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भाजपा विधायक पर हमला: राज्यपाल वीपी सिंह बदनौर ने मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह से की बात
Sun, 28 Mar 2021 09:21 PM IST
शाहरुख खान
अमर उजाला नेटवर्क, चंडीगढ़
अमर उजाला नेटवर्क, चंडीगढ़
Published by: शाहरुख खान
Updated Sun, 28 Mar 2021 09:21 PM IST
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फाइल फोटो
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पंजाब के राज्यपाल वीपी सिंह बदनौर ने भाजपा विधायक अरुण नारंग पर हमले की कड़ी निंदा की है। उन्होंने रविवार को इस मामले में राज्य के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह, जोकि गृह मंत्री भी हैं, से बातचीत की और घटना के बारे में गंभीर चिंता जताई। इसके साथ ही राज्यपाल ने घटनाक्रम को लेकर राज्य सरकार के कार्यवाही रिपोर्ट भी तलब कर ली है।
इससे पहले रविवार को भाजपा के राज्य प्रधान अश्वनी शर्मा और केंद्रीय मंत्री सोम प्रकाश के नेतृत्व में भाजपा के प्रतिनिधिमंडल ने राज्यपाल से मुलाकात करके उन्हें मांग पत्र सौंपा, जिसमें आरोप लगाया गया कि कांग्रेस के इशारे पर भाजपा के वर्करों और नेताओं पर हमले बढ़ रहे हैं।
प्रतिनिधिमंडल ने राज्यपाल को बताया कि भाजपा विधायक अरुण नारंग पर हुआ हिंसक हमला सत्ताधारी पार्टी के समर्थन प्राप्त कुछ असामाजिक तत्वों द्वारा किया गया, जो पूरी तरह से राजनीति से प्रेरित था। प्रतिनिधिमंडल ने पंजाब की कांग्रेस सरकार को बर्खास्त करने और राज्य में कानून व्यवस्था की स्थिति को बहाल करने की मांग की।
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राज्यपाल ने भाजपा विधायक अरुण नारंग पर हुए हमले की निंदा करते हुए कहा कि राज्य सरकार की अथॉरिटी किसी पर भी इस तरह के गैर-कानूनी और हिंसक हमलों की आज्ञा नहीं दे सकती। राज्यपाल ने कहा कि इस तरह की घटनाएं दोबारा नही होनी चाहीए और दोषियों को काबू करने के लिए तुरंत सख़्त कार्रवाई की जानी चाहिए। उन्होंने इस मसले पर मुख्यमंत्री से बात की और घटना के बारे में गंभीर चिंता जताई। उन्होंने राज्य सरकार से इन मामलों में की जा रही कार्रवाई सम्बन्धी रिपोर्ट भी मांग ली है।
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इससे पहले रविवार को भाजपा के राज्य प्रधान अश्वनी शर्मा और केंद्रीय मंत्री सोम प्रकाश के नेतृत्व में भाजपा के प्रतिनिधिमंडल ने राज्यपाल से मुलाकात करके उन्हें मांग पत्र सौंपा, जिसमें आरोप लगाया गया कि कांग्रेस के इशारे पर भाजपा के वर्करों और नेताओं पर हमले बढ़ रहे हैं।
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प्रतिनिधिमंडल ने राज्यपाल को बताया कि भाजपा विधायक अरुण नारंग पर हुआ हिंसक हमला सत्ताधारी पार्टी के समर्थन प्राप्त कुछ असामाजिक तत्वों द्वारा किया गया, जो पूरी तरह से राजनीति से प्रेरित था। प्रतिनिधिमंडल ने पंजाब की कांग्रेस सरकार को बर्खास्त करने और राज्य में कानून व्यवस्था की स्थिति को बहाल करने की मांग की।
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राज्यपाल ने भाजपा विधायक अरुण नारंग पर हुए हमले की निंदा करते हुए कहा कि राज्य सरकार की अथॉरिटी किसी पर भी इस तरह के गैर-कानूनी और हिंसक हमलों की आज्ञा नहीं दे सकती। राज्यपाल ने कहा कि इस तरह की घटनाएं दोबारा नही होनी चाहीए और दोषियों को काबू करने के लिए तुरंत सख़्त कार्रवाई की जानी चाहिए। उन्होंने इस मसले पर मुख्यमंत्री से बात की और घटना के बारे में गंभीर चिंता जताई। उन्होंने राज्य सरकार से इन मामलों में की जा रही कार्रवाई सम्बन्धी रिपोर्ट भी मांग ली है।
सीएम आवास के बाहर भाजपा का अर्धनग्न प्रदर्शन
भाजपा प्रतिनिधिमंडल ने रविवार को पंजाब के राज्यपाल से मुलाकात से पहले मुख्यमंत्री आवास के बाहर कपड़े उतार कर प्रदर्शन किया। इस दौरान प्रदेश महामंत्री जीवन गुप्ता को पुलिस ने हिरासत में ले लिया, लेकिन भाजपा अध्यक्ष अश्वनी शर्मा को हिरासत में लेने के कुछ देर बाद छोड़ दिया गया।
सीएम आवास के बाहर प्रदर्शन में केन्द्रीय मंत्री सोम प्रकाश, राज्यसभा सांसद व पूर्व प्रदेश अध्यक्ष श्वेत मलिक, राष्ट्रीय प्रवक्ता इक़बाल सिंह लालपुरा, विधायक दिनेश कुमार बब्बू, पूर्व मंत्री मदन मोहन मित्तल, तीक्षण सूद, प्रदेश भाजपा महामंत्री जीवन गुप्ता, प्रदेश प्रवक्ता अनिल सरीन, राजेश बागा, जनार्दन शर्मा, सुशील शर्मा ने भी हिससा लिया।
किसानों की आड़ में घटिया राजनीति कर रही कांग्रेसः शर्मा
पंजाब भाजपा के प्रधान अश्वनी शर्मा ने विधायक अरुण नारंग पर हमले की कड़े शब्दों में निंदा करते हुए रविवार को एक संवाददाता सम्मेलन में कहा कि पंजाब के राजनीतिक इतिहास में कभी ऐसी दुर्भाग्यपूर्ण घटना नहीं हुई है। यह घटिया राजनीति है और कोई भी इंसान या विपक्ष इसकी निंदा किए बिना नहीं रहेगा। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा पर हमला करते हुए किसानों की आड़ में घटिया राजनीति कर रही है।
उन्होंने आगे कहा कि मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह प्रदेश में कानून-व्यवस्था व सत्ता सम्भालने में पूरी तरह फेल हो चुके हैं और प्रदेश में अराजकता का माहौल बन चुका है। शर्मा ने पूरे घटनाक्रम के लिए मुख्यमंत्री को जिम्मेदार ठहराते हुए कहा कि भाजपा विधायक पर हुए जानलेवा हमले ने पंजाब में कानून-व्यवस्था की नाकामी को उजागर कर दिया है। अगर कैप्टन अपने निर्वाचित विधायक को सुरक्षा नहीं दे सकते तो प्रदेश में आम लोगों के हाल का अंदाज़ा लगाया जा सकता है। शर्मा ने पंजाब में कानून व्यवस्था बनाए रखने में विफलता के लिए मुख्यमंत्री के इस्तीफे की मांग की।
सीएम आवास के बाहर प्रदर्शन में केन्द्रीय मंत्री सोम प्रकाश, राज्यसभा सांसद व पूर्व प्रदेश अध्यक्ष श्वेत मलिक, राष्ट्रीय प्रवक्ता इक़बाल सिंह लालपुरा, विधायक दिनेश कुमार बब्बू, पूर्व मंत्री मदन मोहन मित्तल, तीक्षण सूद, प्रदेश भाजपा महामंत्री जीवन गुप्ता, प्रदेश प्रवक्ता अनिल सरीन, राजेश बागा, जनार्दन शर्मा, सुशील शर्मा ने भी हिससा लिया।
किसानों की आड़ में घटिया राजनीति कर रही कांग्रेसः शर्मा
पंजाब भाजपा के प्रधान अश्वनी शर्मा ने विधायक अरुण नारंग पर हमले की कड़े शब्दों में निंदा करते हुए रविवार को एक संवाददाता सम्मेलन में कहा कि पंजाब के राजनीतिक इतिहास में कभी ऐसी दुर्भाग्यपूर्ण घटना नहीं हुई है। यह घटिया राजनीति है और कोई भी इंसान या विपक्ष इसकी निंदा किए बिना नहीं रहेगा। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा पर हमला करते हुए किसानों की आड़ में घटिया राजनीति कर रही है।
उन्होंने आगे कहा कि मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह प्रदेश में कानून-व्यवस्था व सत्ता सम्भालने में पूरी तरह फेल हो चुके हैं और प्रदेश में अराजकता का माहौल बन चुका है। शर्मा ने पूरे घटनाक्रम के लिए मुख्यमंत्री को जिम्मेदार ठहराते हुए कहा कि भाजपा विधायक पर हुए जानलेवा हमले ने पंजाब में कानून-व्यवस्था की नाकामी को उजागर कर दिया है। अगर कैप्टन अपने निर्वाचित विधायक को सुरक्षा नहीं दे सकते तो प्रदेश में आम लोगों के हाल का अंदाज़ा लगाया जा सकता है। शर्मा ने पंजाब में कानून व्यवस्था बनाए रखने में विफलता के लिए मुख्यमंत्री के इस्तीफे की मांग की।