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गुरदासपुर चुनावः कैप्टन संधू ने संभाली जाखड़ की कमान, अमृतसर में दिलाई थी जीत
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
Updated Mon, 25 Sep 2017 12:00 PM IST
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सुनील जाखड़
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कांग्रेस ने सीएम कैप्टन अमरिंदर सिंह के सियासी सचिव कैप्टन संदीप संधू को गुरदासपुर लोकसभा उपचुनाव की कमान सौंपी है, इन्होंने अमृतसर में जीत दिलाई थी। कैप्टन संधू को कांग्रेस उम्मीदवार सुनील जाखड़ का चुनाव इंचार्ज बनाया गया है। चुनाव के लिए उन्होंने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। कैप्टन संधू इससे पहले 2014 में अमृतसर लोकसभा चुनाव में भी कैप्टन अमरिंदर सिंह की जीत में अहम भूमिका निभा चुके हैं।
भाजपा के दिग्गज अरुण जेटली को हराने में कैप्टन संधू की रणनीति की प्रमुख भूमिका थी। इसी के मद्देनजर सीएम ने उन्हें जाखड़ के चुनाव की कमान सौंपी है, क्योंकि यह उपचुनाव राज्य सरकार की प्रतिष्ठा का सवाल है। ऐसे में सीएम किसी तरह का रिस्क नहीं लेना चाहते। कांग्रेस इस चुनाव में सरकार से लेकर संगठन तक सभी को झोंकने की तैयारी कर रही है। ऐसे में कैप्टन संधू ही सबसे उपयुक्त व्यक्ति थे, जो विधायकों और दूसरे नेताओं केसाथ तालमेल कर सकते थे।
सरकार बनने से भी पहले सीएम ने कैप्टन संधू को प्रदेश महासचिव बना कर कांग्रेस मुख्यालय की जिम्मेदारी सौंपी थी। तब से राज्य भर से आने वाले वर्करों की समस्याओं से लेकर विधायकों से तालमेल की जिम्मेदारी उन्हीं के पास है। कांग्रेस ने चुनाव में पूरी ताकत लगाने की तैयारी की है। गुरदासपुर सीट में पड़ने वाले हर विधानसभा हलके की जिम्मेदारी एक मंत्री को सौंपी जाएगी।
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इसके साथ ही हर विधानसभा हलके में पांच विधायकों और पांच प्रदेश पदाधिकारियों की ड्यूटी लगाई जाएगी। यह लोग उसी हलके में रह कर प्रचार को रफ्तार देंगे। सोमवार को सभी की ड्यूटियां लगा दी जाएंगी। दो कैबिनेट मंत्री तो गुरदासपुर लोकसभा हलके के ही हैं। गुरदासपुर सीट के नौ विधानसभा हलकों में से सात पर कांग्रेस और एक-एक पर शिअद व भाजपा काबिज हैं। सात विधायकों के अलावा दो हारे कैंडिडेट को प्रमुख तौर पर उनके हलकों की जिम्मेदारी सौंपी गई है।
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भाजपा के दिग्गज अरुण जेटली को हराने में कैप्टन संधू की रणनीति की प्रमुख भूमिका थी। इसी के मद्देनजर सीएम ने उन्हें जाखड़ के चुनाव की कमान सौंपी है, क्योंकि यह उपचुनाव राज्य सरकार की प्रतिष्ठा का सवाल है। ऐसे में सीएम किसी तरह का रिस्क नहीं लेना चाहते। कांग्रेस इस चुनाव में सरकार से लेकर संगठन तक सभी को झोंकने की तैयारी कर रही है। ऐसे में कैप्टन संधू ही सबसे उपयुक्त व्यक्ति थे, जो विधायकों और दूसरे नेताओं केसाथ तालमेल कर सकते थे।
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सरकार बनने से भी पहले सीएम ने कैप्टन संधू को प्रदेश महासचिव बना कर कांग्रेस मुख्यालय की जिम्मेदारी सौंपी थी। तब से राज्य भर से आने वाले वर्करों की समस्याओं से लेकर विधायकों से तालमेल की जिम्मेदारी उन्हीं के पास है। कांग्रेस ने चुनाव में पूरी ताकत लगाने की तैयारी की है। गुरदासपुर सीट में पड़ने वाले हर विधानसभा हलके की जिम्मेदारी एक मंत्री को सौंपी जाएगी।
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इसके साथ ही हर विधानसभा हलके में पांच विधायकों और पांच प्रदेश पदाधिकारियों की ड्यूटी लगाई जाएगी। यह लोग उसी हलके में रह कर प्रचार को रफ्तार देंगे। सोमवार को सभी की ड्यूटियां लगा दी जाएंगी। दो कैबिनेट मंत्री तो गुरदासपुर लोकसभा हलके के ही हैं। गुरदासपुर सीट के नौ विधानसभा हलकों में से सात पर कांग्रेस और एक-एक पर शिअद व भाजपा काबिज हैं। सात विधायकों के अलावा दो हारे कैंडिडेट को प्रमुख तौर पर उनके हलकों की जिम्मेदारी सौंपी गई है।