{"_id":"572209104f1c1b8d07a91569","slug":"guest-teachers-issue-haryana-guest-teachers-haryana-govt-punjab-haryana-highcourt-haryana","type":"story","status":"publish","title_hn":"गेस्ट टीचर्स रहेंगे या हटाए जाएंगे, हाईकोर्ट का फैसला सुरक्षित","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
गेस्ट टीचर्स रहेंगे या हटाए जाएंगे, हाईकोर्ट का फैसला सुरक्षित
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
Updated Sat, 30 Apr 2016 12:38 PM IST
विज्ञापन
अतिथि शिक्षक
- फोटो : AmarUjala
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
हरियाणा के स्कूलों में लगे गेस्ट टीचर्स रहेंगे या हटा दिए जाएंगे, मामले को लेकर पंजाब हरियाणा हाईकोर्ट ने फैसला सुरक्षित रखा है। इस संबंधी याचिका पर पिछले दो दिन से लंबी बहस चल रही थी और वीरवार को हाईकोर्ट ने याचिका पर अपना फैसला सुरक्षित रख लिया है।
गौरतलब है कि गेस्ट टीचर्स को नौकरी से बाहर करने की मांग को लेकर एक याचिका की सुनवाई के दौरान सरकार ने अनेक गेस्ट टीचर्स को सरप्लस बताया था, लेकिन साथ ही कहा था कि नियमित भर्ती तक इन्हें जारी रखने की अनुमति दी जाए। हाईकोर्ट ने नियमित भर्ती के बाद इनकी सेवाएं समाप्त करने का निर्देश दिया था।
नियमित भर्ती नहीं की गई, जिसके खिलाफ फिर मामला हाईकोर्ट पहुंचा था। उस वक्त सरकार ने दलील दी थी कि चूंकि भर्ती प्रक्रिया पूरी नहीं हो सकी है और छात्रों की परीक्षा होने को है, लिहाजा 31 मार्च तक इनकी सेवाएं जारी रखने की अनुमति दी जाए।
विज्ञापन
हाईकोर्ट ने स्टॉप गैप अरेंजमेंट के आधार पर इन्हें 31 मार्च तक रखने की छूट दी थी, साथ ही कहा था कि सरप्लस गेस्ट टीचर्स की अलग से चल रही याचिका की सुनवाई पर इस निर्देश का कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा। सरप्लस गेस्ट टीचर्स ने अलग से याचिका में आरोप लगाया था कि एक ओर सरकार कह रही है कि शिक्षकों की कमी है तो ऐसे में वह सरप्लस कैसे हो गए।
विज्ञापन
गौरतलब है कि गेस्ट टीचर्स को नौकरी से बाहर करने की मांग को लेकर एक याचिका की सुनवाई के दौरान सरकार ने अनेक गेस्ट टीचर्स को सरप्लस बताया था, लेकिन साथ ही कहा था कि नियमित भर्ती तक इन्हें जारी रखने की अनुमति दी जाए। हाईकोर्ट ने नियमित भर्ती के बाद इनकी सेवाएं समाप्त करने का निर्देश दिया था।
विज्ञापन
नियमित भर्ती नहीं की गई, जिसके खिलाफ फिर मामला हाईकोर्ट पहुंचा था। उस वक्त सरकार ने दलील दी थी कि चूंकि भर्ती प्रक्रिया पूरी नहीं हो सकी है और छात्रों की परीक्षा होने को है, लिहाजा 31 मार्च तक इनकी सेवाएं जारी रखने की अनुमति दी जाए।
विज्ञापन
हाईकोर्ट ने स्टॉप गैप अरेंजमेंट के आधार पर इन्हें 31 मार्च तक रखने की छूट दी थी, साथ ही कहा था कि सरप्लस गेस्ट टीचर्स की अलग से चल रही याचिका की सुनवाई पर इस निर्देश का कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा। सरप्लस गेस्ट टीचर्स ने अलग से याचिका में आरोप लगाया था कि एक ओर सरकार कह रही है कि शिक्षकों की कमी है तो ऐसे में वह सरप्लस कैसे हो गए।