{"_id":"6307e43fb220a6740260fe66","slug":"government-residence-of-12-officers-including-chief-secretary-of-punjab-and-haryana-fixed-chandigarh-news-pkl4604429198","type":"story","status":"publish","title_hn":"पंजाब व हरियाणा के मुख्य सचिव समेत 12 अधिकारियों के सरकारी आवास तय","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
पंजाब व हरियाणा के मुख्य सचिव समेत 12 अधिकारियों के सरकारी आवास तय
विज्ञापन
चंडीगढ़। यूटी प्रशासन ने पंजाब और हरियाणा के मुख्य सचिव, दोनों राज्यों के मुख्यमंत्रियों के प्रधान सचिव, चंडीगढ़ के डीजीपी-डीसी समेत 12 वरिष्ठ अधिकारियों के पद के अनुसार उनके लिए सरकारी आवास तय कर दिए हैं। ये आवास किसी भी स्थिति में किसी अन्य अधिकारी को नहीं दिए जाएंगे। वहीं, तबादले के बाद रह रहे अधिकारी को सरकारी आवास छोड़ना पड़ेगा।
चंडीगढ़ प्रशासन ने सरकारी आवास (चंडीगढ़ प्रशासन सामान्य पूल) आवंटन नियम-1996 में संशोधन कर दिया है। इसके अनुसार 12 वरिष्ठ अधिकारियों को सरकारी आवास का आवंटन उनके पद के अनुसार किया जाएगा। शहर में अब तक डीसी-एसएसपी के लिए कोई एक सरकारी आवास तय नहीं था जबकि अन्य राज्यों में डीसी या डीएम का एक ही सरकारी आवास होता है और जो भी नया डीसी या डीएम आता है, वह उसी में रहता है।
कई अधिकारी ऐसे हैं जो चंडीगढ़ प्रशासन में तीन साल काम करने के बाद पंजाब-हरियाणा लौट जाते हैं लेकिन चंडीगढ़ का सरकारी आवास अपने पास रखते हैं। इसकी वजह से उस पद पर आए नए अधिकारी को अन्य कोई सरकारी आवास आवंटित करना पड़ता है। अब नए नियम के लागू होने पर ऐसा नहीं हो सकेगा। पुराने अधिकारी को एक महीने के अंदर आवास खाली करना पड़ेगा ताकि उस पद पर आए नए अधिकारी को वही आवास आवंटित किया जा सके। नियमों के अनुसार, निर्धारित मकानों के पदाधिकारी सामान्य लाइसेंस शुल्क के भुगतान पर अधिकतम चार महीने की अवधि के लिए या भारत सरकार के पूल में एक घर मिलने तक आवास को अपने पास रख सकते हैं। हालांकि यह नियम सिर्फ केंद्र सरकार में डेपुटेशन पर जाने वालों पर ही लागू होगा।
विज्ञापन
इन 12 अधिकारियों के लिए तय हुए सरकारी आवास
पंजाब और हरियाणा के मुख्य सचिव, चंडीगढ़ प्रशासक के सलाहकार, पंजाब और हरियाणा के मुख्यमंत्रियों के प्रधान सचिव, पंजाब और हरियाणा के डीजीपी, चंडीगढ़ के गृह सचिव, वित्त सचिव, डीजीपी चंडीगढ़, डीसी व एसएसपी चंडीगढ़।
विज्ञापन
चंडीगढ़ प्रशासन ने सरकारी आवास (चंडीगढ़ प्रशासन सामान्य पूल) आवंटन नियम-1996 में संशोधन कर दिया है। इसके अनुसार 12 वरिष्ठ अधिकारियों को सरकारी आवास का आवंटन उनके पद के अनुसार किया जाएगा। शहर में अब तक डीसी-एसएसपी के लिए कोई एक सरकारी आवास तय नहीं था जबकि अन्य राज्यों में डीसी या डीएम का एक ही सरकारी आवास होता है और जो भी नया डीसी या डीएम आता है, वह उसी में रहता है।
विज्ञापन
कई अधिकारी ऐसे हैं जो चंडीगढ़ प्रशासन में तीन साल काम करने के बाद पंजाब-हरियाणा लौट जाते हैं लेकिन चंडीगढ़ का सरकारी आवास अपने पास रखते हैं। इसकी वजह से उस पद पर आए नए अधिकारी को अन्य कोई सरकारी आवास आवंटित करना पड़ता है। अब नए नियम के लागू होने पर ऐसा नहीं हो सकेगा। पुराने अधिकारी को एक महीने के अंदर आवास खाली करना पड़ेगा ताकि उस पद पर आए नए अधिकारी को वही आवास आवंटित किया जा सके। नियमों के अनुसार, निर्धारित मकानों के पदाधिकारी सामान्य लाइसेंस शुल्क के भुगतान पर अधिकतम चार महीने की अवधि के लिए या भारत सरकार के पूल में एक घर मिलने तक आवास को अपने पास रख सकते हैं। हालांकि यह नियम सिर्फ केंद्र सरकार में डेपुटेशन पर जाने वालों पर ही लागू होगा।
विज्ञापन
इन 12 अधिकारियों के लिए तय हुए सरकारी आवास
पंजाब और हरियाणा के मुख्य सचिव, चंडीगढ़ प्रशासक के सलाहकार, पंजाब और हरियाणा के मुख्यमंत्रियों के प्रधान सचिव, पंजाब और हरियाणा के डीजीपी, चंडीगढ़ के गृह सचिव, वित्त सचिव, डीजीपी चंडीगढ़, डीसी व एसएसपी चंडीगढ़।