फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Chandigarh ›   GST, Punjab Government, Captain Amarinder singh

केंद्र ने बढ़ाई पंजाब की चिंता, कर्मचारियों के वेतन में लग सकता है 'अड़ंगा'

Fri, 20 Oct 2017 09:17 AM IST
हर्ष कुमार सलारिया/अमर उजाला, चंडीगढ़
हर्ष कुमार सलारिया/अमर उजाला, चंडीगढ़ Updated Fri, 20 Oct 2017 09:17 AM IST
विज्ञापन
GST, Punjab Government, Captain Amarinder singh
gst
खराब वित्तीय हालत से घिरी पंजाब सरकार को केंद्र सरकार के एक प्रस्ताव ने जोर का झटका दिया है। केंद्र सरकार चाहती है कि जीएसटी के तहत राज्यों के हिस्से का फंड हर 15 तारीख के बजाये तीन महीनों पर जारी किया जाए। केंद्रीय वित्त मंत्री अरुण जेटली द्वारा राज्यों को भेजे गए इस प्रस्ताव से पंजाब सरकार की चिंता बढ़ गई है, क्योंकि जीएसटी से अपने हिस्से का फंड देरी से मिलने के कारण बीते दो महीनों से राज्य सरकार अपने कर्मचारियों को समय पर वेतन भी नहीं दे सकी है। 
विज्ञापन


यदि केंद्र सरकार की ओर से तीन महीने में अदायगी के फैसले को लागू किया गया तो पंजाब सरकार केे  लिए वेतन ही नहीं, दैनिक खर्च की राशि की व्यवस्था भी कठिन हो जाएगी। इसके अलावा खजाने में तीन महीने तक रकम नहीं आने पर कई अन्य मदों में भी सरकार ने लिए समस्या खड़ी हो जाएगी। सीएमओ से मिली जानकारी के अनुसार, राज्य सरकार को अरुण जेटली का उक्त प्रस्ताव मिल गया है, लेकिन राज्य सरकार को यह मंजूर नहीं है।  
विज्ञापन


प्रस्ताव के विरोध का मुख्य कारण यह है कि केंद्र द्वारा जीएसटी के हिस्से का फंड हर 15 तारीख को दिए जाने के कारण राज्य सरकार बीते दो महीनों से अपने कर्मचारियों को समय पर वेतन भी नहीं दे सकी है। राज्य के करीब 3.90 लाख कर्मचारियों के लिए हर महीने करीब 2200 करोड़ रुपये वेतन के भुगतान के रूप में दिए जाते हैं। आर्थिक तंगी के कारण ही लंबे समय से कर्मचारियों के डीए की किश्त भी रुकी हुई है। 
विज्ञापन
विज्ञापन

जीएसडीपी लिमिट बढ़ाने पर भी नहीं हुआ फैसला

GST, Punjab Government, Captain Amarinder singh
Captain Amarinder Singh
पुरानी और नई व्यवस्था में अंतर
टैक्स उगाही की पुरानी व्यवस्था के तहत राज्य सरकार को करों का पैसा नियमित रूप से प्राप्त होता रहता था, लेकिन जीएसटी लागू होने के बाद राज्यों से करों की उगाही की रकम सीधे केंद्र को जा रही है। इसमें से राज्य के हिस्से का फंड केंद्र द्वारा रिलीज किया जा रहा है। इस फंड के रिलीज होने में देरी से पंजाब को पहले ही काफी कठिनाई का सामना करना पड़ रहा है।

जीएसडीपी लिमिट बढ़ाने पर भी नहीं हुआ फैसला
इधर, पंजाब सरकार लगातार यह प्रयास कर रही है कि उसे बाजार से कर्ज उठाने की अनुमति मिल जाए, ताकि वे किसानों की कर्ज माफी समेत जनता के किए वादे पूरा कर सके। इस संबंध में राज्य सरकार ने केंद्र से मांग की है कि वह कर्ज उठाने के लिए तय जीएसडीपी (ग्रॉस स्टेट डोमेस्टिक प्रोडक्ट) की सीमा को बढ़ा दे। लेकिन केंद्र सरकार इस मुद्दे को लेकर इसलिए भी पसोपेश में है कि उसे अन्य राज्यों की भी ऐसी मांग को मानना होगा, जिसका सीधा असर राजकोषीय घाटे पर पड़ेगा।

इसके अलावा, इस बारे में 14वें वित्त आयोग ने भी कोई अनुशंसा नहीं की है। पंजाब ने केंद्र सरकार से फिस्कल रिस्पांसिबिलिटी एंड बजट मैनेजमेंट एक्ट (एफआरबीएम एक्ट) के तहत मांग की थी कि राज्य सरकार को छूट दी जाए कि वह इस एक्ट के अधीन निर्धारित जीएसडीपी की लिमिट से बाहर जाकर बाजार से अतिरिक्त कर्ज उठा सके। एफआरबीएम एक्ट के अनुसार, कोई भी राज्य अपने जीएसडीपी की दर का 3 फीसदी ही कर्ज ले सकता है। पंजाब की मांग है कि केंद्र पंजाब के लिए जीएसडीपी की मौजूदा तीन फीसदी की सीमा को बढ़ाकर 4.5 फीसदी कर दे। मामले में केंद्र की चुप्पी ने राज्य सरकार को मुश्किल में डाल रखा है।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed