फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Chandigarh ›   Ground report of Cancer affected village Bhagwansar

अमर उजाला ग्राउंड रिपोर्ट: किसी के सिर से उठा मां-बाप का साया, किसी ने उठाई जिगर के टुकड़ों की अर्थी

Wed, 20 Nov 2019 12:55 AM IST
ajay kumar न्यूज डेस्क, अमर उजाला, पठानकोट (पंजाब)
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, पठानकोट (पंजाब) Published by: ajay kumar Updated Wed, 20 Nov 2019 12:55 AM IST
विज्ञापन
Ground report of Cancer affected village Bhagwansar
- फोटो : अमर उजाला

हलका भोआ के गांव भगवानसर में कैंसर ने पिछले 11 महीने में 14 से अधिक लोगों को मौत की नींद सुला दिया। किसी के सिर से मां-बाप का साया उठ गया तो कुछ को अपने जिगर के टुकड़ों की अर्थी उठानी पड़ी, लेकिन सेहत विभाग अब तक इन आंकड़ों को मानने के लिए तैयार नहीं। मौजूदा हालात ऐसे हैं कि गांव के मौजूदा सरपंच भी तीन महीने पहले कैंसर से जिंदगी की जंग हार गए।

विज्ञापन


20 से 26 साल के नौजवान इस बीमारी की चपेट में हैं। कई लोग चर्म रोगों से ग्रसित हैं, इलाज के लिए पैसे नहीं। सोमवार को कृषि विभाग की टीम गांव में मिट्टी के सैंपल लेने पहुंची लेकिन ग्रामीण प्रशासन से नाखुश हैं। गांव के 5 किमी. के दायरे में प्राइमरी हेल्थ सेंटर तक नहीं है। गांव भगवानसर से नवदीप शर्मा की रिपोर्ट...
विज्ञापन


सुबह 10:15 : ऐतिहासिक गुरुद्वारा श्री बारठ साहिब से होते हुए गांव भगवानसर को जाती सड़क के तीन ओर ईंट भट्ठे हैं। 1500 की आबादी और 195 परिवारों वाले गांव भगवानसर में प्राइमरी स्कूल के पास बने पंचायती हाल के बाहर बैठे बुजुर्ग और नौजवान समाचार पत्रों में गांव के हालातों पर प्रकाशित हुई खबरों पर चर्चा कर रहे थे। 
विज्ञापन
विज्ञापन


पूर्व सरपंच और रिटायर्ड सूबेदार ओंकार नाथ कह रहे थे कि 4 साल से कैंसर तांडव कर रहा है लेकिन सरकारें निष्क्रिय हैं। पूछने पर बताया कि मौजूदा सरपंच स्वर्ण सिंह की ही 3 महीने पहले कैंसर से मौत हो गई, कुछ दिन पहले 26 साल की डी-फार्मेसी की स्टूडेंट लाखों खर्च करने के बावजूद जान से हाथ धो बैठी। पूर्व पंचायत सदस्य बिट्टू भगवानसर ने कहा कि बार-बार शिकायतें कीं पर कोई सुध लेने नहीं आया। अब प्रशासन टीमों से सर्वे करवाकर समय गंवा रहा है। लोग कैंसर फैलने का कारण तीनों ईंटों-भट्ठों को ही मानते हैं। 

कैंसर ने छीन लिए मां-बाप, अकेला रहता है 17 साल का शाम

कैंसर ने 17 वर्षीय शाम लाल के सिर से पहले मां और फिर पिता का साया छीन लिया। बड़ा भाई दिमागी तौर से बीमार है और मामा के यहां रहता है। गांव के घर में शाम अकेला ही रहता है। तड़के जल्दी उठकर सुबह-दोपहर का खाना बनाकर वह स्कूल जाता है, वापस आकर पढ़ाई करता है और फिर रात की रोटी बना खाकर सो जाता है। कहता है, सूना घर काटने को दौड़ता है, रोने के लिए कोई कंधा तक नहीं। सरकार ने भी कोई सहायता नहीं दी। 

20 साल की बेटी खोने वाला परिवार सदमे में
शाम के पड़ोस में रहने वाली 20 साल की बी-कॉम कर रही रोहिणी की ब्लड कैंसर से जूझने के बाद अमृतसर के गुरु रामदास अस्पताल में मौत हो गई थी। आंखों में आंसु लिए मां मधु बताती हैं, 4 महीने पहले बेटी चल बसी। पहले बुखार, टाइफाइड और फिर पता चला कि ब्लड कैंसर है। अमृतसर में इलाज करवाने के लिए जिंदगी भर की पूंजी लगा दी लेकिन बेटी को नहीं बचा पाए। 

वहीं कई लोग अब भी बीमारी छिपा रहे हैं। कुछ लोगों ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि लोग डर रहे हैं कि गांव की अधिक बदनामी होने पर जवान बच्चों की शादी में दिक्कत होगी। पहचान उजागर होने पर रिश्तेदार दूरी बना लेंगे। सामाजिक हीनभावना के डर से लोग खुलकर बीमारी नहीं बता पा रहे। 

तीन दिन में दूसरी बार लोगों से मिलने भगवानसर गांव आया हूं, टीम अपने सर्वे और सैंपल का काम पूरा करे। उसके बाद रिपोर्ट के आधार पर कार्रवाई होगी। लोग अगर ईंट भट्ठों को जिम्मेदार मानते हैं तो पॉल्यूशन कंट्रोल बोर्ड से बात कर चेक करवाया जाएगा, अगर भट्ठों में कमी पाई गई तो तुरंत बंद करवाए जाएंगे, लोगों के हित के लिए किसी भी कार्रवाई से सरकार पीछे नहीं हटेगी। -जोगिंद्रपाल, विधायक, हलका भोआ

हेल्थ विभाग, भू-परख विभाग और वाटर सप्लाई डिपार्टमेंट को सर्वे और सैंपल एकत्रित करने को कहा गया है। आठ गांवों भगवानसर, ठूठोवाल खड़खड़ा, खोजकी चक्क, बल्सुआ, गोतरा लाहड़ी, नरोट जैमल सिंह और बमियाल में उक्त विभाग सैंपल लेंगे और सर्वे करेंगे। उसके बाद कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। 
-डॉ. अदिति सलारिया, सिविल सर्जन, पठानकोट

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed