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Chandigarh News: सरकार ने मानी कैब चालकों की मांग, नीली वर्दी को ही मंजूरी
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चंडीगढ़। ट्राइसिटी कैब एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने वीरवार को सेक्टर-9 स्थित पंजाब पुलिस हेडक्वार्टर में ट्रैफिक एडीजीपी एएस राय से मुलाकात की और विभिन्न मांगों का एक ज्ञापन सौंपा। एसोसिएशन के प्रधान विक्रम पुंडीर ने कहा कि ट्राइसिटी के कैब चालकों विभिन्न नियमों की वजह से काफी परेशान थे लेकिन ट्रैफिक एडीजीपी से मुलाकात के बाद कई समस्याएं हल हो गई हैं, जिसका सीधा फायदा हजारों कैब चालकों को मिलेगा। अधिकारी की तरफ से उन्हें बताया गया कि पंजाब सरकार ने उनकी 14 फरवरी की बातों को संज्ञान में लेते हुए ग्रे रंग की वर्दी वाला आदेश वापस ले लिया है। अब कैब चालकों को नीली वर्दी ही पहननी होगी। विक्रम पुंडीर ने बताया कि पंजाब में कैब चालकों के लिए ग्रे रंग की वर्दी और कैब में पीछे बैठने वाले सवारी को भी सीट बेल्ट लगाना अनिवार्य किया गया था। 14 फरवरी को सेक्टर-26 के महात्मा गांधी इंस्टीट्यूट में पंजाब सरकार की तरफ से रोड सेफ्टी कार्यक्रम का आयोजन किया गया था। इसमें पंजाब के ट्रांसपोर्ट मंत्री लालजीत सिंह भुल्लर भी उपस्थित थे। इस कार्यक्रम में पुंडीर ने खड़े होकर ट्रांसपोर्ट मंत्री को कैब चालकों की परेशानी के बारे में बताया था। कहा कि कैब चालक पहले से ही एक नीली रंग की वर्दी पहन रहे हैं। अब एक और रंग की वर्दी अगर पहनने के लिए मजबूर किया जाएगा तो इससे कैब चालकों को बहुत परेशानी होगी, क्योंकि कई चालकों के पास दो-दो नीली वर्दी है।
साथ ही बताया कि कैब में अधिकतर सवारियां पिछली सीट पर बैठकर सीट बेल्ट नहीं लगाती हैं। अगर उन्हें कैब से उतारते हैं तो वह कंपनी को शिकायत करते हैं, जिससे उनकी आईडी बंद कर दी जाती है और अगर गाड़ी से नहीं उतारते तो चालान होता है। इसके बाद वीरवार को फिर इन सभी मांगों को लेकर वह पंजाब ट्रैफिक पुलिस के एडीजीपी एएस राय से मिले। उन्हें बताया गया कि पंजाब सरकार ने 14 फरवरी की बातों को संज्ञान में लेते हुए ग्रे रंग की वर्दी वाला आदेश वापस ले लिया है। साथ ही कैब में पिछली सीट पर सीट बेल्ट लगाने को लेकर भी जल्द ही सकारात्मक फैसला लिया जाएगा। विक्रम पुंडीर ने बताया कि इन दोनों फैसलों से ट्राइसिटी के हजारों कैब चालकों को बहुत राहत मिलेगी। इस मौके पर उनके साथ संदीप ठाकुर, सुरेंदर बावा, विरेंदर दहिया, कुलजीत सिंह भी उपस्थित रहे।
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साथ ही बताया कि कैब में अधिकतर सवारियां पिछली सीट पर बैठकर सीट बेल्ट नहीं लगाती हैं। अगर उन्हें कैब से उतारते हैं तो वह कंपनी को शिकायत करते हैं, जिससे उनकी आईडी बंद कर दी जाती है और अगर गाड़ी से नहीं उतारते तो चालान होता है। इसके बाद वीरवार को फिर इन सभी मांगों को लेकर वह पंजाब ट्रैफिक पुलिस के एडीजीपी एएस राय से मिले। उन्हें बताया गया कि पंजाब सरकार ने 14 फरवरी की बातों को संज्ञान में लेते हुए ग्रे रंग की वर्दी वाला आदेश वापस ले लिया है। साथ ही कैब में पिछली सीट पर सीट बेल्ट लगाने को लेकर भी जल्द ही सकारात्मक फैसला लिया जाएगा। विक्रम पुंडीर ने बताया कि इन दोनों फैसलों से ट्राइसिटी के हजारों कैब चालकों को बहुत राहत मिलेगी। इस मौके पर उनके साथ संदीप ठाकुर, सुरेंदर बावा, विरेंदर दहिया, कुलजीत सिंह भी उपस्थित रहे।
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