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चंडीगढ़ में लोगों ने धूमधाम से की गोवर्धन और विश्वकर्मा पूजा, सामाजिक दूरी के साथ लगे भंडारे
Sun, 15 Nov 2020 02:40 PM IST
ajay kumar
संवाद न्यूज एजेंसी, चंडीगढ़
संवाद न्यूज एजेंसी, चंडीगढ़
Published by: ajay kumar
Updated Sun, 15 Nov 2020 02:40 PM IST
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गोवर्धन पूजा
- फोटो : अमर उजाला
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चंडीगढ़ में सेक्टर 45 की गोशाला और सेक्टर 11 के श्री सनातन धर्म मंदिर में रविवार को गोवर्धन पूजा का आयोजन हुआ। इस अवसर पर अन्नकूट का भंडारा लगाया गया। सेक्टर 45 की गोशाला में गाय के गोबर से गोवर्धनधारी श्रीकृष्ण की प्रतिमा बनाई गई। फूलों-फलों से सजाया गया। बड़ी संख्या में भक्तों ने गोवर्धन की परिक्रमा की।
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पूजा और परिक्रमा के बाद भंडारे का प्रसाद ग्रहण किया। इस दौरान गोशाला के प्रबंधकों ने सामाजिक दूरी का पालन करवाया। श्रद्धालुओं ने गोमाता को चारा खिलाया। श्री गौरी शंकर सेवादल के प्रधान रमेश कुमार निक्कू ने बताया कि गोवर्धन की परिक्रमा का विशेष फल मिलता है, इसलिए कई श्रद्धालु परिक्रमा भी करते हैं।
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सेक्टर 11 के श्री सनातन धर्म मंदिर कमेटी के प्रधान अरुणेश अग्रवाल ने बताया कि मंदिर में गोवर्धन पूजा के बाद अन्नकूट का भंडारा हुआ। श्रद्धालुओं ने भंडारे का प्रसाद ग्रहण किया। पूजा के बाद भगवान की आरती उतारी गई। अग्रवाल ने बताया कि गोवर्धन पूजा के दौरान सामाजिक दूरी का पूरा पालन किया गया।
सेक्टर 44 के लेबर चौक पर विश्वकर्मा पूजा का आयोजन
सेक्टर 44 के लेबर चौक पर रविवार को कंस्ट्रक्शन वर्कर्स लेबर यूनियन की ओर से विश्वकर्मा पूजा का आयोजन हुआ। इस अवसर पर हवन आरती के बाद भंडारा का आयोजन हुआ। पंडित रविंद्र कुमार मिश्र ने पूजा और हवन करवाया।
लेबर चौक पर हर वर्ष विश्वकर्मा पूजा पर सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन होता था लेकिन इस वर्ष कोरोना के कारण केवल हवन, पूजा और आरती का आयोजन हुआ।
कंस्ट्रक्शन वर्कर्स लेबर यूनियन के महासचिव गोपाल शुक्ला ने बताया कि इस अवसर पर पूर्व डिप्टी मेयर और पार्षद अनिल दुबे के अलावा यूनियन के पदाधिकारियों में अवध राज, सोनी गोयल, रवि दुबे, ललित चौहान, जोगिंदर प्रसाद, शोभा राम, लाल चंद, गया प्रशाद, घनश्याम, त्रियुगी मिश्र सहित यूनियन के सभी सदस्य मौजूद रहे। भंडारे के दौरान सामाजिक दूरी का ध्यान रखा गया।
इससे पहले शनिवार को दीपावली पर मंदिरों और बंदीछोड़ दिवस पर गुरुद्वारा साहिब में दीपमाला की गई। लोगों ने अपने घरों में दीप जलाने से पहले मंदिरों में दीपदान किया। श्री चैतन्य गौड़िया मठ और इस्कॉन के अलावा सभी मंदिरों में श्रद्धालुओं ने दीप जलाए।
शहर के सभी गुरुद्वारों में शनिवार को बंदी छोड़ दिवस मनाया गया। सभी गुरुद्वारा साहिब को रोशनी से सजाया गया। सेक्टर 19 के गुरुद्वारा श्री गुरु सिंह सभा के प्रधान तेजिंदर पाल सिंह ने बताया कि शाम को कीर्तन दरबार सजाया गया। कई श्रद्धालुओं ने दीये और मोमबत्तियां भी जलाई।
उन्होंने कहा कि दिवाली के दिन सिख धर्म के अनुयायी बंदी छोड़ दिवस मनाते हैं। सिखों के छठे गुरु श्री गुरु हरगोबिंद साहिब को ग्वालियर के किले में कैद किया गया था। वहां 52 हिंदू राजा पहले से ही कैद थे। गुरु हरगोबिंद साहिब ने 52 राजाओं को मुगलों की कैद से मुक्ति दिलाई थी। उसी की खुशी में बंदी छोड़ दिवस मनाया जाता है। बड़ी संख्या में संगत ने गुरुद्वारा साहिब में पहुंचकर मोमबत्तियां जलाई।
सेक्टर 22 के गुरुद्वारा स्थापना कमेटी के महासचिव गुरजोत सिंह साहनी ने बताया कि गुरुद्वारा साहिब में संगतों ने दीप मालाएं की। बंदी छोड़ दिवस पर मोमबत्तियां जलाई गई।