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हरियाणा जिप चुनाव, पहली बार खिला 'कमल', कांग्रेस हुई साफ
ब्यूरो/अमर उजाला, रोहतक/चंडीगढ़
Updated Fri, 29 Jan 2016 10:50 AM IST
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तीन चरणों में हुए हरियाणा जिला परिषद चुनाव के नतीजों में बड़े उलटफेर देखने को मिले। पहली बार बीजेपी ने परचम लहराया और कांग्रेस का सूपड़ा साफ हो गया। विभिन्न स्थानों में प्रदेश के दिग्गज नेताओं के परिजनों और समर्थित उम्मीदवारों को हार का सामना करना पड़ा। हिसार में कभी पूर्व उपप्रधानमंत्री स्वर्गीय देवीलाल को हराने वाले छतरपाल सिंह की पत्नी को भी जिला परिषद चुनाव में हार का सामना करना पड़ा।
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वहीं रतिया हलके में भाजपा प्रदेशाध्यक्ष्ा सुभाष बराला ने तीन सीटों के लिए भाजपा प्रत्याशियों की जीत के लिए पूरा जोर लगाया था, लेकिन उसके बावजूद बड़े अंतर से उन्हें हार मिली। डबवाली में हरियाणा विधानसभा में विपक्षी दल के नेता अभय सिंह चौटाला की पत्नी कांता चौटाला जिला परिषद का चुनाव हार गईं।
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14 में से 11 वार्डों में भाजपा समर्थक प्रत्याशी जीते
तीन चरणों में हुए हरियाणा जिला परिषद चुनाव के परिणाम में बड़ा उल्टफेर सामने आया। पार्टी सिंबल पर प्रत्याशियों को उतारे बिना भाजपा की सरकार बन गई। पूर्व सीएम हुड्डा के गढ़ रोहतक में पहली बार कांग्रेस का सूपड़ा साफ हो गया। जिला परिषद के 14 वार्डों में जीत दर्ज करने वालों में से 11 ने खुद को भाजपा समर्थित बताया है। एक वार्ड पर जरूर इनेलो का कब्जा रहा, जबकि दो वार्डों में जीतने वाले सदस्यों की पार्टी समर्थित होने की स्थिति साफ नहीं है। हालांकि इनेलो जिलाध्यक्ष का दावा है कि तीन वार्डों ने पार्टी ने परचम लहराया है।
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सदस्यों की संख्या पर गौर करें तो अब जिला प्रधान की कुर्सी भी सतारूढ़ पार्टी की ओर बढ़ती दिख रही है। बृहस्पतिवार को परिणाम घोषित होने के साथ ही जिला परिषद के नवनिर्वाचित 11 सदस्यों ने खुद को भाजपा समर्थित बताया और शहर विधायक मनीष ग्रोवर के साथ फोटो खिंचवाए। नतीजों के बाद साफ हो गया कि भाजपा ने पहली बार रोहतक जिला परिषद को कब्जा लिया है। कांग्रेस के लिए यह चुनाव मायूसी देने वाला रहा, क्योंकि रोहतक उसका गढ़ माना जाता रहा है। लेकिन इस बार एक भी प्रत्याशी ने खुद को कांग्रेस समर्थित नहीं बताया।
20 जिलों में पार्टी जिप चेयरमैन बनाने में हुई सक्षम
हरियाणा भाजपा अध्यक्ष व टोहाना से विधायक सुभाष बराला ने प्रदेश में पंचायती राज संस्थाओं के पांचवें आम चुनावों के परिणामों पर खुशी जाहिर करते हुए कहा है कि इन चुनावों में 70 प्रतिशत से अधिक उम्मीदवार या तो भाजपा के सक्रिय कार्यकर्ता हैं या फिर पदाधिकारी अथवा समर्थक। उन्होंने कहा कि भाजपा जिला सिरसा को छोड़कर प्रदेश के सभी 20 जिलों में जिला परिषदों के अध्यक्ष बनाने में सक्षम है।
हरियाणा निवास में पत्रकार सम्मेलन को संबोधित करते हुए बराला ने कहा कि मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर के नेतृत्व में हरियाणा सरकार ने पंचायती राज चुनावों में युवाओं को नई जिम्मेवारी देकर व्यवस्था परिवर्तन की शुरूआत की है और चुनाव परिणाम दर्शाते हैं कि लोगों ने भाजपा की विकास की नीतियों पर अपनी मोहर लगाई है। एक प्रश्न के उत्तर में बराला ने कहा कि पंच-सरपंच के चुनाव आमतौर पर भाईचारे के चुनाव होते हैं।
जिला परिषद के चुनावों में भाजपा के मंत्रियों समेत वे स्वयं भी उम्मीदवारों के चुनाव प्रचार में गए थे। उन्होंने कहा कि पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा के गांव सांघी में भाजपा का एक आम कार्यकर्ता सरपंच बना है। उन्होंने कहा कि सिरसा जिला परिषद के वार्ड नंबर-4 में भाजपा समर्थित उम्मीदवार ने नेता प्रतिपक्ष की पत्नी को लगभग 7000 मतों से हराया है।
बराला ने बताया कि रोहतक जिला परिषद के 14 वार्डों में से 9 वार्डों में और फतेहाबाद में 18 वार्डों में से 9 वार्डों पर भाजपा के उम्मीदवार चुने गए हैं। इसी प्रकार, करनाल जिले में भी भाजपा जिला परिषद का अध्यक्ष बनाने की स्थिति में है। भाजपा प्रदेशाध्यक्ष पंचायत चुनाव में जीतकर आए सभी प्रत्याशियों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि प्रदेश में लगभग 85 प्रतिशत सरपंचों का भाजपा को खुला समर्थन है और जिला परिषद चुनाव परिणामों में साफ हो गया है कि प्रदेश में 70 से 75 प्रतिशत तक विजयी प्रत्याशी भी भाजपा समर्थित हैं।