सरकारी बाबू तय करेंगे चुनाव में हार या जीत
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विधानसभा चुनाव में हर बार की तरह सरकार कर्मचारी इस दफा भी महत्वपूर्ण भूमिका में होंगे। प्रदेश में लगभग पांच लाख सरकारी कर्मचारी और सवा लाख रिटायर कर्मचारी हैं। इन्हें लामबंद करने के लिए मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा कई चुनावी लालीपॉप दे चुके हैं।
इसके बावजूद कर्मचारियों के कई संगठन अब भी नाखुश हैं। खासतौर रिटायर कर्मचारी और अस्थायी अध्यापक अब भी अपनी मांगे पूरा होने का इंतजार कर रहे हैं। हालांकि प्रदेश सरकार ने कर्मचारियों को खुश करने की कोई कसर नहीं छोड़ी है।
राज्य कर्मचारियों की स्थिति
हरियाणा में राज्य सरकार के कर्मचारियों की तादाद लगभग पांच लाख के करीब हैं। इसमें अस्थायी और स्थायी कर्मचारी शामिल हैं। इसके अलावा लगभग सवा लाख वे कर्मचारी भी हैं जो नौकरी से सेवामुक्त हो चुके हैं।
सरकारी कर्मचारियों को तोहफे
सरकार ने सरकारी कर्मचारियों को छठे वेतन आयोग की सिफारिशों के अनुरूप वेतन की मांग को तो पहले ही पूरा कर दिया था। अब उन्हें पंजाब के बराबर वेतन देने की मांग को भी मान लिया है।
साथ ही महंगाई भत्ता में भी 25 फीसदी की बढ़ोतरी कर दी है। इसके साथ ही कर्मचारियों की सेवानिवृत्ति उम्र 58 से बढ़ाकर 60 साल कर दिया है। यही नहीं जो कर्मचारी सिर्फ 20 साल तक नौकरी करने वाले पेंशन के हकदार होंगे।
सफाई कर्मचारियों को सौगात
राज्य की नगरपालिकाओं में सफाई कर्मचारियों, सीवर मैन एवं हेल्पर ट्यूबवेल ऑपरेटर के रिक्त पदों को शीघ्र भरने का फरमान जारी हो गया है।
सफाई कर्मचारियों के पदों को भरने के लिए शैक्षणिक योग्यता का कोई मानदंड नहीं होगा और जिन व्यक्तियों के पास पालिकाओं में कम से कम 10 वर्ष तक कार्य करने का अनुभव है उनकी अधिकतम आयु सीमा 55 वर्ष तक मानी जाएगी।
गेस्ट टीचर्स की पगार में बढ़ोतरी
प्रदेश में गेस्ट टीचर्स के मासिक पारिश्रमिक में वृद्धि की है। प्राध्यापकों या पीजीटी टीचर्स को 23,500 रुपये के बजाए 26,000 रुपये प्रति माह मिलेंगे।
इसी प्रकार, मास्टर्स या टीजीटी तथा भाषा टीचर्स (हिंदी या पंजाबी या संस्कृत)को 19,000 रुपये के बजाए 21,000 रुपये प्रतिमास और जेबीटी टीचर्स या पीआरटीज तथा ड्राईंग टीचर्स को 17,500 रुपये के बजाए 19,000 रुपये प्रतिमास अदा किए जाएंगे। मासिक पारिश्रमिक में हुई यह वृद्धि पहली जुलाई से लागू भी कर दी गई है।
सहकारी चीनी मिलों के दैनिक वेतनभोगियों का बढ़ा पारिश्रमिक
राज्य की सहकारी चीनी मिलों में कार्यरत दैनिक वेतनभोगियों में से जो 20 वर्ष या इससे अधिक की सेवा पूरी कर चुके हैं। उन्हें अब 14,000 रुपये मासिक मिलेंगे। इसी प्रकार 20 वर्ष से कम लेकिन 15 वर्ष से अधिक की सेवा पूरी करने वाले दैनिक वेतनभोगियों को 13,000 रुपये मासिक दिया जाएगा। इसी प्रकार 15 वर्ष से कम लेकिन 10 वर्ष की सेवा पूरी करने वाले दैनिक वेतनभोगियों को 12,000 रुपये मासिक दिए जाएंगे।
सेवानिवृत्त कर्मचारी नाराज
राज्य सरकार के रिटायर कर्मचारी सरकार से नाराज हैं। इनकी नाराजगी का कारण इन्हें हाल ही में हुई घोषणाओं का लाभ न मिलना है। लगभग सवा लाख रिटायर कर्मचारियों का आरोप है कि सरकार ने छटें वेतन आयोग की सिफारिशों को तोड़मरोड़ कर लागू किया है।
इसी तरह से हाल ही में राज्य कर्मचारियों को पंजाब के समान वेतन देने की भी घोषणा की गई है। इन दोनो के लाभ से रिटायर कर्मचारी वंचित रह गए हैं। यदि सरकार चाहे तो उन्हें भी इन घोषणाओं का लाभ मिल सकता है।
अतिथि अध्यापक नाराज
प्रदेश के सरकारी स्कूलों में पिछले 9 सालों से कार्य कर रहे 15 हजार अतिथि अध्यापक सरकार से नाराज हैं। इनकी नाराजगी का कारण उन्हें नियमित नहीं किया जाना है, जबकि अतिथि अध्यापक तीन साल की नियमतीकरण पालिसी की शर्तों को शत प्रतिशत पूरा करते हैं लेकिन सरकार उन्हें फिर भी पक्का नहीं कर रही।