फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Chandigarh ›   'Groundwater level falling due to paddy cultivation in Punjab, the state of rivers, the cultivation of coarse cereals is necessary'

‘नदियों के प्रदेश पंजाब में धान की खेती से गिर रहा भूजल स्तर, मोटे अनाज की खेती जरूरी’

Sun, 15 May 2022 02:06 AM IST
Panchkula Bureau पंचकुला ब्‍यूरो
Updated Sun, 15 May 2022 02:06 AM IST
विज्ञापन
'Groundwater level falling due to paddy cultivation in Punjab, the state of rivers, the cultivation of coarse cereals is necessary'
सेमिनार में मौजूद विशेषज्ञ। - फोटो : CHANDIGARH
चंडीगढ़। कैपिटल कांप्लेेक्स में शनिवार को ‘नाइट ऑफ आइडिया’ का आयोजन किया गया। एलायंस फ्रांसिस और बोनजूर इंडिया की ओर से आयोजित इस कार्यक्रम में भारत, फ्रांस, चेक रिपब्लिक व स्पेन के छह वक्ताओं ने भाग लिया जबकि स्वाति मध्यस्थ थीं। वक्ताओं ने ‘कोविड के बाद की दुनिया में साथ मिलकर पुनर्निर्माण’ के विषय में चर्चा की।
विज्ञापन

चर्चा का उद्देश्य समस्त समुदाय की भावना तथा अनुकूल माहौल का निर्माण करते हुए आधुनिक समय की चुनौतियां का अन्वेषण करना था। यह कार्यक्रम हर वर्ष जनवरी महीने में आयोजित किया जाता है लेकिन कोविड के कारण इस बार कार्यक्रम देर से हुआ। वक्ताओं में भारतीय पर्यावरण कार्यकर्ता व स्कॉलर वंदना, फ्रांसीसी आर्किटेक्ट व लेखक लियोपोल्ड लैंबर्ट, फ्रांसीसी लेखक व अनुवादक मैरी, भारतीय लेखिका व अर्थशास्त्री श्रेयना भट्टाचार्य, चेक कार्यकर्ता व कलाकार लुकास हौडेक, स्पेनिश दार्शनिक और निबंधकार जुआन अर्नो शामिल रहे।
विज्ञापन

डॉ. वंदना ने हरित क्रांति के पश्चात भारतीय किसान की दयनीय स्थिति पर बात की। कहा कि किसानों की लागत तो बढ़ गई है लेकिन सरकारें न्यूनतम समर्थन मूल्य पर अनाज खरीदने में नाकाम रही हैं। कहा कि पंजाब नदियों का प्रदेश है लेकिन धान की खेती से धीरे-धीरे भूजल खत्म होता जा रहा है। ऐसे में किसानों को मोटे अनाज (मिलेट्स) की खेती की ओर ध्यान देना चाहिए। यह भी कहा कि 2023 को विश्वभर में ‘ईयर ऑफ मिलेट्स’ के रूप में मनाया जा रहा है और हम सबको इसमें सहयोग करना चाहिए।
विज्ञापन
विज्ञापन

मैरी ने कहा कि विश्व भर में कई जातियां लुप्त होती जा रही हैं। आधुनिकीकरण के चलते पेड़ भी कम हो रहे हैं। एंजाइटी बढ़ती जा रही है। स्पेन से आए जुआन ने साइंस की फिलासफी की बात की। कहा कि क्लाइमेट चेंज पर विश्व भर में बदलाव लाना जरूरी है।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed