य मानक से कई गुना अधिक थे, इसलिए इसे दुर्लभ मामला माना जा रहा है। निदेशक स्वास्थ्य डॉ. सुमन सिंह ने सफल सर्जरी के लिए उपचार करने वाली टीम की सराहना की।
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