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स्कूल का गेट बंद कर प्रदर्शन, स्टूडेंट्स और टीचर सड़क पर, 32 पर केस
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
Updated Sat, 08 Oct 2016 01:44 AM IST
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सरकारी स्कूल का गेट बंद कर प्रदर्शन
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सात साल के बच्चे की पिटाई के मामले में स्कूल प्रिंसिपल के खिलाफ केस दर्ज करने की मांग को लेकर लोगों ने मौली गांव के सरकारी स्कूल का गेट बंद कर प्रदर्शन किया। इसके चलते
टीचरों और बच्चों को स्कूल के बाहर सड़क के किनारे फुटपाथ पर बैठना पड़ा। बाद में पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लेकर स्कूल खुलवाया।
गौरतलब है कि पिछले दिनों मौली गांव के सरकारी स्कूल में पहली कक्षा के बच्चे आर्यन की तीन बच्चों ने पिटाई कर बाथरूम में बंद कर दिया था। बच्चा बेहोशी की हालत में मिला था। उसके पैरों की
हड्डियां टूट गई थीं। आर्यन 18 दिन तक सेक्टर 32 अस्पताल में भर्ती रहा। बच्चे के परिजन और रिश्तेदार इस मामले में स्कूल की प्रिंसिपल के खिलाफ केस दर्ज करने की मांग कर रहे हैं। इस मामले
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को लेकर शुक्रवार सुबह लोगों ने स्कूल पहुंचकर गेट बंद कर प्रदर्शन शुरू कर दिया। गेट बंद होने के कारण बच्चे और स्टाफ स्कूल के भीतर नहीं जा पाए। टीचरों ने बच्चों को फुटपाथ पर बैठाया।
इसकी सूचना मिलते ही यूटी कैडर एंप्लाइज यूनियन के प्रधान स्वर्ण सिंह कंबोज, महासचिव राकेश पुरी, परजीत सिंह, क्लोज यूनियन के विपिन शेर सिंह मौके पर पहुंचे। उन्होंने आश्वासन दिया कि
प्रिंसिपल का तबादला करवाकर बच्चे के इलाज का सारा खर्च प्रिंसिपल से दिलवा दी जाएगी। लेकिन प्रदर्शनकारी नहीं माने। इसके बाद फिर 10 बजे डीईओ विनय आर सूद मौके पर पहुंची। और
मनाने का प्रयास किया। लेकिन प्रदर्शनकारी नहीं माने। जब मौली जागरां पुलिस को सूचना दी गई। प्रदर्शनकारियों के न मानने पर थाना प्रभारी बलदेव कुमार के नेतृत्व में पुलिस ने 14 महिलाओं सहित
32 प्रदर्शनकारियों क ो बलपूर्वक उठाकर गाड़ी में बैठा दिया। इस तरह करीब साढ़े 10 बजे बच्चे और टीचर क्लास रूम में घुस पाए। पुलिस ने सभी के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है।
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टीचरों और बच्चों को स्कूल के बाहर सड़क के किनारे फुटपाथ पर बैठना पड़ा। बाद में पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लेकर स्कूल खुलवाया।
गौरतलब है कि पिछले दिनों मौली गांव के सरकारी स्कूल में पहली कक्षा के बच्चे आर्यन की तीन बच्चों ने पिटाई कर बाथरूम में बंद कर दिया था। बच्चा बेहोशी की हालत में मिला था। उसके पैरों की
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हड्डियां टूट गई थीं। आर्यन 18 दिन तक सेक्टर 32 अस्पताल में भर्ती रहा। बच्चे के परिजन और रिश्तेदार इस मामले में स्कूल की प्रिंसिपल के खिलाफ केस दर्ज करने की मांग कर रहे हैं। इस मामले
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को लेकर शुक्रवार सुबह लोगों ने स्कूल पहुंचकर गेट बंद कर प्रदर्शन शुरू कर दिया। गेट बंद होने के कारण बच्चे और स्टाफ स्कूल के भीतर नहीं जा पाए। टीचरों ने बच्चों को फुटपाथ पर बैठाया।
इसकी सूचना मिलते ही यूटी कैडर एंप्लाइज यूनियन के प्रधान स्वर्ण सिंह कंबोज, महासचिव राकेश पुरी, परजीत सिंह, क्लोज यूनियन के विपिन शेर सिंह मौके पर पहुंचे। उन्होंने आश्वासन दिया कि
प्रिंसिपल का तबादला करवाकर बच्चे के इलाज का सारा खर्च प्रिंसिपल से दिलवा दी जाएगी। लेकिन प्रदर्शनकारी नहीं माने। इसके बाद फिर 10 बजे डीईओ विनय आर सूद मौके पर पहुंची। और
मनाने का प्रयास किया। लेकिन प्रदर्शनकारी नहीं माने। जब मौली जागरां पुलिस को सूचना दी गई। प्रदर्शनकारियों के न मानने पर थाना प्रभारी बलदेव कुमार के नेतृत्व में पुलिस ने 14 महिलाओं सहित
32 प्रदर्शनकारियों क ो बलपूर्वक उठाकर गाड़ी में बैठा दिया। इस तरह करीब साढ़े 10 बजे बच्चे और टीचर क्लास रूम में घुस पाए। पुलिस ने सभी के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है।
प्रिंसिपल के खिलाफ कार्रवाई न होने से प्रदर्शनकारी नाराज
सरकारी स्कूल का गेट बंद कर प्रदर्शन
विरोध प्रदर्शन की अगुवाई कर रही दीप्ति सिंह का कहना था कि बच्चे की पिटाई के मामले में प्रिंसिपल पूरी तरह जिम्मेदार है। इसके बावजूद उसके खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की गई। शिक्षा विभाग ने न
तो प्रिंसिपल को सस्पेंड किया और न ही तबादला किया है। पुलिस ने भी प्रिंसिपल के खिलाफ मामला दर्ज नहीं किया है।
छह छात्राओं का डांस कंपीटीशन छूटा
स्कूल गेट बंद होने के चलते वहां की छह छात्राएं डांस कंपीटीशन में शामिल नहीं हो पाईं। शुक्रवार को सेक्टर 46 के सरकारी स्कूल में इंटर स्कूल डांस प्रतियोगिता थी। छात्राएं घर से ही ड्रेसअप होकर
आई थीं लेकिन म्यूजिक का सारा सामान स्कूल में पड़ा था। सामान न मिलने के कारण छात्राएं कंपीटीशन के लिए नहीं जा पाईं। डांस टीचर अजय का कहना था कि पिछले दस दिन से छात्राएं प्रतियोगिता
की तैयारी कर रही थीं।
घटना क्रम
6:30 बजे लोगाें ने दीप्ति सिंह की अगुवाई में स्कूल का गेट कर दिया
7 बजे बच्चे स्कूल पहुंचने लगे।
7:30 बजे टीचरों ने बच्चों को सड़क के फुटपाथ पर बैठाया। पीसीआर पुलिस मौके पर पहुंची। प्रदर्शनकारियों को समझाया लेकिन वे नहीं माने।
8:00 बजे मौलीजागरां के थाना प्रभारी बलदेव कुमार पु्लिस टीम के साथ पहुंचे
8:30 बजे कल्स्टर हेड राजेश कुमार मौके पर पहुंचे
10 बजे डीईओ विनय आर सूद भी स्कूल पहुंचीं।
10:30 बजे पुलिस ने आंदोलनकारियों को उठाकर गाड़ियों में भर लिया । पुलिस ने 14 महिलाओं सहित 32 लोगों को हिरासत में लेकर एसडीएम के सामने में पेश किया। जहां से सबको जमानत पर
छोड़ दिया गया है।
तो प्रिंसिपल को सस्पेंड किया और न ही तबादला किया है। पुलिस ने भी प्रिंसिपल के खिलाफ मामला दर्ज नहीं किया है।
छह छात्राओं का डांस कंपीटीशन छूटा
स्कूल गेट बंद होने के चलते वहां की छह छात्राएं डांस कंपीटीशन में शामिल नहीं हो पाईं। शुक्रवार को सेक्टर 46 के सरकारी स्कूल में इंटर स्कूल डांस प्रतियोगिता थी। छात्राएं घर से ही ड्रेसअप होकर
आई थीं लेकिन म्यूजिक का सारा सामान स्कूल में पड़ा था। सामान न मिलने के कारण छात्राएं कंपीटीशन के लिए नहीं जा पाईं। डांस टीचर अजय का कहना था कि पिछले दस दिन से छात्राएं प्रतियोगिता
की तैयारी कर रही थीं।
घटना क्रम
6:30 बजे लोगाें ने दीप्ति सिंह की अगुवाई में स्कूल का गेट कर दिया
7 बजे बच्चे स्कूल पहुंचने लगे।
7:30 बजे टीचरों ने बच्चों को सड़क के फुटपाथ पर बैठाया। पीसीआर पुलिस मौके पर पहुंची। प्रदर्शनकारियों को समझाया लेकिन वे नहीं माने।
8:00 बजे मौलीजागरां के थाना प्रभारी बलदेव कुमार पु्लिस टीम के साथ पहुंचे
8:30 बजे कल्स्टर हेड राजेश कुमार मौके पर पहुंचे
10 बजे डीईओ विनय आर सूद भी स्कूल पहुंचीं।
10:30 बजे पुलिस ने आंदोलनकारियों को उठाकर गाड़ियों में भर लिया । पुलिस ने 14 महिलाओं सहित 32 लोगों को हिरासत में लेकर एसडीएम के सामने में पेश किया। जहां से सबको जमानत पर
छोड़ दिया गया है।