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Hindi News ›   Chandigarh ›   Gym and Library is closed from Three years of Community Center in Chandigarh sector 43

चंडीगढ़ के स्मार्ट सेक्टर के हाल: छह करोड़ से बने सामुदायिक केंद्र में तीन साल से जिम बंद, लाइब्रेरी पर भी ताला

Mon, 12 Jul 2021 12:40 PM IST
निवेदिता वर्मा संवाद न्यूज एजेंसी, चंडीगढ़
संवाद न्यूज एजेंसी, चंडीगढ़ Published by: निवेदिता वर्मा Updated Mon, 12 Jul 2021 12:40 PM IST
सार

निगम के नियमानुसार सेंटर की निगरानी के लिए एक कमेटी गठित की जानी थी, जिसमें एरिया पार्षद समेत रेजिडेंट वेलफेयर एसोसिएशन के सदस्यों को शामिल करना था। आज तक यह कमेटी गठित नहीं की गई। 
 

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Gym and Library is closed from Three years of Community Center in Chandigarh sector 43
सेक्टर 43 का कम्युनिटी सेंटर। - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

चंडीगढ़ के सेक्टर-43 को सिटी ब्यूटीफुल का स्मार्ट सेक्टर कहा जाता है, लेकिन लोगों का कहना है कि यह शहर का सबसे गंदा सेक्टर बन गया है। इस सेक्टर में इतनी अव्यवस्थाएं हैं कि लोगों ने अब शिकायत करना ही छोड़ दिया है।

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तीन साल पहले सांसद किरण खेर ने छह करोड़ रुपये की लागत से यहां बने सामुदायिक केंद्रों का उद्घाटन किया था। इस सेंटर में कार्यक्रम आयोजित करने के अलावा जिम, पुस्तकालय और कैंटीन की भी सुविधा दी गई थी, लेकिन तीन साल में न तो जिम शुरू हो पाया और न ही पुस्तकालय। इससे लोगों में निगम के प्रति काफी गुस्सा है। निवासियों ने बताया कि  सेंटर बनाने से पहले निगम ने निवासियों से जगह के सुझाव मांगे थे। इसके बाद भी किसी अन्य जगह पर केंद्र बना दिया। लोग इस जगह को गलत मानते हैं, क्योंकि इसके एक साइड स्कूल, दूसरी साइड गुरुद्वारा, सामने बिजली कार्यालय और पीछे सब्जी मंडी लगती है। अगर स्कूल समय में यहां कोई शादी समारोह हो तो इससे बच्चों की पढ़ाई पर बुरा प्रभाव पड़ता है।
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वहीं सेंटर के अंदर बने जिम के उपकरणों पर तीन साल से मिट्टी पड़ी है। लोगों ने बताया कि यहां बाजार से भी अच्छे उपकरण हैं, लेकिन लोगों को आज तक इनका लाभ नहीं मिल पाया। दूसरी ओर पुस्तकालय में भी किसी को प्रवेश नहीं मिला। यहां पर हॉल में 21 एसी और 22 पंखे लगे हुए हैं। साथ ही समारोह के लिए कुर्सियों की भी सुविधा है।

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नियम के अनुसार नहीं बनी कमेटी

लोगों ने बताया कि निगम के नियमानुसार सेंटर की निगरानी के लिए एक कमेटी गठित की जानी थी, जिसमें एरिया पार्षद समेत रेजिडेंट वेलफेयर एसोसिएशन के सदस्यों को शामिल करना था। आज तक यह कमेटी गठित नहीं की गई। इससे यहां की कोई निगरानी नहीं हो रही। अब सेक्टर निवासियों को यहां पर कोई भी कार्यक्रम के लिए संपर्क सेंटर के चक्कर काटने पड़ते हैं। लोगों को जानकारी न होने के कारण वे परेशानी झेलते हैं।

कमेटी न बनने से नहीं खुली कैंटीन
यहां पर प्रावधान बनाया हुआ है कि कमेटी बनने के बाद सदस्य सेंटर में एक कैंटीन खोल सकते हैं। इसके लिए सेंटर की शुरुआत होने पर बर्तन भी खरीदे गए थे, लेकिन कमेटी गठित न होने से आज तक यह कैंटीन भी नहीं खुली।

मशीनें खराब होने के चलते नहीं शुरू हुआ जिम
कमेटी गठित करने के लिए लोगों को फॉर्म जमा करने के लिए कहा गया था, लेकिन किसी ने नहीं किए। जिम में मशीनें खराब होने से कुछ काम रह गया था। 2020 में कोरोना के कारण सारा काम रुक गया, इसलिए यह शुरू नहीं हो पाया। किताबों के लिए एस्टिमेट बनाकर दिया गया था, लेकिन बजट की समस्या के कारण किताबें नहीं आ पाई थी। इस कारण से पुस्तकालय भी नहीं खोला गया था। -पप्पू शुक्ला, पार्षद
 

अब भी समस्या जस की तस

मैं 30 प्रतिशत कर अदा करने वाला नागरिक हूं। तीन साल से कमेटी गठित होने और जिम खुलने का इंतजार कर रहे हैं। मैं जब चीफ इंजीनियर था, तब कई बार लिख कर देने के बाद ही सामुदायिक केंद्र बना था। पुस्तकालय का लाभ न बुजुर्गों को मिल पाया और न ही युवाओं को। जिम खोलने के लिए कई बार लिखकर दे चुके हैं, लेकिन कोई फायदा नहीं हुआ। अब भी समस्या जस की तस है। -अशोक पराशर प्रेसिडेंट आरडब्ल्यूए

जिम में बाजार से अच्छे उपकरण
सेक्टर में सामुदायिक केंद्र के अलावा भी बहुत-सी समस्याएं हैं, जिनकी शिकायत करने के बाद भी समाधान नहीं हो रहा। सामुदायिक केंद्र में बाजार से अच्छे जिम के उपकरण हैं, लेकिन उसके बाद भी इसे शुरू करने की कोशिश नहीं की गई। स्कूल खुलने पर बच्चों को काफी समस्या होगी, क्योंकि यदि स्कूल के दौरान कार्यक्रम होंगे तो बच्चों की पढ़ाई डीजे के शोर से प्रभावित होगी। -अश्विनी धूप, आरडब्ल्यूए सदस्य

शुरू होना चाहिए जिम और पुस्तकालय
सारी समस्याओं का समाधान कमेटी गठित होने पर ही होगा। गठन के बाद सेक्टर निवासी सेंटर की गतिविधियों पर निगरानी रखेंगे। इससे कोई भी समस्या होने पर निगम अधिकारियों को सूचित किया जाएगा। जब तक कोई कमेटी नहीं है, तब तक कोई कुछ नहीं कर सकता। निगम को जिम और पुस्तकालय शुरू करने पर विचार करना चाहिए। -रेहाल, सदस्य आरडब्ल्यूए
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