Haryana News: हरियाणा में सरसों की खरीद बंद, किसान संगठनों का विरोध शुरू, भाकियू ने सीएम को लिखा पत्र
हरियाणा सरकार को सरसों खरीद में गड़बड़ी की आशंका है। इसके चलते प्रदेश के कृषि मंत्री ने जिन 23 मंडियों में सरसों की आवक कम हुई और बाहर ऑयल मिलों पर सरसों बिकने की शिकायतें आई, उन मार्केट कमेटी के सचिवों को नोटिस जारी किया था। साथ ही कोसली और रेवाड़ी के सचिव बदले गए थे।
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हरियाणा में बेमौमसी बारिश की मार झेल रहे किसानों के सामने एक और परेशानी खड़ी हो गई है। हरियाणा सरकार ने एक मई से मंडियों में सरसों के सरकारी खरीद बंद कर दी है। ऐसे में किसान सस्ते दामों पर अपनी फसल बेचने को मजबूर हैं। उधर, इस फैसले के विरोध में किसान संगठनों के साथ साथ राजनीतिक दलों ने भी कड़ा विरोध दर्ज कराना शुरू कर दिया है।
भारतीय किसान यूनियन ने मांग की है कि 15 मई तक सरसों की खरीद की जाए। अगर ऐसा नहीं किया गया तो आंदोलन किया जाएगा। उधर, हरियाणा में लगातार दूसरे दिन हुई बारिश से प्रदेश की मंडियों में खुले आसमान के नीचे पड़ा 7 लाख मीट्रिक टन गेहूं और हजारों टन सरसों भीग गया।
हरियाणा में इस बार तय समय एक अप्रैल से पहले ही 28 मार्च से सरसों की खरीद शुरू की गई थी। हरियाणा सरकार ने हैफेड को सरसों खरीद की जिम्मेदारी दे रखी है और 114 मंडियों में खरीद शुरू की गई थी। हालांकि, अभी तक मंडियों में 3.17 लाख मीट्रिक टन सरसों की आवक हुई है। इस बार बारिश के चलते सरसों की फसल में भी काफी नुकसान हुआ है। खरीद शुरू होने के बावजूद नमी अधिक होने के चलते सरसों की खरीद कम हो पाई। वहीं, एक मई को अचानक से सरकार ने सरसों की खरीद बंद कर दी है।
सरसों खरीद में गड़बड़ी की आशंका
हरियाणा सरकार को सरसों खरीद में गड़बड़ी की आशंका है। इसके चलते प्रदेश के कृषि मंत्री ने जिन 23 मंडियों में सरसों की आवक कम हुई और बाहर ऑयल मिलों पर सरसों बिकने की शिकायतें आई, उन मार्केट कमेटी के सचिवों को नोटिस जारी किया था। साथ ही कोसली और रेवाड़ी के सचिव बदले गए थे। इसके अलावा, चरखी दादरी, ऐलनाबाद, आदमपुर, रेवाड़ी समेत कई ऑयल मिल में फिजिकल वेरिफिकेशन का आदेश दिया है।
सरसों खरीद में हरियाणा का रिकॉर्ड
सीजन 2018-19 में हरियाणा में 2.3 लाख मीट्रिक टन सरसों खरीदा था। 2019-20 में 2.5 लाख मीट्रिक टन, 2020-21 में 3.1 लाख मीट्रिक टन सरसों खरीदा था। इसके बाद ओपन मार्केट में सरसों का दाम एमएसपी से ज्यादा हो गया। दो साल तक यहां सरसों खरीद न के बराबर हुई। 2021-22 में हैफेड सरसों का एक दाना भी नहीं खरीद पाया था।
भाकियू ने लिखा सीएम को पत्र
भाकियू के प्रदेशाध्यक्ष गुरनाम चढ़ूनी ने सरसों खरीद बंद करने के फैसले को विरोध किया है। चढ़ूनी ने इस बारे में प्रदेश के मुख्यमंत्री और उप मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर 15 मई तक सरसों खरीद जारी रखने की मांग की है। भाकियू ने कहा कि इस बार मौसम खराब रहने के चलते अधिकतर किसान अपनी फसल मंडियों में नहीं ला सकें हैं, इसलिए उनको एमएसपी पर खरीद का मौका दिया जाए। वहीं, भाकियू के प्रदेशाध्यक्ष रतन मान ने चेताया है कि अगर खरीद की तिथि नहीं बढ़ाई तो भाकियू मंडियों के बाहर धरना देगी।
हरियाणा सरकार की तरफ से खरीद बंद की गई है। किसान संगठनों की मांग आई है कि खरीद चालू रखी जाए। इस बारे में मुख्यमंत्री मनोहर लाल से बात की जाएगी और इसके बाद आगामी फैसला लिया जाएगा। सरकार किसानों के साथ है और उनके हित में ही फैसला होगा। - कैलाश भगत, चेयरमैन, हैफेड।