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आरसी मीणा से जुड़े धोखाधड़ी मामले में आरोपी गुरचरण सिंह भट्टी को मिली अंतरिम जमानत
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संवाद न्यूज एजेंसी
चंडीगढ़। डीएसपी आरसी मीणा से जुड़े धोखाधड़ी के मामले में आरोपी गुरचरण सिंह भट्टी को सीबीआई की विशेष अदालत से अंतरिम जमानत मिल गई है। वहीं, हरमीत सिंह चावला और जगजीत कौर चावला ने भी जमानत याचिका दायर की है। इस पर सीबीआई अदालत ने सीबीआई को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है। मामले की अगली सुनवाई 16 दिसंबर को होगी।
दरअसल, 15 दिसंबर को अदालत गुरचरण सिंह को पेश होने के लिए समन जारी करने वाली थी। उससे पहले ही गुरचरण सिंह ने जमानत याचिका दायर कर दी। बीते 24 नवंबर को आईपीसी की धारा 420, 468, 471 और 120 बी के तहत यह चार्जशीट दायर की गई थी।
दरअसल, 2015 में दीपा दुग्गल ने व्यापारी गुरकिरपाल सिंह चावला की पत्नी जगजीत कौर, बेटे हरमीत सिंह चावला, गुरचरण सिंह भट्टी (हरमीत चावला के ससुर) और सरबजीत सिंह के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई थी। दीपा दुग्गल ने शिकायत में आरोप लगाए थे कि सेक्टर-9 की एक प्रॉपर्टी पर बैंक से लोन लेने के लिए सभी ने फर्जी कागजात दिए हैं। इस मामले में पेट्रोल पंप के संचालक गुरकिरपाल सिंह चावला भी आरोपी थे, लेकिन कुछ महीने पहले ही उन्होंने आत्महत्या कर ली थी।
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क्लोजर रिपोर्ट खारिज होने पर दोबारा हुई जांच
2018 में सीबीआई ने इस मामले की जांच कर अदालत में क्लोजर रिपोर्ट दायर कर दी थी। सीबीआई ने अपनी रिपोर्ट में कहा था कि इस मामले में शिकायतकर्ता को कोई भी वित्तीय हानि नहीं हुई है, इसलिए मामले को आगे नहीं बढ़ाया जा सकता। अदालत ने सारे दस्तावेज देखने के बाद सीबीआई की क्लोजर रिपोर्ट को खारिज कर दिया था। साथ ही सीबीआई को आदेश दिया था कि वह मामले की दोबारा जांच कर रिपोर्ट दर्ज कराए। इसके बाद सीबीआई ने मामले की दोबारा जांच की और सभी आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट दायर की।
बॉक्स
डीएसपी आरसी मीणा समेत दो हुए थे गिरफ्तार
इस मामले में सीबीआई ने ईओडब्ल्यू में तैनात डीएसपी रामचंद्र मीणा, सब इंस्पेक्टर सुरेंद्र, बर्कले हुंडई के मालिक संजय दहूजा और सेक्टर-43 स्थित केएलजी होटल के संचालक अमन ग्रोवर को रिश्वत लेने में बिचौलिए की भूमिका निभाने के आरोप में गिरफ्तार किया गया था। गुरकिरपाल चावला की बेटी गुनीत कौर ने सीबीआई को शिकायत दी थी कि पुलिस उनके पिता और परिवार के अन्य सदस्यों को गिरफ्तार न करने के एवज में 40 लाख रुपये की रिश्वत मांग रही है। जिसके बाद सीबीआई ने ट्रैप लगाकर सभी आरोपियों को गिरफ्तार किया था।
यह है मामला
सेक्टर-17 थाने में गुरकिरपाल सिंह चावला और उनके परिवार के खिलाफ दीपा दुग्गल ने शिकायत दी थी। दीपा ने उन पर सेक्टर-9 की जमीन को हासिल करने के लिए फर्जी दस्तावेज देने के आरोप लगाए थे, जबकि गुरकिरपाल चावला ने सेक्टर-3 थाने में दीपा के खिलाफ उसी जमीन को धोखे से बेचने के आरोप लगाए थे। पुलिस ने दोनों पक्षों के खिलाफ केस दर्ज कर लिया था, लेकिन कुछ समय बाद मामला सीबीआई के पास ट्रांसफर कर दिया गया।
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चंडीगढ़। डीएसपी आरसी मीणा से जुड़े धोखाधड़ी के मामले में आरोपी गुरचरण सिंह भट्टी को सीबीआई की विशेष अदालत से अंतरिम जमानत मिल गई है। वहीं, हरमीत सिंह चावला और जगजीत कौर चावला ने भी जमानत याचिका दायर की है। इस पर सीबीआई अदालत ने सीबीआई को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है। मामले की अगली सुनवाई 16 दिसंबर को होगी।
दरअसल, 15 दिसंबर को अदालत गुरचरण सिंह को पेश होने के लिए समन जारी करने वाली थी। उससे पहले ही गुरचरण सिंह ने जमानत याचिका दायर कर दी। बीते 24 नवंबर को आईपीसी की धारा 420, 468, 471 और 120 बी के तहत यह चार्जशीट दायर की गई थी।
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दरअसल, 2015 में दीपा दुग्गल ने व्यापारी गुरकिरपाल सिंह चावला की पत्नी जगजीत कौर, बेटे हरमीत सिंह चावला, गुरचरण सिंह भट्टी (हरमीत चावला के ससुर) और सरबजीत सिंह के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई थी। दीपा दुग्गल ने शिकायत में आरोप लगाए थे कि सेक्टर-9 की एक प्रॉपर्टी पर बैंक से लोन लेने के लिए सभी ने फर्जी कागजात दिए हैं। इस मामले में पेट्रोल पंप के संचालक गुरकिरपाल सिंह चावला भी आरोपी थे, लेकिन कुछ महीने पहले ही उन्होंने आत्महत्या कर ली थी।
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क्लोजर रिपोर्ट खारिज होने पर दोबारा हुई जांच
2018 में सीबीआई ने इस मामले की जांच कर अदालत में क्लोजर रिपोर्ट दायर कर दी थी। सीबीआई ने अपनी रिपोर्ट में कहा था कि इस मामले में शिकायतकर्ता को कोई भी वित्तीय हानि नहीं हुई है, इसलिए मामले को आगे नहीं बढ़ाया जा सकता। अदालत ने सारे दस्तावेज देखने के बाद सीबीआई की क्लोजर रिपोर्ट को खारिज कर दिया था। साथ ही सीबीआई को आदेश दिया था कि वह मामले की दोबारा जांच कर रिपोर्ट दर्ज कराए। इसके बाद सीबीआई ने मामले की दोबारा जांच की और सभी आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट दायर की।
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डीएसपी आरसी मीणा समेत दो हुए थे गिरफ्तार
इस मामले में सीबीआई ने ईओडब्ल्यू में तैनात डीएसपी रामचंद्र मीणा, सब इंस्पेक्टर सुरेंद्र, बर्कले हुंडई के मालिक संजय दहूजा और सेक्टर-43 स्थित केएलजी होटल के संचालक अमन ग्रोवर को रिश्वत लेने में बिचौलिए की भूमिका निभाने के आरोप में गिरफ्तार किया गया था। गुरकिरपाल चावला की बेटी गुनीत कौर ने सीबीआई को शिकायत दी थी कि पुलिस उनके पिता और परिवार के अन्य सदस्यों को गिरफ्तार न करने के एवज में 40 लाख रुपये की रिश्वत मांग रही है। जिसके बाद सीबीआई ने ट्रैप लगाकर सभी आरोपियों को गिरफ्तार किया था।
यह है मामला
सेक्टर-17 थाने में गुरकिरपाल सिंह चावला और उनके परिवार के खिलाफ दीपा दुग्गल ने शिकायत दी थी। दीपा ने उन पर सेक्टर-9 की जमीन को हासिल करने के लिए फर्जी दस्तावेज देने के आरोप लगाए थे, जबकि गुरकिरपाल चावला ने सेक्टर-3 थाने में दीपा के खिलाफ उसी जमीन को धोखे से बेचने के आरोप लगाए थे। पुलिस ने दोनों पक्षों के खिलाफ केस दर्ज कर लिया था, लेकिन कुछ समय बाद मामला सीबीआई के पास ट्रांसफर कर दिया गया।