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सर्जिकल स्ट्राइकः जेबें खाली, बताओ कैसे और कहां जाएं घर छोड़कर?
ब्यूरो/अमर उजाला, फिरोजपुर(पंजाब)
Updated Mon, 03 Oct 2016 09:42 AM IST
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सर्जिकल स्ट्राइक के चलते हाईअलर्ट के बाद सुरक्षित ठिकानों की ओर जाते लोग
- फोटो : अमर उजाला
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बॉर्डर पर तनाव हुआ और गांव खाली करने के आदेश जारी कर दिए गए, लेकिन लोगों की जेबें खाली हैं। ऐसे में वे कैसे और कहां जाएं घर छोड़कर?
सरहद पर तनाव से सीमांत गांव के ग्रामीणों को घर से बेघर होने के जो जख्म मिले हैं उन पर मरहम लगाने के लिए सियासी पार्टी के नेता पहुंच रहे हैं ताकि चुनाव में उनका वोट बैंक बन सके।
किसी भी राजनीतिक पार्टी के नेता ने घर से बेघर हो रहे सीमांत गांव के लोगों की आर्थिक मदद नहीं की। कई ग्रामीण ऐसे हैं जिनके पास सुरक्षित जगहों या फिर अपने रिश्तेदारों के पास पहुंचने के लिए पैसे तक नहीं हैं। यदि घर पर ताला लगाकर जाते हैं तो चोरी का खतरा है।
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सरहद पर तनाव से सीमांत गांव के ग्रामीणों को घर से बेघर होने के जो जख्म मिले हैं उन पर मरहम लगाने के लिए सियासी पार्टी के नेता पहुंच रहे हैं ताकि चुनाव में उनका वोट बैंक बन सके।
किसी भी राजनीतिक पार्टी के नेता ने घर से बेघर हो रहे सीमांत गांव के लोगों की आर्थिक मदद नहीं की। कई ग्रामीण ऐसे हैं जिनके पास सुरक्षित जगहों या फिर अपने रिश्तेदारों के पास पहुंचने के लिए पैसे तक नहीं हैं। यदि घर पर ताला लगाकर जाते हैं तो चोरी का खतरा है।
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कोई राजनेता आर्थिक मदद नहीं करता, मरहम लगाने आते हैं
सर्जिकल स्ट्राइक के चलते हाईअलर्ट के बाद सुरक्षित ठिकानों की ओर जाते लोग
- फोटो : अमर उजाला
ग्रामीण सोहन सिंह, निहालो बाई, निर्मल कौर, सोमा बाई व प्रकाश कौर का कहना है कि कभी कांग्रेसी विधायक परमिंदर सिंह पिंकी, कभी आम आदमी पार्टी का प्रत्याशी मोहन सिंह फलियां वाला, भाजपा के पूर्व प्रदेश प्रधान कमल शर्मा व अन्य सियासी पार्टी के नेता आ रहे हैं और उन्हें भाषण देकर चले जाते हैं।
किसी ने भी उनकी समस्या हल नहीं की। न ही किसी राजनीतिक नेता ने उनकी आर्थिक मदद की है। गांव चांदी वाला व कमाले वाले के ग्रामीणों का कहना है कि रात के समय जब कोई गाड़ी सायरन बजाते हुए आती है तो वह डर जाते हैं की कहीं जंग तो शुरू नहीं हो गई।
किसी ने भी उनकी समस्या हल नहीं की। न ही किसी राजनीतिक नेता ने उनकी आर्थिक मदद की है। गांव चांदी वाला व कमाले वाले के ग्रामीणों का कहना है कि रात के समय जब कोई गाड़ी सायरन बजाते हुए आती है तो वह डर जाते हैं की कहीं जंग तो शुरू नहीं हो गई।