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गुडिया हत्याकांड : कोटखाई थाना एसएचओ के सीबीआई कोर्ट में बयान दर्ज, बचाव पक्ष ने किया क्राॅस एग्जामिनेशन
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चंडीगढ़। शिमला के बहुचर्चित गुड़िया दुष्कर्म के बाद हत्या में गिरफ्तार आरोपी की कोटखाई थाने में हत्या के मामले में मंगलवार को फिर से सुनवाई हुई। हाईकोर्ट के आदेशों पर सीबीआई कोर्ट द्वारा तीसरी बार समन जारी होने के बाद शिमला के कोटखाई थाने के सब इंस्पेक्टर एसएचओ के बयान दर्ज किए गए। साथ ही उससे बचाव पक्ष द्वारा क्राॅस एग्जामिनेशन भी किया गया। इस मामले में वीरवार और शुक्रवार को लगातार दो दिनों तक सुनवाई होगी। यह मामला आखिरी पड़ाव में पहुंच चुका है, एक महीने में इस केस का फैसला आने की उम्मीद है।
सीबीआई कोर्ट ने 20 दिसंबर को कोटखाई थाने के एसआई/एसएचओ अंकुश ठाकुर को आखिरी बार समन जारी करते हुए पेश होने के आदेश दिए थे। मंगलवार को वह कोर्ट में पेश हुआ और उसके फिर से बयान दर्ज किए गए। इस दौरान आरोपी पक्ष द्वारा एसएचओ से क्राॅस एग्जामिनेशन किया गया और उससे मामले को लेकर सवाल-जवाब किए गए। एसएचओ के बयान दर्ज करने व क्राॅस एग्जामिनेशन किए जाने के बाद कोर्ट ने मामले में सुनवाई के लिए 9 व 10 जनवरी की तारीख दे दी।
दरअसल, इस मामले में बीते 12 दिसंबर को हुई सुनवाई में सीबीआई कोर्ट ने सभी पक्षों के बयान दर्ज कर साक्ष्यों को बंद कर दिया था। उसी दिन आरोपी नंबर-3 राजिंद्र सिंह ने अपने बचाव में कोटखाई थाने के एसएचओ को फिर से पूछताछ के लिए बुलाने की गुहार लगाई थी। हालांकि एसएचओ कोटखाई को बीते 5 दिसंबर को सुनवाई में समन जारी कर बयान देने के लिए बुलाया गया था, लेकिन वह पेश नहीं हुआ। इससे पहले भी उसे समन जारी किए गए थे और वह पेशी पर नहीं पहुंचा था। जबकि आरोपी-3 राजिंद्र सिंह द्वारा अपने बचाव में एसएचओ को बतौर गवाह पेश करने का वचन भी लिया था और जिसके बाद उसे पुनः तलब करने का आदेश दिया गया था। इसके बावजूद दो बार समन जारी होने के बाद एसएचओ कोर्ट में नहीं पहुंचा। इसलिए कोर्ट ने अपने पिछले आदेशों में यह टिप्पणी करते हुए लिखा था कि आरोपी-3 सीबीआई के डर से सच्चाई बताने के लिए तैयार नहीं हैं और इसलिए कोटखाई एसएचओ गवाह के रूप में उसके पक्ष में गवाही देने के लिए आगे नहीं आ रहा है। इसलिए कोर्ट ने 12 दिसंबर को आरोपी राजिंद्र सिंह के बचाव में साक्ष्यों को भी बंद कर दिया था। लेकिन आरोपी पक्ष हाईकोर्ट में चला गया। हाईकोर्ट ने 18 दिसंबर को आदेश जारी किए गए थे कि सीबीआई कोर्ट याचिकाकर्ता को गवाह एसएचओ थाना कोटखाई से उसके बचाव में पूछताछ करने का एक अवसर प्रदान करें और ट्रायल कोर्ट बचाव पक्ष के गवाह को प्रभावी समन जारी करने के लिए सीएलपीसी के प्रावधानों का अनुपालन करें।
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सीबीआई कोर्ट ने 20 दिसंबर को कोटखाई थाने के एसआई/एसएचओ अंकुश ठाकुर को आखिरी बार समन जारी करते हुए पेश होने के आदेश दिए थे। मंगलवार को वह कोर्ट में पेश हुआ और उसके फिर से बयान दर्ज किए गए। इस दौरान आरोपी पक्ष द्वारा एसएचओ से क्राॅस एग्जामिनेशन किया गया और उससे मामले को लेकर सवाल-जवाब किए गए। एसएचओ के बयान दर्ज करने व क्राॅस एग्जामिनेशन किए जाने के बाद कोर्ट ने मामले में सुनवाई के लिए 9 व 10 जनवरी की तारीख दे दी।
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दरअसल, इस मामले में बीते 12 दिसंबर को हुई सुनवाई में सीबीआई कोर्ट ने सभी पक्षों के बयान दर्ज कर साक्ष्यों को बंद कर दिया था। उसी दिन आरोपी नंबर-3 राजिंद्र सिंह ने अपने बचाव में कोटखाई थाने के एसएचओ को फिर से पूछताछ के लिए बुलाने की गुहार लगाई थी। हालांकि एसएचओ कोटखाई को बीते 5 दिसंबर को सुनवाई में समन जारी कर बयान देने के लिए बुलाया गया था, लेकिन वह पेश नहीं हुआ। इससे पहले भी उसे समन जारी किए गए थे और वह पेशी पर नहीं पहुंचा था। जबकि आरोपी-3 राजिंद्र सिंह द्वारा अपने बचाव में एसएचओ को बतौर गवाह पेश करने का वचन भी लिया था और जिसके बाद उसे पुनः तलब करने का आदेश दिया गया था। इसके बावजूद दो बार समन जारी होने के बाद एसएचओ कोर्ट में नहीं पहुंचा। इसलिए कोर्ट ने अपने पिछले आदेशों में यह टिप्पणी करते हुए लिखा था कि आरोपी-3 सीबीआई के डर से सच्चाई बताने के लिए तैयार नहीं हैं और इसलिए कोटखाई एसएचओ गवाह के रूप में उसके पक्ष में गवाही देने के लिए आगे नहीं आ रहा है। इसलिए कोर्ट ने 12 दिसंबर को आरोपी राजिंद्र सिंह के बचाव में साक्ष्यों को भी बंद कर दिया था। लेकिन आरोपी पक्ष हाईकोर्ट में चला गया। हाईकोर्ट ने 18 दिसंबर को आदेश जारी किए गए थे कि सीबीआई कोर्ट याचिकाकर्ता को गवाह एसएचओ थाना कोटखाई से उसके बचाव में पूछताछ करने का एक अवसर प्रदान करें और ट्रायल कोर्ट बचाव पक्ष के गवाह को प्रभावी समन जारी करने के लिए सीएलपीसी के प्रावधानों का अनुपालन करें।

कुरुक्षेत्र। एलएनजेपी अस्पताल में बनाया गया आईसालेशन वार्ड। संवाद
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