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थियेटर के शौकीन कल पहुंचे पंजाब कला भवन
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
Updated Fri, 14 Nov 2014 04:02 PM IST
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सुचेतक रंगमंच मोहाली का 11वां गुरशरण सिंह नाट्य उत्सव नार्थ जोन कल्चर सेंटर पटियाला के सहयोग से 15 से 19 नवंबर तक सेक्टर-16 स्थित पंजाब कला भवन में आयोजित होगा।
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वीरवार को प्रेसवार्ता के दौरान सुचेतक रंगमंच मोहाली की प्रधान अनीता शब्दीश ने बताया कि इस नाट्य उत्सव का आगाज स्वर्गीय गुरशरण सिंह को सलाम करने के लिए वर्ष 2004 में हुआ था और आठ समागमों में गुरशरण सिंह (भाजी) अंग संग रहे।
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इन दस वर्षों के दौरान सुचेतक रंगमंच ने गुरशरण सिंह के जीवन सफर पर आधारित दस्तावेजी फिल्म क्रांति दा कलाकार- गुरशरण सिंह और सलाइड शो ‘सिरड़ नूं सलाम’ भी तैयार किए। अनीता ने बताया कि इस वर्ष होने जा रहे 11वें गुरशरण सिंह नाट्य उत्सव का आरंभ अजमेर सिंह औलख के नाटक किहर सिंह दी मौत से होगा।
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इसका निर्देशन सार्थक रंगमंच पटियाला के लिए लखा लहरी ने किया है। 16 नवंबर को रंगमंच अमृतसर द्वारा केवल धालीवाल के निर्देशन में डॉ स्वराजबीर का नाटक तस्वीरां पेश किया जाएगा। 17 नवंबर को सी टी खनेलकर का नाटक वक्त तैनूं सलाम सुचेतक रंगमंच मोहली की अनीता शब्दीश के निर्देशन में होगा।
इसका पंजाबी रुपांतरन शब्दीश ने तैयार किया है। अनीता ने बताया कि गुरशरण सिह नाट्य उत्सव का एक दिन गुरशरण भाजी की थड़ा थियेटर शैली को समर्पित होता है। जिनको अक्सर चंडीगढ़ स्कूल ऑफ ड्रामा द्वारा पेश किया जाता है।
इस बार थड़ा थियेटर शैली में उनका नाटक कमीयां दा वेहड़ा के साथ बलाराम का नाटक जिस पिंड दा कोई नाम नहीं पेश किया जाएगा। यह शैली जनतक रंगमंच के लिए विकसित की गई है।
इसके तहत गांव गांव जाकर नाटक करते हैं। इस शैली में अधिक चीजों का प्रयोग नहीं होता। इसमें स्क्रिप्ट और अदाकारी ही केंद्र में रखी जाती है। यह नाटक 18 नवंबर को होगा।
अनीता ने बताया कि इस नाटक का समापन सुचेतक रंगमंच के चर्चित नाटक नटी बिनोदनी के साथ होगा। शब्दीश के इस नाटक को अनीता शब्दीश ने निर्देशित किया है।