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मरीज ध्यान दें, PGI के आधे डॉक्टर छुट्टी पर
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़।
Updated Mon, 18 May 2015 12:53 AM IST
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पीजीआई के डॉक्टरों की समर वेकेशन शुरू हो चुकी हैं। आधे डॉक्टर 16 मई से लेकर 14 जून तक छुट्टी पर हैं, तो आधे 16 जून से 15 जुलाई तक छुट्टी पर रहेंगे। इससे मरीजों को इलाज में परेशानी आ सकती है। हालांकि पीजीआई की ओर से ड्यूटी रोस्टर तैयार कर डॉक्टरों की जिम्मेदारी तय कर दी गई है। साथ ही सभी हेड ऑफ डिपार्टमेंट को आदेश दिया गया है कि वे डॉक्टरों की ड्यूटी सुनिश्चित करवाएं। मरीजों को किसी तरह की दिक्कत नहीं आनी चाहिए।
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मनचाहे डॉक्टर से चेकअप के लिए करना होगा लंबा इंतजार
पीजीआई के डॉक्टरों को साल में दो बार वेकेशन मिलती हैं। गर्मी और सर्दी में। गर्मी के सीजन में एक महीने की छुट्टी मिलती है, तो सर्दियों में 15-15 दिन की।
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आधे फैकल्टी मेंबरों के छुट्टी पर चले जाने से मरीजों को थोड़ी बहुत परेशानी का सामना तो करना पड़ेगा। मगर यदि किसी मरीज को अपने मनचाहे डॉक्टर को दिखाना है, तो उसे कम से कम एक महीने का इंतजार करना पड़ेगा।
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दूसरी तरफ जो डॉक्टर काम कर रहे होंगे उन्हें भी परेशानी का सामना करना पड़ सकता है। एक-एक डाक्टर के पास कम से कम 250 मरीज होंगे। इस दौरान उन डिपार्टमेंट पर सबसे ज्यादा दिक्कत आएगी, जहां पहले से डॉक्टरों की संख्या कम होगी।
ओपीडी में आते हैं रोजाना दस हजार मरीज
पीजीआई की ओपीडी में हर दिन नौ से दस हजार मरीज आते हैं। साल 2014 में करीब 21 लाख मरीज आए थे। साल 2013 में करीब 20 लाख। इनमें हरियाणा, पंजाब, चंडीगढ़, उत्तराखंड, हिमाचल और यूपी के मरीज शामिल हैं। पिछले साल के आंकड़ों के मुताबिक पंजाब से सबसे ज्यादा मरीज आए।
उसके बाद हरियाणा व चंडीगढ़ के। हरियाणा और पंजाब में बेहतर अस्पताल न होने के कारण अधिकतर मरीज पीजीआई ही रेफर होते हैं। डॉक्टरों का कहना है कि जो गंभीर नहीं होते हैं, वे भी पीजीआई चले आते हैं। इससे जो गंभीर मरीज होते हैं उन्हें दिक्कतों का सामना करना पड़ता है।