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GST Council: सोने और कीमती पत्थरों की आवाजाही पर ई-वे बिल होगा जरूरी, ऑनलाइन गेमिंग और कैसीनो पर 28 प्रतिशत तक कर लगाने पर फैसला कल
Tue, 28 Jun 2022 02:31 PM IST
निवेदिता वर्मा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
Published by: निवेदिता वर्मा
Updated Tue, 28 Jun 2022 02:31 PM IST
सार
राज्यों की कई अहम मांगों पर विचार के साथ जीएसटी काउंसिल की बैठक में कुछ चुनिंदा आइटम्स के टैक्स रेट्स बदलने वाले हैं, जिनका रिकमेंडशन फिटमेंट पैनल ने किया है।
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चंडीगढ़ में जीएसटी काउंसिल की बैठक।
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
जीएसटी परिषद की 47वीं बैठक में मंगलवार को राज्यों को होने वाले नुकसान में भरपाई के लिए मंथन किया गया। राज्यों के वित्त मंत्रियों की तरफ से सौंपी गई रिपोर्ट पर भी जीएसटी परिषद विचार करेगी। इसमें दो लाख रुपये तक के सोने और कीमती पत्थरों की राज्य के भीतर आवाजाही के लिए ई-वे बिल अनिवार्य करने पर विचार किया जा रहा है। ऐसे करदाताओं के लिए ई-चालान भी अनिवार्य किया जा सकता है।
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सालाना 20 करोड़ से अधिक का कारोबार करने वाले भी इसमें शामिल किए जाएंगे। बैठक की अध्यक्षता केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने की। बैठक में ऑनलाइन गेमिंग, घुड़दौड़ और कैसीनो पर 28 प्रतिशत तक कर लगाने पर सहमति बन सकती है। इस पर फैसला बुधवार को किया जाएगा। इसमें होने वाली प्रेसवार्ता में वित्त मंत्री सभी फैसलों का खुलासा करेंगी।
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मंत्री समूह ने कई सेवाओं पर जीएसटी छूट को वापस लेने का भी सुझाव दिया है। इसमें प्रतिदिन 1,000 रुपये से कम के होटल आवास शामिल हैं। इसके अलावा अस्पताल में भर्ती होने वाले मरीजों के कमरे (5000 से अधिक) के किराए पर भी जीएसटी निर्धारण होना बाकी है। आईसीयू को कर मुक्त रखा जाएगा।
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दो दिवसीय बैठक में कई वस्तुओं के करों में बदलाव के अलावा छोटे ऑनलाइन आपूर्तिकर्ताओं को पंजीकरण मानदंडों में ढील की पेशकश की गई। जीएसटी को व्यापारी के लिए अधिक सुगम कैसे बनाया जाए इस पर विचार विमर्श किया गया। इस दौरान कर्नाटक के मुख्यमंत्री बसवराज बोम्मई की अध्यक्षता में कर ढांचे में सुधार को लेकर दी गई रिपोर्ट पर भी विचार किया जाएगा। अधिकारियों की एक समिति ने क्रिप्टोकरेंसी और अन्य आभासी डिजिटल संपत्तियों की कर योग्यता पर निर्णय को स्थगित करने का भी सुझाव दिया है। हालांकि क्रिप्टोकरेंसी के विनियमन और वर्गीकरण पर कानून लंबित है।
मालूम हो कि जीएसटी एक जुलाई, 2017 से पेश किया गया था और राज्यों को जीएसटी के कारण उत्पन्न होने वाले राजस्व नुकसान के लिए जून 2022 तक मुआवजे का आश्वासन दिया गया था।
चारा काटने की मशीन कर मुक्त
हरियाणा के उपमुख्यमंत्री दुष्यंत चौटाला ने परिषद की बैठक में चारा काटने वाली मशीन कर मुक्त करने की बात रखी थी। इस मांग पर वित्त मंत्री ने अपनी सहमति जता दी है। दुष्यंत ने बताया कि अब यह मशीन किसान के लिए कर मुक्त हो जाएगी, जबकि ट्रैक्टर पर कर उन्होंने सांसद रहते हुए मुक्त करवाया था। जहां तक ई-वे बिल की बात है वह व्यापारियों के लिए भी हितकारी है।
डिनर पर भी होगी चर्चा
हरियाणा सरकार ने जीएसटी परिषद के सदस्यों के लिए पिंजौर गार्डन में डिनर का आयोजन किया है। मुख्यमंत्री मनोहर लाल की ओर से आयोजित किए गए इस समारोह में केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण के अलावा अन्य सभी अधिकारियों और वित्तमंत्रियों को आमंत्रित किया गया है। डिनर के दौरान मुख्यमंत्री हरियाणा से संबंधित अन्य मांगों पर केंद्रीय मंत्री से चर्चा करेंगे।