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गुरदासपुर लोकसभा चुनाव, सीट की जंग नेताओं के चारित्रिक हनन पर उतरी
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
Updated Fri, 06 Oct 2017 11:49 AM IST
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Punjab Election
- फोटो : अमर उजाला
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गुरदासपुर में लोकसभा उपचुनाव के लिए कांग्रेस और अकाली-भाजपा गठबंधन के बीच जारी प्रचार युद्ध ने नई शक्ल अख्तियार कर ली है, वो भी चारित्रिक हनन की। पार्टियां अब तक एक-दूसरे के खिलाफ राजनीतिक, सामाजिक नाकामियों और भ्रष्टाचार जैसे मामले उठाकर लोगों के वोट अपने पक्ष में करने का प्रयास करती रहीं, कांग्रेस और अकाली-भाजपा गठबंधन के बीच गुरदासपुर सीट की जंग नेताओं के चारित्रिक हनन पर उतर आई है।
पूर्व अकाली नेता सुच्चा सिंह लंगाह पर रेप के आरोपों से बमुश्किल अलग हुई शिअद ने भाजपा प्रत्याशी के लिए प्रचार तेज किया ही था कि कांग्रेस ने अब भाजपा प्रत्याशी स्वर्ण सलारिया के आचरण पर सीधे उंगली उठा दी है। कांग्रेस का कहना है कि स्वर्ण सलारिया पर मुंबई में एक महिला ने रेप का मामला दर्ज कराया है। इसके अलावा उन पर धोखाधड़ी के मामले भी दर्ज हैं, लेकिन उन्होंने अपने नामांकन पत्र में यह बातें छिपा लीं। इसके लिए उनका नामांकन रद्द होना चाहिए।
वीरवार को इस मामले को तूल देने में कांग्रेस ने कोई कसर नहीं छोड़ी, जबकि अचानक हमले से सकते में आए अकाली-भाजपा नेता शाम तक तो चुप्पी साधे रहे, लेकिन इसके बाद भाजपा की ओर से सफाई दी गई कि सलारिया पर 376, 420 के मामले समाप्त हो चुके हैं और उनके खिलाफ ऐसा कोई केस नहीं है, जिसमें दो साल से अधिक सजा का प्रावधान हो। इसलिए ऐसे मामले का नामांकन पत्र में उल्लेख जरूरी नहीं है।
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दूसरी ओर, पूर्व अकाली नेता सुच्चा सिंह लंगाह पर रेप के मामले को लेकर गुस्साई शिअद के प्रधान सुखबीर बादल ने कांग्रेस के खिलाफ मोरचा खोल दिया है। सुखबीर ने कैप्टन अमरिंदर सिंह और मनप्रीत बादल को निशाने पर लेते हुए सूबा सरकार की एक-एक नाकामी गिनाते हुए कहा कि कांग्रेस अपनी नाकामियों से जनता का ध्यान हटाने के लिए ओछे हत्थकंडों पर उतर आई है। इसी बीच कांग्रेस ने अब पूरी ताकत भाजपा प्रत्याशी को दागी उम्मीदवार के रूप में पेश करने पर लगाने की योजना बना ली है। फिलहाल यह बयानबाजी दोनों छोर से पार्टी नेताओं ने संभाल ली है।
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पूर्व अकाली नेता सुच्चा सिंह लंगाह पर रेप के आरोपों से बमुश्किल अलग हुई शिअद ने भाजपा प्रत्याशी के लिए प्रचार तेज किया ही था कि कांग्रेस ने अब भाजपा प्रत्याशी स्वर्ण सलारिया के आचरण पर सीधे उंगली उठा दी है। कांग्रेस का कहना है कि स्वर्ण सलारिया पर मुंबई में एक महिला ने रेप का मामला दर्ज कराया है। इसके अलावा उन पर धोखाधड़ी के मामले भी दर्ज हैं, लेकिन उन्होंने अपने नामांकन पत्र में यह बातें छिपा लीं। इसके लिए उनका नामांकन रद्द होना चाहिए।
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वीरवार को इस मामले को तूल देने में कांग्रेस ने कोई कसर नहीं छोड़ी, जबकि अचानक हमले से सकते में आए अकाली-भाजपा नेता शाम तक तो चुप्पी साधे रहे, लेकिन इसके बाद भाजपा की ओर से सफाई दी गई कि सलारिया पर 376, 420 के मामले समाप्त हो चुके हैं और उनके खिलाफ ऐसा कोई केस नहीं है, जिसमें दो साल से अधिक सजा का प्रावधान हो। इसलिए ऐसे मामले का नामांकन पत्र में उल्लेख जरूरी नहीं है।
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दूसरी ओर, पूर्व अकाली नेता सुच्चा सिंह लंगाह पर रेप के मामले को लेकर गुस्साई शिअद के प्रधान सुखबीर बादल ने कांग्रेस के खिलाफ मोरचा खोल दिया है। सुखबीर ने कैप्टन अमरिंदर सिंह और मनप्रीत बादल को निशाने पर लेते हुए सूबा सरकार की एक-एक नाकामी गिनाते हुए कहा कि कांग्रेस अपनी नाकामियों से जनता का ध्यान हटाने के लिए ओछे हत्थकंडों पर उतर आई है। इसी बीच कांग्रेस ने अब पूरी ताकत भाजपा प्रत्याशी को दागी उम्मीदवार के रूप में पेश करने पर लगाने की योजना बना ली है। फिलहाल यह बयानबाजी दोनों छोर से पार्टी नेताओं ने संभाल ली है।