{"_id":"596a23724f1c1b23718b4bac","slug":"gurmeet-ram-rahim-punjab-haryana-high-court","type":"story","status":"publish","title_hn":"डेरा प्रमुख को तत्काल राहत देने से इनकार, अगली सुनवाई 9 अगस्त को","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
डेरा प्रमुख को तत्काल राहत देने से इनकार, अगली सुनवाई 9 अगस्त को
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
Updated Sun, 16 Jul 2017 09:18 AM IST
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गुरमीत राम रहीम
डेरा सच्चा सौदा के प्रमुख गुरमीत राम रहीम पर दुराचार मामले में सीबीआई की पंचकूला स्थित अदालत में चल रहे ट्रायल की अंतिम बहस पर रोक लगाने से फिलहाल पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने इनकार कर दिया है। राम रहीम ने अर्जी दाखिल करते हुए कहा था कि उनकी रिवीजन पटीशन लंबित है और ऐसे में यदि ट्रायल कोर्ट फैसला सुना देगा तो उनकी याचिका के कोई मायने नहीं रहेंगे। हाईकोर्ट ने याचिका पर अब बिना कोई राहत दिए 9 अगस्त को सुनवाई तय की है।
अर्जी दाखिल करते हुए राम रहीम ने कहा कि उन्होंने ट्रायल कोर्ट के सामने अर्जी दाखिल करते हुए बयान और कुछ अन्य दस्तावेज सौंपने की अपील की थी। याची ने कहा कि यह उनके केस के लिए बेहद अहम है क्योंकि इस मामले में लंबे समय के बाद एफआईआर हुई थी और सभी प्रक्रिया पूरी नहीं हुई। ट्रायल कोर्ट के समक्ष वे अपना पक्ष मजबूती से रख सकें और खुद को बेकसूर साबित कर सकें, इसके लिए जरूरी है कि जो दस्तावेज याची ने मांगे थे, वह उपलब्ध करवाए जाते, परंतु ऐसा नहीं किया गया।
अब सीबीआई कोर्ट ने अंतिम बहस के लिए केस को रखा, जबकि सीबीआई कोर्ट द्वारा उनकी अर्जी खारिज करने के फैसले को चुनौती दी गई है, जो याचिका लंबित है। याचिका लंबित रहते यदि केस का फैसला सुनाया गया तो ऐसी स्थिति में याची के साथ अन्याय होगा। हाईकोर्ट ने अर्जी पर सुनवाई करते हुए इसको 9 अगस्त के लिए रखा है।
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अर्जी दाखिल करते हुए राम रहीम ने कहा कि उन्होंने ट्रायल कोर्ट के सामने अर्जी दाखिल करते हुए बयान और कुछ अन्य दस्तावेज सौंपने की अपील की थी। याची ने कहा कि यह उनके केस के लिए बेहद अहम है क्योंकि इस मामले में लंबे समय के बाद एफआईआर हुई थी और सभी प्रक्रिया पूरी नहीं हुई। ट्रायल कोर्ट के समक्ष वे अपना पक्ष मजबूती से रख सकें और खुद को बेकसूर साबित कर सकें, इसके लिए जरूरी है कि जो दस्तावेज याची ने मांगे थे, वह उपलब्ध करवाए जाते, परंतु ऐसा नहीं किया गया।
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अब सीबीआई कोर्ट ने अंतिम बहस के लिए केस को रखा, जबकि सीबीआई कोर्ट द्वारा उनकी अर्जी खारिज करने के फैसले को चुनौती दी गई है, जो याचिका लंबित है। याचिका लंबित रहते यदि केस का फैसला सुनाया गया तो ऐसी स्थिति में याची के साथ अन्याय होगा। हाईकोर्ट ने अर्जी पर सुनवाई करते हुए इसको 9 अगस्त के लिए रखा है।
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