फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Chandigarh ›   Gurdaspur Loksabha bypoll, electon campaign in final phase

गुरदासपुर उपचुनाव: अंतिम चरण में पहुंचा प्रचार, नहीं आए बाजवा

Tue, 03 Oct 2017 09:08 AM IST
अखिल तलवार/अमर उजाला, चंडीगढ़
अखिल तलवार/अमर उजाला, चंडीगढ़ Updated Tue, 03 Oct 2017 09:08 AM IST
विज्ञापन
Gurdaspur Loksabha bypoll, electon campaign in final phase
Partap Singh Bajwa - फोटो : File Photo
गुरदासपुर लोकसभा उप चुनाव में प्रचार अंतिम चरण में पहुंच चुका है। लेकिन इस हलके की नुमाइंदगी करने वाले राज्यसभा सदस्य प्रताप बाजवा अब तक नहीं आए हैं। सियासी माहिरों का मानना है कि चुनाव के समय गुरदासपुर से गैर-मौजूदगी सियासी तौर पर बाजवा के लिए नुकसानदायक भी साबित हो सकती है।
विज्ञापन


बाजवा गुरदासपुर सीट के कादियां विधानसभा हलके का प्रतिनिधित्व करते थे। 2009 में वह गुरदासपुर से सांसद बने। फिर उनकी पत्नी चरनजीत कौर बाजवा कादियां से विधायक बनीं। 2014 में बाजवा, विनोद खन्ना से हार गए। उन्हें राज्यसभा सदस्य बना दिया गया। कादियां से अब उनके भाई फतेह बाजवा विधायक हैं। सुनील जाखड़ की जगह अपनी पत्नी चरनजीत कौर बाजवा के लिए टिकट मांग रहे बाजवा का अब तक प्रचार को नहीं आना पहेली बना है। जाखड़ की उम्मीदवारी पर हाईकमान ने मोहर लगाई है। अगर बाजवा अपने ही परंपरागत हलके में जाखड़ के लिए प्रचार नहीं करते हैं तो उन पर बागी का लेबल लगेगा।
विज्ञापन


दूसरे, बाजवा के न आने से सीएम कैप्टन अमरिंदर सिंह गुट को बहुत नुकसान होता नहीं नजर आ रहा है। शुरूआत में जरूर परेशानियां आईं कि अगर बाजवा नहीं चले तो कैसे होगा। लेकिन कैप्टन के रणनीतिकार कैप्टन संदीप संधू ने सारी कमान संभाल ली। जाखड़ ने सभी हलकों का एक दौरा किया और सभी चल पड़े। बाजवा के भाई फतेह बाजवा समेत उनके सभी करीबी इस समय जाखड़ की खुल कर मदद कर रहे हैं। जिनमें रमन भल्ला, अमित विज, जोगिंदर पाल, अशोक चौधरी आदि शामिल हैं। आजाद चुनाव लड़े नरेश पुरी ने भी जाखड़ के समर्थन का एलान कर दिया है। अब बाजवा समर्थक गिने-चुने जिले के पदाघिकारी हैं, जो अभी तक नहीं चले हैं। जिनसे कैप्टन गुट को खास खतरा नहीं है। अगर बाजवा समर्थक विधायक नहीं चलते तो दिक्कत हो सकती थी। सियासी माहिरों का कहना है कि दशहरा बाजवा के लिए उपयुक्त मौका था। वह कैप्टन के साथ मंच सांझा न करते, लेकिन गुरदासपुर में किसी भी समागम में शामिल होकर उपस्थिति दर्ज करा सकते थे।
विज्ञापन
विज्ञापन

आप में पंजाब टीम पर ही पूरा दारोमदार

Gurdaspur Loksabha bypoll, electon campaign in final phase
आम आदमी पार्टी में पूरा दारोमदार पंजाब टीम पर है। फंड जुटाने से लेकर प्रचार की कमान पंजाब इकाई पर ही है। गुरदासपुर में पार्टी सुप्रीमो अरविंद केजरीवाल की बड़ी रैली के भी आसार नहीं दिख रहे हैं। क्योंकि वहां ज्यादा भीड़ जुटाना आसान नहीं है। आखिरी दौर में रोड शो पर पार्टी विचार कर सकती है।

गुरदासपुर उप चुनाव में आप हालांकि पूरा जोर लगा रही है। लेकिन विधानसभा चुनाव जैसा तालमेल नजर नहीं आ रहा है। पार्टी की सोशल मीडिया टीम भी उतनी एक्टिव नहीं है। माझा में पार्टी का आधार नहीं बन सका है, वह नुक्कड़ सभाओं में नजर आ रहा है। भगवंत मान की मालवा में छोटी सभाओं में भी पांच-छह हजार लोग जुट जाते थे। लेकिन यहां कुछ सौ लोग जुटाना भी मुश्किल पड़ रहा है।

आप को स्थानीय वॉलंटियर्स की कमी से भी जूझना पड़ रहा है। कई हलकों में स्थानीय वॉलंटियर ही नहीं है, पंजाब से गए वॉलंटियर काम कर रहे हैं। पार्टी विधानसभा चुनाव में जीतने वाले विधायकों के इलेक्शन मैनेजरों का इस्तेमाल कर सकती थी। जिन लोगों ने कांग्रेस की लहर में आप नेताओं को जिताया, उन्हें गुरदासपुर में प्रचार की रणनीति बनाने की जिम्मेदारी सौंपी जा सकती थी। संगठन प्रभारी और सूबा उप प्रधान अमन अरोड़ा भी अब तक नहीं आए हैं, वह चार को पहुंचेंगे।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed