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पेंशन पात्रता के लिए सरकार का नया फरमान
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
Updated Thu, 02 Jul 2015 12:20 AM IST
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हरियाणा के सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग ने प्रदेश में बुढ़ापा सम्मान भत्ता योजना के लिए उन व्यक्तियों के हित में बड़ा फैसला लिया है, जिनके पास आयु प्रमाण पत्र के तौर पर कोई अधिकृत प्रमाण नहीं है। अब ऐसे व्यक्तियों की उम्र का निर्धारण उनकी संतान की उम्र के प्रमाण पत्र के हिसाब से तय किया जाएगा।
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इस संबंध में हरियाणा की सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री कविता जैन ने बताया कि प्रदेश सरकार की ओर से वृद्धावस्था सम्मान भत्ता योजना का लाभ देने के लिए वर्ष 2011 से पात्रों की आयु के संबंध में वोटर-कार्ड, स्कूल सर्टिफिकेट, स्वास्थ्य विभाग की ओर से जारी जन्म प्रमाण-पत्र, ड्राइविंग लाइसेंस व पासपोर्ट को मान्य किया था।
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उन्होंने बताया कि इस योजना का लाभ लेने के लिए लाभार्थियों की आयु 60 वर्ष या उससे अधिक होनी जरूरी है। इसके साथ ही वह हरियाणा राज्य के स्थायी निवासी हों, प्रार्थी की आमदन (पति एवं पत्नी दोनों की मिलाकर) 2 लाख रुपये वार्षिक से अधिक न हो और प्रार्थी किसी सरकारी या अर्द्ध-सरकारी या स्थानीय निकाय या बोर्ड या निगम या किसी उद्यम, जिसमें सरकार द्वारा वित्तीय निवेश किया गया हो, से सेवानिवृत नहीं होना चाहिए।
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कविता जैन ने बताया कि विभाग को कुछ जिलों से सूचनाएं भी प्राप्त हुई हैं कि जिन व्यक्तियों की आयु वोटर-कार्ड में 60 वर्ष से कम दर्ज है, ऐसे कई लोग बुढ़ापा पेंशन पाने के लिए अपनी आयु 60 वर्ष से अधिक बताकर नए वोटर-कार्ड बनवा रहे हैं।
विभाग को यह भी जानकारी प्राप्त हुई कि कुछ नए प्रार्थियों की आयु वास्तव में वोटर-कार्ड में कम दर्ज है, जबकि वह 60 वर्ष से अधिक आयु के हैं। विभाग की ओर से उपरोक्त तथ्यों को मद्देनजर रखते हुए केवल वोटर कार्ड के स्थान पर नए प्रार्थियों से उनकी बड़ी संतान की आयु का जन्म प्रमाण-पत्र मांगा जा रहा है।
यदि प्रार्थी की बड़ी संतान की आयु 42 वर्ष या उससे अधिक है और प्रार्थी महिला है तो उसकी आयु 60 वर्ष व पुरुष है तो उसकी आयु 63 वर्ष मानते हुए उसकी बुढ़ापा पेंशन स्वीकृत करने के सभी जिला समाज कल्याण अधिकारियों को निर्देश जारी किए गए हैं।
जैन ने बताया कि आयु से संबंधित अन्य दस्तावेज जिनमें स्कूल का प्रमाण-पत्र, स्वास्थ्य विभाग द्वारा जारी जन्म प्रमाण-पत्र, ड्राइविंग लाइसेंस एवं पासपोर्ट शामिल हैं, में विभाग द्वारा कोई भी नए आदेश जारी नहीं किए गए हैं।
यह दस्तावेज वर्ष 2011 से ही बुढ़ापा पेंशन बनवाने के लिए आयु के दस्तावेज के तौर पर मान्य हैं। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि आयु के इन दस्तावेजों में से प्रार्थी को कोई भी केवल एक दस्तावेज आवेदन-फॉर्म के साथ उपलब्ध करवाना होगा।