हरियाणा के 2200 डॉक्टरों ने ठप रखा काम, 25 हजार मरीज रहे परेशान
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अपनी मांगों के समर्थन में गुरुवार को हरियाणा के सभी सरकारी अस्पतालों व चिकित्सा केंद्रों में तैनात डॉक्टरों ने कामकाज पूरी तरह से ठप रखा। सभी 22 जिलों में इन सरकारी चिकित्सा संस्थानों व केंद्रों में इमरजेंसी व पोस्टमार्टम सेवाओं को छोड़कर ओपीडी पूरी तरह से ठप रही। रूटीन के ऑपरेशन भी नहीं हुए।
ओपीडी में आने वाले रोजाना करीब 25 हजार मरीज इस हड़ताल से प्रभावित हुए। जबकि जिन मरीजों को गुरुवार को ऑपरेशन की डेट दी गई थी, वो भी परेशान होकर अस्पतालों से वापस लौटे। हरियाणा सिविल मेडिकल सर्विसेज एसोसिएशन के बैनर तले एकजुट हुए इन डॉक्टरों ने जिला अस्पतालों के बाहर प्रदर्शन करते हुए नारेबाजी भी की।
हड़ताल के पहले दिन ही हालात बिगड़ते देख प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री अनिल विज ने एसोसिएशन के प्रतिनिधि डॉक्टरों को मुलाकात के लिए अपने अंबाला आवास में बुला लिया और उनके साथ बैठक की। बैठक में विज ने एसोसिएशन के पदाधिकारियों से कहा कि उनकी मांगों पर सरकार का रवैया सकारात्मक रहेगा और वे इस हड़ताल को तुरंत खत्म करें।
विज ने अपने आवास से ही डॉक्टरों की मांगों पर मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव राजेश खुल्लर और स्वास्थ्य विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव राजीव अरोड़ा से बातचीत की और जल्द चंडीगढ़ में बैठक बुलाने के निर्देश दिए। बातचीत के बाद यह तय हुआ कि 9 सितंबर को स्वास्थ्य मंत्री अनिल विज की अध्यक्षता में चंडीगढ़ में फिर से एसोसिएशन के पदाधिकारियों की बैठक आला अफसरों के साथ होगी।
मंत्री विज ने आश्वस्त किया कि इस बैठक में उनकी मांगों को पूरा करवाया जाएगा। मंत्री के इस आश्वासन के बाद एसोसिएशन ने 9 सितंबर से शुरू होने वाली अपनी बेमियादी हड़ताल को फिलहाल टाल दिया है।
ये हैं मुख्य मांगें
डॉक्टर एसोसिएशन फिलहाल अपनी दो बड़ी मांगों को लेकर हड़ताल कर रहा है। उनकी पहली मांग है कि हरियाणा में डॉक्टरों को स्पेशल अलाउंस और अतिरिक्त इंक्रीमेंट दिया जाए, क्योंकि डॉक्टरों की कमी के चलते मौजूदा डॉक्टर बहुत ज्यादा वर्कलोड के साथ काम कर रहे हैं। दूसरी मांग में डॉक्टर चाहते हैं कि उन्हें अन्य राज्यों के समान एसीपी का लाभ दिया जाए।
मंत्री अनिल विज के आश्वासन के बाद फिलहाल 9 सितंबर से बेमियादी हड़ताल का फैसला वापस लिया गया है। डॉक्टरों की कतई मंशा नहीं है कि वे मरीजों को परेशान करें, मगर सरकार डॉक्टरों की जायज मांगों की ओर बिल्कुल भी ध्यान नहीं दे रही है। डॉक्टरों की कमी के चलते मौजूदा डॉक्टर बहुत ज्यादा प्रेशर में काम कर रहे हैं। यदि 9 सितंबर को भी बैठक में उनकी मांगें नहीं मानी गईं तो डॉक्टर अनिश्चितकालीन हड़ताल पर चले जाएंगे।-डा. जसबीर परमार, प्रदेशाध्यक्ष, हरियाणा सिविल मेडिकल सर्विसिस एसोसिएशन