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71 हजार देने के बाद भी नहीं आए घने बाल, युवक को मिलेगा पूरा पैसा...हर्जाना भी

Sun, 01 Dec 2019 12:33 PM IST
पंचकुला ब्‍यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़ Published by: पंचकुला ब्‍यूरो Updated Sun, 01 Dec 2019 12:33 PM IST
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Hair Would Not Grow After Pay Of 71 Thousand, Penelty
प्रतीकात्मक तस्वीर

गंजेपन को खत्म करने के लिए हेयर ट्रांसप्लांट का चलन जोरों पर है। शहर के एक युवक ने हेयर ट्रांसप्लांट ट्रीटमेंट लिया, लेकिन उसके बाल घने नहीं हुए। युवक ने इस मामले में उपभोक्ता फोरम में शिकायत दी। फोरम ने रिचफील हेल्थ एंड ब्यूटी प्राइवेट लिमिटेड को सेवा में कोताही का दोषी करार देते हुए जुर्माना लगाया है।

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सेक्टर-25डी चंडीगढ़ निवासी विकास कुमार ने फोरम में सेक्टर-9डी स्थित रिचफील हेल्थ एंड ब्यूटी प्राइवेट लिमिटेड और मुंबई स्थित रिचफील हेल्थ एंड ब्यूटी प्राइवेट लिमिटेड के खिलाफ शिकायत दी थी। विकास कुमार ने तीन डॉक्टरों के खिलाफ भी शिकायत दी। हालांकि, फोरम ने आदेश रिचफील हेल्थ एंड ब्यूटी प्राइवेट लिमिटेड के खिलाफ ही सुनाया है।
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शिकायतकर्ता ने अपनी शिकायत में बताया कि उसने हेयर ट्रांसप्लांट सर्जरी करवाने के लिए अप्रैल 2017 में 70 हजार 948 रुपये अदा किए। शिकायतकर्ता को विश्वास दिलाया गया कि सर्जरी के बाद बालों के बीच अधिक गैप नहीं होगा और बाल घने हो जाएंगे, लेकिन बाल अधिक नहीं बढ़े। उन्होंने इस मामले की हेल्थ सेंटर के डॉक्टरों को भी जानकारी दी।

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शिकायतकर्ता की शिकायत का निवारण करने बजाय बालों के गैप को दूर करने के लिए हेल्थ सेंटर ने उनसे 23 हजार रुपये की और मांग की। शिकायतकर्ता ने बताया कि वह पहले ही इसके लिए काफी अधिक अमाउंट दे चुके थे।

जब उन्होंने और पैसे देने से इनकार कर दिया तो उनके मामले को बिना किसी वजह के लटका दिया गया। जब उनके प्रयास काम नहीं आए तो लीगल नोटिस भेेजा गया, लेकिन बावजूद इसके कोई फायदा नहीं हुआ। उन्होंने फोरम में शिकायत दे दी। दूसरे पक्षों ने फोरम में अपना रखते हुए कहा कि उन्होंने सेवा में कोई कोताही नहीं बरती।

फोरम ने दिए यह आदेश
सभी पक्षों को सुनने के बाद फोरम ने निर्देश दिए हैं कि शिकायतकर्ता को 9 प्रतिशत ब्याज के साथ 70 हजार 948 रुपये की राशि रिफंड की जाए। साथ ही मानसिक पीड़ा और उत्पीड़न के लिए 25 हजार रुपये मुआवजा और 10 हजार रुपये मुकदमा खर्च भी देने के निर्देश दिए हैं। आदेश की प्रति मिलने पर एक माह के अंदर इन आदेशों की पालना करनी होगी अन्यथा राशि पर ब्याज भी देना होगा।

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