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Ground Report: फरीदकोट में कांटे की टक्कर, निर्दलीय प्रत्याशी बिगाड़ सकते हैं खेल, पंथक व किसानी मुद्दे हावी
Mon, 20 May 2024 01:54 PM IST
निवेदिता वर्मा
राजीव शर्मा, संवाद न्यूज एजेंसी, फरीदकोट (पंजाब)
राजीव शर्मा, संवाद न्यूज एजेंसी, फरीदकोट (पंजाब)
Published by: निवेदिता वर्मा
Updated Mon, 20 May 2024 01:54 PM IST
सार
फरीदकोट संसदीय क्षेत्र में मतदाताओं की संख्या लगभग लगभग पौने 16 लाख के आसपास है। मोगा के चार विधानसभा क्षेत्रों में मोगा, धर्मकोट, निहाल सिंह वाला व बाघापुराना के मतदाताओं की संख्या साढ़े सात लाख है। फरीदकोट के तीन विधानसभा क्षेत्रों फरीदकोट, कोटकपूरा व जैतो में पौने पांच लाख, जबकि मुक्तसर के गिद्दड़बाहा क्षेत्र के 1,66,550 व बठिंडा के रामपुराफुल क्षेत्र के 1,68,693 मतदाता शामिल हैं।
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फरीदकोट में चौकोना मुकाबला
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
साल 2009 में आरक्षित होने के बाद पहली बार फरीदकोट संसदीय सीट हॉट सीट बन गई है। यहां पर राज्य के मुख्यमंत्री भगवंत मान के करीबी मित्र, पंजाबी गायक व फिल्मी अदाकार कर्मजीत अनमोल अपने जीवन का पहला चुनाव लड़ रहे हैं।
वहीं भाजपा ने पद्मश्री सूफी गायक हंसराज हंस को मैदान में उतार कर मुकाबले को काफी दिलचस्प बना दिया है। साल 2022 के विधानसभा चुनाव के प्रदर्शन की नजर से फरीदकोट संसदीय सीट को आम आदमी पार्टी के लिए एक मजबूत किले के रूप में आंका जा रहा है, लेकिन किसानों के विरोध के बीच लगातार परिस्थितियां बदल रहीं हैं। यहां से कांग्रेस पार्टी ने अमरजीत कौर साहोके और शिअद ने राजविंदर सिंह धर्मकोट को मैदान में उतारा है। दोनों प्रत्याशियों को पार्टी के वोट बैंक से ही उम्मीद है। सीट पर कांटे की टक्कर है, लेकिन निर्दलीय प्रत्याशी यहां खेल बिगाड़ सकते हैं। पंथक और किसानी मुद्दे यहां काफी हावी हैं।
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वहीं भाजपा ने पद्मश्री सूफी गायक हंसराज हंस को मैदान में उतार कर मुकाबले को काफी दिलचस्प बना दिया है। साल 2022 के विधानसभा चुनाव के प्रदर्शन की नजर से फरीदकोट संसदीय सीट को आम आदमी पार्टी के लिए एक मजबूत किले के रूप में आंका जा रहा है, लेकिन किसानों के विरोध के बीच लगातार परिस्थितियां बदल रहीं हैं। यहां से कांग्रेस पार्टी ने अमरजीत कौर साहोके और शिअद ने राजविंदर सिंह धर्मकोट को मैदान में उतारा है। दोनों प्रत्याशियों को पार्टी के वोट बैंक से ही उम्मीद है। सीट पर कांटे की टक्कर है, लेकिन निर्दलीय प्रत्याशी यहां खेल बिगाड़ सकते हैं। पंथक और किसानी मुद्दे यहां काफी हावी हैं।
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मैदान में 28 उम्मीदवार
फरीदकोट संसदीय सीट पर इस बार कुल 28 उम्मीदवार अपनी किस्मत आजमा रहे हैं, जिसमें से कई उम्मीदवार ऐसे हैं, जो जीत-हार के बीच के आंकड़ों को प्रभावित करेंगे। इनमें से आजाद उम्मीदवार के रूप में कूदे प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी हत्याकांड के आरोपी बेअंत सिंह के बेटे सरबजीत सिंह खालसा भी शामिल है।
सरबजीत सिंह खालसा को पंथक व सिख संगठनों का समर्थन मिल रहा है। साल 2022 के विधानसभा चुनाव में ज्यादातर पंथक व सिख संगठनों ने आम आदमी पार्टी का साथ दिया था। ऐसे में सरबजीत सिंह खालसा को मिलने वाली वोटों से आप के कर्मजीत अनमोल को खासा नुकसान पहुंचाए जाने के आसार दिख रहे है। इसके अलावा बहुजन समाज पार्टी, सीपीआई समेत अन्य राजनीतिक पार्टियों के उम्मीदवारों के साथ-साथ आजाद उम्मीदवार किसी न किसी रूप में मुख्य उम्मीदवारों को खेल बिगाड़ सकते हैं।
फरीदकोट संसदीय सीट पर इस बार कुल 28 उम्मीदवार अपनी किस्मत आजमा रहे हैं, जिसमें से कई उम्मीदवार ऐसे हैं, जो जीत-हार के बीच के आंकड़ों को प्रभावित करेंगे। इनमें से आजाद उम्मीदवार के रूप में कूदे प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी हत्याकांड के आरोपी बेअंत सिंह के बेटे सरबजीत सिंह खालसा भी शामिल है।
सरबजीत सिंह खालसा को पंथक व सिख संगठनों का समर्थन मिल रहा है। साल 2022 के विधानसभा चुनाव में ज्यादातर पंथक व सिख संगठनों ने आम आदमी पार्टी का साथ दिया था। ऐसे में सरबजीत सिंह खालसा को मिलने वाली वोटों से आप के कर्मजीत अनमोल को खासा नुकसान पहुंचाए जाने के आसार दिख रहे है। इसके अलावा बहुजन समाज पार्टी, सीपीआई समेत अन्य राजनीतिक पार्टियों के उम्मीदवारों के साथ-साथ आजाद उम्मीदवार किसी न किसी रूप में मुख्य उम्मीदवारों को खेल बिगाड़ सकते हैं।
स्थानीय नेता पेश कर रहे बड़ी चुनौती
आम आदमी पार्टी के उम्मीदवार कर्मजीत अनमोल की तरह भाजपा उम्मीदवार हंसराज हंस का भी पहले कभी फरीदकोट संसदीय क्षेत्र से कोई नाता नहीं रहा है। प्रत्याशी के रूप में घोषणा होने के बाद जब हंसराज हंस पहली बार फरीदकोट पहुंचे तो किसान संगठनों ने उनका जबरदस्त विरोध किया, जिसके चलते वह बड़े चेहरे के रूप में उभर कर सामने आए। इसके बाद जैसे-जैसे उनका विरोध बढ़ता जा रहा है, उनके समर्थक भी बढ़ रहे हैं। हाल ही वह किसानों के खिलाफ एक विवादित बयान देकर चर्चा में आए थे।
आप के कर्मजीत अनमोल राज्य सरकार के दो साल के कार्यकाल में किए गए कार्यों के आधार पर समर्थन जुटा रहे हैं। उन्हें फरीदकोट संसदीय क्षेत्र के आठ विधायकों का साथ भी मिल रहा है, जबकि भाजपा के हंसराज हंस प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नाम पर वोट मांग रहे हैं। इन दोनों बड़े कलाकारों को चुनौती देने के लिए कांग्रेस ने अमरजीत कौर साहोके व शिअद ने राजविंदर सिंह को मैदान में उतारा है। दोनों पार्टी के वोट बैंक के भरोसे हैं। कांग्रेस सांसद मोहम्मद सदीक टिकट कटने के बाद से गायब हैं। साल 2022 के विधानसभा चुनाव में करारी हार के बाद शिअद की वापसी करने के लिए काफी मेहनत करनी पड़ रही है।
आम आदमी पार्टी के उम्मीदवार कर्मजीत अनमोल की तरह भाजपा उम्मीदवार हंसराज हंस का भी पहले कभी फरीदकोट संसदीय क्षेत्र से कोई नाता नहीं रहा है। प्रत्याशी के रूप में घोषणा होने के बाद जब हंसराज हंस पहली बार फरीदकोट पहुंचे तो किसान संगठनों ने उनका जबरदस्त विरोध किया, जिसके चलते वह बड़े चेहरे के रूप में उभर कर सामने आए। इसके बाद जैसे-जैसे उनका विरोध बढ़ता जा रहा है, उनके समर्थक भी बढ़ रहे हैं। हाल ही वह किसानों के खिलाफ एक विवादित बयान देकर चर्चा में आए थे।
आप के कर्मजीत अनमोल राज्य सरकार के दो साल के कार्यकाल में किए गए कार्यों के आधार पर समर्थन जुटा रहे हैं। उन्हें फरीदकोट संसदीय क्षेत्र के आठ विधायकों का साथ भी मिल रहा है, जबकि भाजपा के हंसराज हंस प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नाम पर वोट मांग रहे हैं। इन दोनों बड़े कलाकारों को चुनौती देने के लिए कांग्रेस ने अमरजीत कौर साहोके व शिअद ने राजविंदर सिंह को मैदान में उतारा है। दोनों पार्टी के वोट बैंक के भरोसे हैं। कांग्रेस सांसद मोहम्मद सदीक टिकट कटने के बाद से गायब हैं। साल 2022 के विधानसभा चुनाव में करारी हार के बाद शिअद की वापसी करने के लिए काफी मेहनत करनी पड़ रही है।
लोग बोले- आरोप-प्रत्यारोप लगाकर असल मुद्दों से भटका रहे नेता
फरीदकोट संसदीय क्षेत्र में पिछले लंबे समय से कोई विकास नहीं हुआ है। इस बार भी चुनावी समर में विकास की कोई बात ही नहीं कर रहा। यहां पर नशा, बेरोजगारी, विकास का आभाव, इंडस्ट्री की कमी जैसे अहम मुद्दे हैं, लेकिन इन मुद्दों पर कोई चर्चा नहीं हो रही। कोटकपूरा से मोगा तक नए रेलमार्ग के निर्माण की योजना पिछले 20 साल से रेलवे विभाग के पास अधर में लटकी हुई है। पिछले कई सालों से इस क्षेत्र में कोई नई ट्रेन भी नहीं चलाई गई, बल्कि कोरोना काल में बंद गई तो जनता एक्सप्रेस जैसी अहम गाड़ियों को अभी तक बहाल नहीं किया गया।
चुनावी माहौल में बातचीत के दौरान लोगों ने रोष जताया कि हर बार की तरह इस बार भी राजनेता एक दूसरे पर कीचड़ उछालने में व्यस्त है और असल मुद्दों को दरकिनार कर रखा है। कोटकपूरा के नौजवान दुकानदार मनदीप सिंह ने कहा कि पिछले लंबे समय से फरीदकोट क्षेत्र में कोई बड़ी इंडस्ट्री नहीं लगी। कुछ साल पहले बंद हुई सहकारी चीनी मिल भी दोबारा चालू नहीं हो पाई और अब उसके चलने की उम्मीद लगभग खत्म ही हो चुकी है। एडवोकेट विनोद बांसल ने कहा कि किसी भी राजनीतिक पार्टी के पास रोजगार देने की कोई योजना नहीं है। ऐसे हालात के कारण ही पंजाब के नौजवान में 12वीं की पढ़ाई करते ही विदेश जाने की होड़ लगी हुई है। दीपांशु गोयल ने कहा कि रोजगार के अभाव के कारण नौजवान नशे की दल दल में धंसता जा रहा है और नशा का मुद्दा उठाकर सरकार बनाने वाली पार्टियां भी नशा खत्म नहीं कर पाई, बल्कि यह दिन व दिन अपने पांव पसारता ही जा रहा है। वरुण सिंगला ने कहा कि फरीदकोट संसदीय क्षेत्र के विकास पर कभी किसी ने ध्यान नहीं दिया। चुनाव जीतने वाले नेता कभी दोबारा क्षेत्र में लोगों का आभार तक जताने नहीं आए।
फरीदकोट संसदीय क्षेत्र में पिछले लंबे समय से कोई विकास नहीं हुआ है। इस बार भी चुनावी समर में विकास की कोई बात ही नहीं कर रहा। यहां पर नशा, बेरोजगारी, विकास का आभाव, इंडस्ट्री की कमी जैसे अहम मुद्दे हैं, लेकिन इन मुद्दों पर कोई चर्चा नहीं हो रही। कोटकपूरा से मोगा तक नए रेलमार्ग के निर्माण की योजना पिछले 20 साल से रेलवे विभाग के पास अधर में लटकी हुई है। पिछले कई सालों से इस क्षेत्र में कोई नई ट्रेन भी नहीं चलाई गई, बल्कि कोरोना काल में बंद गई तो जनता एक्सप्रेस जैसी अहम गाड़ियों को अभी तक बहाल नहीं किया गया।
चुनावी माहौल में बातचीत के दौरान लोगों ने रोष जताया कि हर बार की तरह इस बार भी राजनेता एक दूसरे पर कीचड़ उछालने में व्यस्त है और असल मुद्दों को दरकिनार कर रखा है। कोटकपूरा के नौजवान दुकानदार मनदीप सिंह ने कहा कि पिछले लंबे समय से फरीदकोट क्षेत्र में कोई बड़ी इंडस्ट्री नहीं लगी। कुछ साल पहले बंद हुई सहकारी चीनी मिल भी दोबारा चालू नहीं हो पाई और अब उसके चलने की उम्मीद लगभग खत्म ही हो चुकी है। एडवोकेट विनोद बांसल ने कहा कि किसी भी राजनीतिक पार्टी के पास रोजगार देने की कोई योजना नहीं है। ऐसे हालात के कारण ही पंजाब के नौजवान में 12वीं की पढ़ाई करते ही विदेश जाने की होड़ लगी हुई है। दीपांशु गोयल ने कहा कि रोजगार के अभाव के कारण नौजवान नशे की दल दल में धंसता जा रहा है और नशा का मुद्दा उठाकर सरकार बनाने वाली पार्टियां भी नशा खत्म नहीं कर पाई, बल्कि यह दिन व दिन अपने पांव पसारता ही जा रहा है। वरुण सिंगला ने कहा कि फरीदकोट संसदीय क्षेत्र के विकास पर कभी किसी ने ध्यान नहीं दिया। चुनाव जीतने वाले नेता कभी दोबारा क्षेत्र में लोगों का आभार तक जताने नहीं आए।
मतदान प्रतिशत भी तय करेगा भविष्य
भीषण गर्मी के मौसम में मतदान प्रतिशत भी काफी कम रहने की आशंका है। हालांकि, चुनाव आयोग का प्रयास है कि 70 प्रतिशत से पार मतदान करवाया जाए, लेकिन मौसम के हिसाब से ज्यादा से ज्यादा 55 प्रतिशत के आसपास मतदान का अनुमान लगाया जा रहा है। फरीदकोट संसदीय सीट पर चौकोना मुकाबला हो रहा है और यदि मतदान प्रतिशत कम रहता है तो प्रत्याशियों की हार-जीत का अंतर भी काफी रहेगा।
भीषण गर्मी के मौसम में मतदान प्रतिशत भी काफी कम रहने की आशंका है। हालांकि, चुनाव आयोग का प्रयास है कि 70 प्रतिशत से पार मतदान करवाया जाए, लेकिन मौसम के हिसाब से ज्यादा से ज्यादा 55 प्रतिशत के आसपास मतदान का अनुमान लगाया जा रहा है। फरीदकोट संसदीय सीट पर चौकोना मुकाबला हो रहा है और यदि मतदान प्रतिशत कम रहता है तो प्रत्याशियों की हार-जीत का अंतर भी काफी रहेगा।