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Chandigarh News: जीएसटी कलेक्शन में उछाल, अप्रैल में 65% की रिकॉर्ड बढ़ोतरी
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चंडीगढ़। वित्तीय वर्ष 2026-27 की शुरुआत चंडीगढ़ के लिए आर्थिक मोर्चे पर बेहद उत्साहजनक रही है। मिनिस्ट्री ऑफ फाइनेंस की ताजा रिपोर्ट के अनुसार शहर में जीएसटी कलेक्शन में जबरदस्त उछाल दर्ज किया गया है। खासकर पोस्ट सेटलमेंट एसजीएसटी में 65 प्रतिशत की रिकॉर्ड वृद्धि ने आर्थिक गतिविधियों में तेजी का संकेत दिया है।
आंकड़ों के मुताबिक, अप्रैल 2025 में जहां पोस्ट सेटलमेंट एसजीएसटी के तहत 175 करोड़ रुपये का राजस्व प्राप्त हुआ था, वहीं अप्रैल 2026 में यह बढ़कर 289 करोड़ रुपये पहुंच गया। इस तरह एक साल में 114 करोड़ रुपये की उल्लेखनीय बढ़ोतरी दर्ज की गई है। प्री सेटलमेंट एसजीएसटी श्रेणी में भी मामूली लेकिन सकारात्मक वृद्धि देखने को मिली है। अप्रैल 2025 में 79 करोड़ रुपये के मुकाबले अप्रैल 2026 में यह आंकड़ा 80 करोड़ रुपये हो गया जो करीब 2 प्रतिशत की बढ़ोतरी को दर्शाता है।
विशेषज्ञों का कहना है कि जीएसटी कलेक्शन में यह तेजी शहर में बढ़ती व्यापारिक गतिविधियों, डिजिटल लेनदेन के विस्तार और टैक्स सिस्टम में पारदर्शिता का परिणाम है। इसके अलावा टैक्स चोरी पर प्रशासन की सख्ती और जागरूकता अभियानों ने भी राजस्व बढ़ाने में अहम भूमिका निभाई है। चंडीगढ़ जो तेजी से एक प्रमुख व्यापारिक और सेवा केंद्र के रूप में उभर रहा है, वहां जीएसटी कलेक्शन में यह वृद्धि भविष्य के विकास के लिए सकारात्मक संकेत है। अतिरिक्त राजस्व से सरकार को बुनियादी ढांचे, स्वास्थ्य, शिक्षा और अन्य सार्वजनिक सेवाओं को मजबूत करने में मदद मिलेगी।
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आंकड़ों के मुताबिक, अप्रैल 2025 में जहां पोस्ट सेटलमेंट एसजीएसटी के तहत 175 करोड़ रुपये का राजस्व प्राप्त हुआ था, वहीं अप्रैल 2026 में यह बढ़कर 289 करोड़ रुपये पहुंच गया। इस तरह एक साल में 114 करोड़ रुपये की उल्लेखनीय बढ़ोतरी दर्ज की गई है। प्री सेटलमेंट एसजीएसटी श्रेणी में भी मामूली लेकिन सकारात्मक वृद्धि देखने को मिली है। अप्रैल 2025 में 79 करोड़ रुपये के मुकाबले अप्रैल 2026 में यह आंकड़ा 80 करोड़ रुपये हो गया जो करीब 2 प्रतिशत की बढ़ोतरी को दर्शाता है।
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विशेषज्ञों का कहना है कि जीएसटी कलेक्शन में यह तेजी शहर में बढ़ती व्यापारिक गतिविधियों, डिजिटल लेनदेन के विस्तार और टैक्स सिस्टम में पारदर्शिता का परिणाम है। इसके अलावा टैक्स चोरी पर प्रशासन की सख्ती और जागरूकता अभियानों ने भी राजस्व बढ़ाने में अहम भूमिका निभाई है। चंडीगढ़ जो तेजी से एक प्रमुख व्यापारिक और सेवा केंद्र के रूप में उभर रहा है, वहां जीएसटी कलेक्शन में यह वृद्धि भविष्य के विकास के लिए सकारात्मक संकेत है। अतिरिक्त राजस्व से सरकार को बुनियादी ढांचे, स्वास्थ्य, शिक्षा और अन्य सार्वजनिक सेवाओं को मजबूत करने में मदद मिलेगी।
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